डिजिटल पेमेंट्स प्लेटफॉर्म PayPal ने भारत में बड़े पैमाने पर छंटनी की है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने अपने भारतीय कार्यबल के लगभग 10 प्रतिशत यानी करीब 600 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है. यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब PayPal वैश्विक स्तर पर पुनर्गठन के दौर से गुजर रही है और अन्य देशों में भी इसी तरह की नौकरियां घटाई जा रही हैं.
PayPal ने इस मामले पर सफाई जारी करते हुए कहा है कि 31 अगस्त 2026 तक भारत में उसकी टीमों के केवल 220 कर्मचारी (लगभग 4 प्रतिशत) ही इस बदलाव से प्रभावित हुए हैं. PayPal के प्रवक्ता ने कहा कि हालिया बदलाव हमारे वैश्विक परिचालन को सरल बनाने, काम में तेजी लाने और कंपनी को लंबी अवधि के विकास के लिए तैयार करने की बहु-वर्षीय योजना का हिस्सा हैं. ऐसे फैसले कभी आसान नहीं होते. हम अपने कर्मचारियों पर पड़ने वाले असर को समझते हैं और इस कठिन समय में उनका सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
Moneycontrol की रिपोर्ट के अनुसार, PayPal ने चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद स्थित दफ्तरों से टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, ऑपरेशन्स, पेमेंट्स और फाइनेंस जैसी कई टीमों से नौकरियों में कटौती की है. इस छंटनी से पहले भारत में PayPal के कुल 6,000 से ज्यादा कर्मचारी कार्यरत थे. वहीं, बिज़नेस लाइन की एक अन्य रिपोर्ट का दावा है कि इस पुनर्गठन प्रक्रिया के पूरा होने तक भारत में PayPal के कुल कार्यबल का 25 प्रतिशत (लगभग 1,500 कर्मचारी) प्रभावित हो सकता है.
कर्मचारियों का आरोप: बिना नोटिस सीधे कॉल पर ली गई नौकरी
रिपोर्ट्स में प्रभावित कर्मचारियों के हवाले से बताया गया है कि कंपनी ने बिना किसी पूर्व चेतावनी या नोटिस के अचानक एक कॉल के जरिए उन्हें निकालने का फरमान सुना दिया. एक प्रभावित कर्मचारी ने बताया कि हमें कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी. हमें सोमवार सुबह (31 अगस्त) एक मीटिंग कॉल में शामिल होने का न्योता मिला, जिसमें देश भर के अलग-अलग दफ्तरों के कई कर्मचारी जुड़े थे. वहां हमें सीधे बता दिया गया कि हमें निकाला जा रहा है. कॉल खत्म होते ही तुरंत हमारे सभी सिस्टम एक्सेस बंद कर दिए गए.
कर्मचारी ने आगे कहा, 'इसके बाद हमें केवल ऑफ-बोर्डिंग प्रक्रिया से जुड़ा एक ईमेल मिला. हमें जॉब असिस्टेंस और एक महीने के वेतन के रूप में सेवरेंस पे (Severance Pay) का वादा किया गया है, लेकिन फुल एंड फाइनल सेटलमेंट को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है.' वहीं, एक अन्य कर्मचारी ने बताया कि उन्हें 31 अगस्त को सीधे एक ईमेल प्राप्त हुआ जिसमें उन्हें नौकरी से निकाले जाने की सूचना दी गई थी.
वैश्विक स्तर पर भी छंटनी की तैयारी
भारत में हुई यह छंटनी PayPal की वैश्विक पुनर्गठन नीति का ही हिस्सा है. इस साल की शुरुआत में आई खबरों के मुताबिक, PayPal ने एक बहु-वर्षीय योजना तैयार की है जिसके तहत दुनिया भर में उसके कुल कार्यबल में 20 प्रतिशत तक की कटौती की जानी है. 31 दिसंबर 2025 तक PayPal के पास दुनिया भर में लगभग 23,800 कर्मचारी थे, जिसका सीधा मतलब है कि इस फैसले से करीब 4,760 नौकरियां प्रभावित होंगी.
खबरों के मुताबिक, PayPal यह छंटनी अलग-अलग चरणों में कर रहा है. इसकी शुरुआत एशिया-पैसिफिक क्षेत्र (जिसमें भारत शामिल है) से हुई, जिसके बाद अमेरिका, यूरोप, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका के प्रभावित कर्मचारियों के साथ बैठकें की गईं. आयरलैंड में भी इसी दिन करीब 164 कर्मचारियों (वहां के कुल कार्यबल का 12%) को निकाल दिया गया, जबकि इजराइल में कंपनी ने अपने 25 प्रतिशत कर्मचारियों (लगभग 70 लोग) को बाहर कर दिया है.
कंपनी ने इस साल मई में कहा था कि उसका लक्ष्य इस पुनर्गठन प्रक्रिया के माध्यम से कम से कम 1.5 बिलियन डॉलर की ग्रॉस रन-रेट बचत हासिल करना है.
टेक सेक्टर में थम नहीं रहा छंटनी का दौर
सिर्फ PayPal ही नहीं, बल्कि दुनिया की कई अन्य दिग्गज टेक कंपनियां भी बड़े पैमाने पर छंटनी कर रही हैं. उबर (Uber) ने भी वैश्विक स्तर पर 3,300 नौकरियां घटाने का ऐलान किया है, ताकि बचे हुए पैसों को सेल्फ-ड्राइविंग कारों जैसी नई तकनीकों में निवेश किया जा सके. इसके अलावा, ओरेकल (Oracle) भी जल्द ही करीब 10,000 कर्मचारियों को बाहर करने की तैयारी में है, जबकि वह इस साल की शुरुआत में ही 32,000 लोगों को निकाल चुकी है.
layoffs.fyi के आंकड़ों के मुताबिक, केवल इस साल अब तक वैश्विक टेक सेक्टर में 1,28,000 से ज्यादा नौकरियां जा चुकी हैं, जो पिछले पूरे साल के आंकड़े (लगभग 1,22,000) से कहीं अधिक है.
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रिपोर्ट: अरमान अग्रवाल