September 2, 2026

भूखा-नंगा पाकिस्तान हैशटैग से खाद्य संकट तक... महंगाई ने छोटी कर दी अवाम की थाली, PBS के आंकड़ों ने चौंकाया

पाकिस्तान में आर्थिक संकट और महंगाई का असर अब सीधे लोगों की थाली पर दिखाई दे रहा है. पाकिस्तानियों को अब पहले से कम खाना पड़ रहा है और खाने की गुणवत्ता भी कम हो रही है, क्योंकि परिवारों के लिए पहले जितना भोजन खरीदना संभव नहीं रह गया है. दरअसल, कुछ साल पहले पाकिस्तान में गेहूं संकट के दौरान सोशल मीडिया पर #BhookaNangaPakistan जैसे हैशटैग चर्चा में आए थे. अब पाकिस्तान में खाद्य संकट गहरा गया है.

पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स यानी PBS के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले छह वर्षों में शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में लगभग सभी प्रमुख खाद्य श्रेणियों की खपत में गिरावट आई है.पाकिस्तान में महंगाई और कम होती खरीद क्षमता का असर परिवारों की रोजमर्रा की खाने की आदतों पर पड़ा है. परिवार अब रोटी का आकार छोटा कर रहे हैं, महीने में कम बार मांस पका रहे हैं और बच्चों को कम दूध दे रहे हैं. यहां तक कि रोजाना पी जाने वाली चाय के कपों की संख्या भी कम हो रही है. यानी संकट सिर्फ बाजार में खाद्य पदार्थों की कीमत बढ़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर लोगों की खाने की आदतों पर पड़ रहा है.

2019 से खाद्य असुरक्षा में बड़ा इजाफा

पाकिस्तान के सामाजिक संकेतक भी चिंता बढ़ाने वाले हैं. आंकड़ों के मुताबिक, 2019 में 15.92 फीसदी पाकिस्तानी परिवार मध्यम से गंभीर खाद्य असुरक्षा की श्रेणी में थे. 2025 तक यह आंकड़ा बढ़कर 24.35 फीसदी हो गया. वहीं, गंभीर खाद्य असुरक्षा झेलने वाले परिवारों की हिस्सेदारी भी 2.37 फीसदी से बढ़कर 5.04 फीसदी हो गई. इसका मतलब है कि पाकिस्तान में बड़ी संख्या में परिवारों को पर्याप्त और पौष्टिक भोजन हासिल करने में मुश्किल हो रही है.

पाकिस्तान में अनाज की कमी नहीं, समस्या महंगाई

इस संकट की एक बड़ी वजह यह नहीं है कि पाकिस्तान में खाद्यान्न का उत्पादन नहीं हो रहा. पाकिस्तान गेहूं और चावल का उत्पादन करता है. देश में पोल्ट्री, अंडे और दूध का भी बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है. मांस का निर्यात भी किया जाता है. लेकिन असली समस्या है खाने की चीजों की कीमत और लोगों की घटती खरीद क्षमता. महंगाई ने परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है. ऐसे में लोग अपनी जरूरतों को कम कर रहे हैं और सबसे पहले खाने-पीने की मात्रा और गुणवत्ता में कटौती कर रहे हैं.

भूखा-नंगा पाकिस्तान से फिर खाद्य संकट तक

कुछ साल पहले पाकिस्तान में गेहूं संकट के दौरान सोशल मीडिया पर #BhookaNangaPakistan जैसे हैशटैग चर्चा में आए थे. 2023-24 के गेहूं संकट के बाद अब खाद्य सुरक्षा को लेकर नई चिंता सामने आ रही है. पाकिस्तान की चुनौती सिर्फ खाना पैदा करने की नहीं, बल्कि आम लोगों तक उसे सस्ती कीमत पर पहुंचाने की है. अगर महंगाई और कम होती खरीद क्षमता का दबाव जारी रहा, तो खाद्य असुरक्षा और कुपोषण की समस्या और गंभीर हो सकती है.

अंजू निर्वाण

अंजू निर्वाण

अंजू निर्वाण भारत की लीडिंग डिफेंस पत्रकारों में से एक हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक मामलों पर अपनी सटीक रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जानी जाती हैं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में दो दशकों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने इंडिया टीवी, न्यूज़ 24, ज़ी न्यूज़, इंडिया न्यूज़, ईटीवी और रिपब्लिक भारत जैसे प्रमुख समाचार चैनलों में रिपोर्टर, एंकर, प्रोड्यूसर और खोजी पत्रकार के रूप में काम किया है. सितंबर 2022 से अंजू निर्वाण टीवी9 भारतवर्ष में एसोसिएट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं, जहां वह रक्षा मामलों की कवरेज का नेतृत्व करती हैं, भारत के सैन्य आधुनिकीकरण, नौसेना की प्रगति, मिसाइल प्रणालियों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर कवरेज करती हैं. अंजू निर्वाण ने युद्ध क्षेत्रों से रिपोर्टिंग की है, अग्रिम पंक्ति के सैन्य अभ्यासों को कवर किया है और शीर्ष रक्षा अधिकारियों के इंटरव्यू किए हैं.

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