September 11, 2026

Patna Jal Bhawan Raid: एसवीयू का बड़ा छापा, 3 करोड़ की काली कमाई के आरोप में अधीक्षण अभियंता राजेंद्र कुमार पर शिकंजा - Haribhoomi

पटना के जल भवन और अन्य ठिकानों पर विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने छापा मारा है। अधीक्षण अभियंता राजेंद्र कुमार पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज है।

Patna Jal Bhavan raid

पटना के जल भवन और अन्य ठिकानों पर विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने छापा मारा है।

  • Published: 11 Sep 2026, 03:53 PM IST
  • Last Updated: 11 Sep 2026, 03:53 PM IST

Patna Jal Bhavan raid: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विशेष निगरानी इकाई (SVU) की टीम ने भ्रष्टाचार के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए लघु जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता राजेंद्र कुमार के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है।

पटना स्थित विभाग के मुख्य कार्यालय 'जल भवन' सहित कुल पांच अलग-अलग ठिकानों पर एसवीयू की पांच अलग-अलग टीमें एक साथ छानबीन कर रही हैं। आरोपी अभियंता पर उनकी वैध आय से 100 प्रतिशत से अधिक यानी करीब 3 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति अवैध तरीके से जुटाने का गंभीर आरोप है।

कई ठिकानों पर खंगाले जा रहे दस्तावेज
विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी अधीक्षण अभियंता लघु जल संसाधन विभाग के मुख्यालय स्थित अनुश्रवण प्रभाग के अतिरिक्त प्रभार पर भी तैनात हैं। जांच एजेंसी को पुख्ता सूचना मिली थी कि राजेंद्र कुमार ने अपने पद का दुरुपयोग कर अकूत संपत्ति बनाई है।

एसवीयू के मुताबिक, उन्होंने महाराष्ट्र के मुंबई स्थित पनवेल इलाके में करीब 75 डिसमिल जमीन में भारी निवेश किया है, जिसकी मौजूदा बाजार कीमत लगभग 1.75 करोड़ रुपये आंकी गई है। फिलहाल एसवीयू की पांचों टीमें उनकी चल-अचल संपत्तियों के कागजात और आय के स्रोतों की बारीकी से जांच कर रही हैं। इस अचानक हुई कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मच गया है।

भ्रष्टाचार पर सरकार की जीरो टॉलेरेंस नीति
राज्य में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ लगातार हो रही इस तरह की सख्त कार्रवाई को लेकर सरकार का रुख बेहद स्पष्ट रहा है। प्रशासन का मानना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा स्थापित सुशासन की नींव को पूरी मजबूती से कायम रखा जाएगा। सरकार की भ्रष्टाचार और अपराध के मामलों में 'जीरो टॉलेरेंस' (Zero Tolerance) की नीति रही है, जिसके तहत भ्रष्ट गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा जाता रहेगा।

एक दिन पहले महिला आयकर अधिकारी 15 हजार घूस लेते गिरफ्तार
राजधानी पटना में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे ठीक पहले गुरुवार को भी सीबीआई (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की थी। केंद्रीय जांच एजेंसी ने पटना कार्यालय में तैनात महिला आयकर अधिकारी सुनंदा कुमार को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। उनके साथ रिश्वत के इस खेल में सहयोग करने वाले विभाग के एक क्लर्क के भी पकड़े जाने की बात सामने आई है।

आरोप था कि इस महिला अधिकारी ने आयकर छूट से जुड़ा एक प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में 'श्रवण ज्योति विवेकानंद संस्थान' नामक एनजीओ (NGO) से कुल 75 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। पीड़ित एनजीओ ने इस मामले की शिकायत सीधे सीबीआई से कर दी थी, जिसके बाद केंद्रीय एजेंसी ने आयकर गोलंबर के पास स्थित कार्यालय में जाल बिछाकर क्लर्क के जरिए घूस लेते हुए दोनों आरोपियों को दबोच लिया। फिलहाल सीबीआई दोनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है।