October 9, 2026

महिला सरपंच की शिकायत...सचिव मोबाइल छीनकर OTP डालता है: गांव में 40 लाख के काम, लेकिन दिखते नहीं, सीईओ ने दिए जांच के आदेश - Jabalpur News

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यह कहना है झलौन गांव की महिला सरपंच लक्ष्मी बाई का। निर्विरोध चुनी गई लक्ष्मी बाई कहती हैं कि सरपंच बने चार साल से ज्यादा हो गए। 40 लाख रुपए से अधिक के काम हो चुके हैं, लेकिन वे कहीं नजर नहीं आते। पूछने पर धमकी दी जाती है। इससे अच्छा तो मैं सरपंच ही नहीं बनती।

डिप्टी कलेक्टर को सुनाई फरियाद

गुरुवार को लक्ष्मी बाई गांव से करीब 55 किलोमीटर दूर कलेक्ट्रेट पहुंचीं और कलेक्टर के नाम डिप्टी कलेक्टर को शिकायत सौंपी। उन्होंने गांव के सचिव पुष्पराज सिंह लोधी पर मनमानी करने, सरकारी राशि के इस्तेमाल में गड़बड़ी और धमकाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) अभिषेक गहलोत ने गंभीरता से लेते हुए जांच कराने की बात कही है।

जबलपुर जिला पंचायत जाकर शिकायत करती हुए महिला सरपंच।

जबलपुर जिला पंचायत जाकर शिकायत करती हुए महिला सरपंच।

मोबाइल लेकर OTP डालने का आरोप

महिला सरपंच का आरोप है कि गांव के विकास कार्यों और सरकारी राशि के लेन-देन पर सचिव का नियंत्रण है। सचिव उनके घर आकर मोबाइल ले लेता है और उसमें आने वाले ओटीपी का इस्तेमाल करता है। इसके बाद वह मोबाइल लौटाकर चला जाता है। सरपंच के मुताबिक, उन्हें यह तक पता नहीं चल पाता कि विकास कार्यों के लिए सरकारी राशि कब खाते में आती है और कब निकाल ली जाती है।

लक्ष्मी बाई का कहना है कि गांव में चार साल से अधिक समय में 40 लाख रुपए से ज्यादा के विकास कार्यों की राशि खर्च होने की बात सामने आई है, लेकिन मौके पर काम दिखाई नहीं देते। जब उन्होंने इस संबंध में सवाल उठाए तो उन्हें कथित तौर पर धमकाया गया।

व्यापारी से खरीदारी और बिलों में गड़बड़ी का आरोप

शिकायत में महिला सरपंच ने गांव के व्यापारी संदीप जैन का भी जिक्र किया है। उनका आरोप है कि सचिव गांव के विकास कार्यों के लिए सीमेंट, लोहा, गिट्टी और अन्य निर्माण सामग्री इसी व्यापारी से खरीदना बताता है। सरपंच के मुताबिक, सामग्री के बिल वास्तविक लागत से कई गुना अधिक राशि के बनाए जाते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि बिलों में कथित गड़बड़ी का विरोध करने पर उन्हें और गांव के कुछ पंचों को धमकियों का सामना करना पड़ा। सरपंच का दावा है कि कई बार बिल तैयार होने के बाद मोबाइल पर ओटीपी आने पर दबाव बनाकर उनसे हस्ताक्षर भी करवाए गए।

शिकायत पत्र में लगाए कई गंभीर आरोप।

शिकायत पत्र में लगाए कई गंभीर आरोप।

‘पढ़ी-लिखी नहीं हो, ज्यादा दिमाग मत लगाओ’

लक्ष्मी बाई के मुताबिक, जब उन्होंने सचिव की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए तो उन्हें कथित तौर पर यह कहकर चुप कराने की कोशिश की गई कि वह पढ़ी-लिखी नहीं हैं और ज्यादा दिमाग न लगाएं। सरपंच ने जब कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ से शिकायत करने की बात कही, तो आरोप है कि सचिव ने जवाब दिया कि उसका कुछ नहीं बिगड़ेगा और जहां शिकायत करना है, कर दें।

महिला सरपंच ने यह भी आरोप लगाया कि सचिव पुष्पराज सिंह लोधी का प्रभाव गांव में इतना अधिक है कि वह अपनी मर्जी से काम करवाता है। उन्होंने दावा किया कि गांव में हुए विकास कार्यों और उनके नाम पर प्रस्तुत बिलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कथित अनियमितताएं सामने आ सकती हैं।

पहले भी फायरिंग के मामले में निलंबन का दावा

शिकायतकर्ता ने सचिव पर आरोप लगाते हुए कहा कि करीब चार साल पहले गांव में एक कार्यक्रम के दौरान फायरिंग की घटना के बाद उसे निलंबित भी किया गया था। सरपंच के अनुसार, सचिव कथित तौर पर अपने प्रभाव का हवाला देते हुए कहता है कि उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

सचिव पृष्पराज सिंह जिस पर सरपंच ने आरोप लगाए।

सचिव पृष्पराज सिंह जिस पर सरपंच ने आरोप लगाए।

जिला पंचायत सीईओ ने जांच का दिया भरोसा

महिला सरपंच की शिकायत पर जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत ने इसे गंभीर मामला बताया है। उन्होंने कहा कि शिकायत की जांच कराई जाएगी और इसकी जिम्मेदारी शहपुरा जनपद पंचायत के सीईओ को सौंपी जा रही है।

सीईओ के मुताबिक, जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित सचिव के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि गांव के विकास कार्यों, सरकारी राशि के इस्तेमाल और बिलों को लेकर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।