September 7, 2026

Parenting Tips: बच्चे की गलती पर मारना-डांटना सही नहीं, अपनाएं ये 5 तरीके; व्यवहार सुधारने में मिलेगी मदद - Haribhoomi

Parenting Tips: बच्चों से गलती होना उनके सीखने और बढ़ने का हिस्सा है। हर गलती पर डांट बच्चों को जिद्दी बना सकती है। जानें बच्चे की गलती सुधारने और अच्छे व्यवहार को बढ़ावा देने के 5 आसान तरीके।

Parenting Tips

बच्चे को अनुशासन सिखाने के 5 सही तरीके(AI generated)

  • Published: 07 Sep 2026, 10:38 AM IST
  • Last Updated: 07 Sep 2026, 10:38 AM IST

Parenting Tips:  बच्चों की शरारत या जिद देखकर कई बार माता-पिता गुस्से में डांटने या सजा देने लगते हैं। लेकिन अनुशासन सिखाने का तरीका ऐसा होना चाहिए, जिससे बच्चा डरने के बजाय अपनी गलती समझे और धीरे-धीरे सही व्यवहार करना सीखे। बच्चों से गलती होना उनके सीखने और बढ़ने का हिस्सा है।

ऐसे में हर छोटी गलती पर तेज आवाज में डांटना, डराना या शारीरिक सजा देना बच्चे के व्यवहार को सुधारने के बजाय उसे और जिद्दी या डरा हुआ बना सकता है। जानें बच्चे की गलती सुधारने और अच्छे व्यवहार को बढ़ावा देने के 5 आसान तरीके।

1. मारने या शारीरिक सजा देने से बचें
बच्चे को गलती पर मारना अनुशासन सिखाने का सही तरीका नहीं है। इससे बच्चा कुछ समय के लिए शांत हो सकता है, लेकिन उसे अपनी गलती की वजह समझ नहीं आती। इसके बजाय उसे बताएं कि उसने क्या गलत किया और अगली बार क्या करना चाहिए।

2. हर बात पर चिल्लाने से बचें
बच्चे की गलती पर बार-बार चिल्लाने से वह डर सकता है या माता-पिता से अपनी बात छिपाने लग सकता है। शांत आवाज में बात करके उसे अपनी गलती समझाने की कोशिश करें।

3. डर दिखाकर बात मनवाना छोड़ें
“पुलिस बुला दूंगी”, “भूत आ जाएगा” या किसी दूसरी चीज का डर दिखाकर बच्चे को चुप कराना आसान लग सकता है, लेकिन इससे उसके मन में डर बैठ सकता है। बेहतर है कि उसे नियम और उसके पीछे की वजह सरल शब्दों में समझाई जाए।

 हर बात पर चिल्लाने से बचें
हर बात पर चिल्लाने से बचें

4. अच्छे व्यवहार की तारीफ करें
बच्चा जब कोई अच्छा काम करे या अपनी गलती सुधारने की कोशिश करे, तो उसकी तारीफ जरूर करें। छोटी-सी शाबाशी भी बच्चे को सही व्यवहार दोहराने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है।

5. प्यार से समझाएं और नियम तय करें
बच्चे को अनुशासन सिखाने का सबसे अच्छा तरीका सिर्फ डांटना नहीं, बल्कि उसे समझाना भी है। घर में कुछ आसान और स्पष्ट नियम बनाएं और उन्हें लगातार एक जैसे तरीके से लागू करें। इससे बच्चे को पता रहता है कि उससे क्या उम्मीद की जा रही है।

बच्चे को अनुशासन सिखाने का मकसद क्या हो?
अनुशासन का मतलब बच्चे को डराकर चुप कराना नहीं है। इसका मकसद उसे सही और गलत के बीच अंतर समझाना, अपनी भावनाओं को संभालना और जिम्मेदारी लेना सिखाना है। इसलिए गलती होने पर पहले बच्चे को शांत करें, फिर उसकी बात सुनें और उसके बाद सही व्यवहार के बारे में समझाएं।

(Disclaimer): यह लेख सामान्य पैरेंटिंग जानकारी के लिए है। हर बच्चा अलग होता है, इसलिए गंभीर व्यवहार संबंधी परेशानी होने पर बाल विशेषज्ञ या काउंसलर की सलाह लेना बेहतर है।

यह भी पढ़ें: बच्चों के लिए क्यों खास है रागी? हड्डियों-दांतों से लेकर आयरन तक, जानें 5 फायदे