इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान क्रिकेट टीम की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। लॉर्ड्स टेस्ट में हार के बाद सात खिलाड़ियों को बाहर करने और कोचिंग स्टाफ में बदलाव के बाद अब PCB ने टीम के अनुशासन और आचरण को लेकर आंतरिक जांच शुरू कर दी है। इस घटनाक्रम ने पाकिस्तान क्रिकेट में एक बार फिर फिक्सिंग की चर्चाओं को हवा दे दी है।
पाकिस्तान क्रिकेट में फिक्सिंग का साया?
- Published: 07 Sep 2026, 08:14 PM IST
- Last Updated: 07 Sep 2026, 08:14 PM IST
pakistan cricket match fixing allegations: इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान क्रिकेट टीम में मचा घमासान अब जांच तक पहुंच गया है। लॉर्ड्स टेस्ट में 194 रन की करारी हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने खिलाड़ियों के अनुशासन और आचरण को लेकर आंतरिक जांच शुरू कर दी है। PCB के प्रवक्ता आमिर मीर ने सोमवार, 7 सितंबर को इसकी पुष्टि की। हालांकि, बोर्ड ने यह नहीं बताया कि जांच किस खिलाड़ी या किस घटना को लेकर है।
आमिर मीर ने कहा कि PCB ने मीडिया रिपोर्ट्स के बाद आंतरिक अनुशासनात्मक जांच शुरू की है। उन्होंने साफ किया कि पूरी प्रक्रिया बोर्ड के नियमों के तहत होगी और संबंधित सभी लोगों का पक्ष ध्यान में रखा जाएगा।
The Pakistan Cricket Board has initiated an internal disciplinary inquiry following media reports concerning discipline and conduct, which are currently being reviewed internally. The PCB handles such matters in accordance with its standard procedures. The process is being…
— Amir Mir (@AmirMirpcb) September 7, 2026
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब पाकिस्तान टीम में पहले ही बड़ा फेरबदल हो चुका है। इंग्लैंड ने पहले टेस्ट में पाकिस्तान को पारी और 103 रन से हराया था। इसके बाद लॉर्ड्स में पाकिस्तान को 194 रन से हार मिली और इंग्लैंड ने सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली।
एक साथ बड़ी कार्रवाई से भी शक
दूसरे टेस्ट के बाद PCB ने मोहम्मद रिजवान, सलमान अली आगा, इमाम-उल-हक, अली उस्मान, खुर्रम शहजाद, आमिर जमाल और मोहम्मद आवैस जफर को टीम से बाहर कर दिया। वहीं हेड कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल की भी छुट्टी कर दी गई। इनकी जगह सात खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया गया। इनमें सैम अयूब और अब्दुल्ला फजल जैसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल चुके खिलाड़ी शामिल हैं। पांच खिलाड़ी अभी इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू नहीं कर पाए हैं।
डायरेक्टर ने ही उठाए सवाल
मामला तब और गरमा गया जब PCB के हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर आकिब जावेद ने इमाम-उल-हक की चोट पर सवाल उठाए। लॉर्ड्स टेस्ट में इमाम को मामूली कैल्फ इंजरी हुई थी और वह दोनों पारियों में बल्लेबाजी नहीं कर सके। आकिब ने कहा कि मांसपेशियों की ऐसी चोट बल्लेबाजी से पूरी तरह रोक दे, यह सवाल खड़ा करता है। उन्होंने इमाम के खिलाफ जांच की बात भी कही।
इसी बीच पाकिस्तान की कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि टीम में हुए बदलावों के पीछे सिर्फ खराब प्रदर्शन नहीं, बल्कि क्रिकेट से ज्यादा कुछ कारण हो सकते हैं। एक अन्य रिपोर्ट में कुछ खिलाड़ियों के मोबाइल फोन PCB के पास जमा होने की बात कही गई। हालांकि बोर्ड ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इन खबरों के बीच 2010 के लॉर्ड्स स्पॉट-फिक्सिंग कांड की यादें भी ताजा हो गई हैं। उस समय सलमान बट, मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमिर को जानबूझकर नो-बॉल कराने के मामले में सजा मिली थी।
हालांकि, मौजूदा जांच को PCB ने मैच फिक्सिंग से नहीं जोड़ा है। बोर्ड ने सोशल मीडिया पर चल रहे अपुष्ट दावों पर भरोसा न करने की अपील की है। फिलहाल जांच जारी है और यह साफ नहीं है कि इसका अंत किस कार्रवाई के साथ होगा।