July 20, 2026

Parliament Monsoon Session: मानसून सत्र में पांच नए बिल पेश करेगी सरकार, विवादित मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार हंगामे के आसार - Haribhoomi

सद का मानसून सत्र सोमवार से बेहद हंगामेदार माहौल के बीच शुरू होने जा रहा है। इस सत्र में जहां एक ओर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में 'वंदे मातरम' को राष्ट्रगान का दर्जा देने से जुड़ा ऐतिहासिक विधेयक पेश करने जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्ष पेपर लीक और राम मंदिर में चढ़ावा चोरी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर चुका है।

Parliament Monsoon Session 202

र्वदलीय बैठक में सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही को शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से चलाने में सहयोग देने की अपील की है, लेकिन कई मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में भारी टकराव होने के पूरे आसार हैं।

  • Published: 20 Jul 2026, 09:02 AM IST
  • Last Updated: 20 Jul 2026, 09:16 AM IST

संसद के मानसून सत्र का आगाज सोमवार सुबह से हो रहा है, जिसको लेकर देश के राजनीतिक गलियारों में सरगर्मियां बेहद तेज हो गई हैं। यह सत्र विधायी और राजनीतिक दोनों ही दृष्टिकोणों से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ जहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 'वंदे मातरम' को राष्ट्रगान के रूप में घोषित करने और इसे राष्ट्रीय प्रतीकों के समान दर्जा देने वाला विधेयक पेश करेंगे।

वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दलों ने हाल ही में हुए नीट (NEET) सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों और अयोध्या के राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी के बड़े विवाद को लेकर सदन के भीतर भारी हंगामा करने की पूरी रणनीति तैयार कर ली है। सत्र के दौरान सरकार द्वारा पांच नए महत्वपूर्ण विधेयकों को चर्चा और पारित कराने के लिए दोनों सदनों के पटल पर रखा जाएगा:-

 नया आयकर संशोधन विधेयक
इस सत्र के विधायी एजेंडे में सरकार का सबसे मुख्य फोकस इनकम टैक्स सिस्टम में आमूलचूल बदलाव करने पर रहेगा। आयकर से जुड़े नए कानूनी प्रावधानों के जरिए वर्तमान टैक्स स्लैब को अधिक सरल और पारदर्शी बनाया जाएगा। इसका सीधा उद्देश्य देश के मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा करदाताओं को प्रशासनिक जटिलताओं से बड़ी राहत देना और टैक्स फाइलिंग की प्रक्रिया को सुगम करना है।

सुप्रीम कोर्ट संशोधन विधेयक
देश की न्यायपालिका की शीर्ष संस्था में प्रशासनिक और ढांचागत सुधार करने के उद्देश्य से सरकार यह दूसरा विधेयक पेश करने जा रही है। इस विधेयक के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों की बढ़ती संख्या को तेजी से निपटाने के लिए जजों की संख्या में बदलाव और केस लिस्टिंग की प्रक्रिया को आधुनिक व पारदर्शी बनाने के प्रावधान शामिल किए जा सकते हैं।

जन्म और मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक
नागरिकों की सुविधा और सरकारी डेटा को अधिक सटीक बनाने की दिशा में तकनीकी सुधार करते हुए सरकार जन्म-मृत्यु पंजीकरण से जुड़ा यह नया संशोधन विधेयक पटल पर रखेगी। इसका मुख्य एजेंडा देश में जन्म और मृत्यु के प्रमाणीकरण की पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल करना है, जिससे आम नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कोई प्रशासनिक अड़चन न आए।

राष्ट्रीय सम्मान और अपमान निवारण विधेयक
राष्ट्र की संप्रभुता और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को सर्वोपरि रखते हुए सरकार यह चौथा नया विधेयक सदन के पटल पर रखने जा रही है। इस कानून का मुख्य उद्देश्य 'वंदे मातरम' और अन्य राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान की घटनाओं पर पूरी तरह लगाम लगाना है। इसके तहत जानबूझकर किए गए अपमान या अवमानना के मामलों में भारी जुर्माने के साथ-साथ सख्त दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई का कड़ा प्रावधान किया गया है।

एमएसएमई रिफॉर्म्स बिल
देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) सेक्टर को वित्तीय संकट से उबारने के लिए सरकार यह पांचवां विशेष रिफॉर्म बिल ला रही है। इस विधेयक के माध्यम से छोटे और कुटीर उद्योग चलाने वाले व्यापारियों को बैंकों से आसानी से लोन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही, व्यापार करने के पुराने नियमों में ढील देकर 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को जमीनी स्तर पर बढ़ावा दिया जाएगा।

विपक्ष के तेवर और जोरदार हंगामा
सत्र के पहले ही दिन से विपक्ष ने विभिन्न ज्वलंत मुद्दों को लेकर सदन के भीतर सरकार की चौतरफा घेराबंदी करने का मन बना लिया है। विपक्षी सांसदों के मुताबिक, वे हाल ही में सामने आए नीट (NEET) परीक्षा के बड़े पेपर लीक घपले, युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी, आवश्यक खाद्य वस्तुओं की बढ़ती महंगाई और हाल ही में अयोध्या के भव्य राम मंदिर परिसर में वीआईपी और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बीच हुई चढ़ावा चोरी के संवेदनशील मामले पर कार्यस्थगन प्रस्ताव देकर तुरंत चर्चा की मांग करेंगे।

हालांकि संसदीय कार्य मंत्री ने सर्वदलीय बैठक में सभी से सहयोग की अपील की थी, लेकिन इन विवादित विषयों पर दोनों ही सदनों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और भारी गतिरोध होना लगभग तय है।