August 28, 2026

Odisha: रक्षाबंधन पर राज्य की 1.03 करोड़ महिलाओं को मिले ₹5,000, CM माझी बोले- “महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है सुभद्रा योजना”

नयागढ़ में इस पांचवीं किस्त के तहत 2,33,585 पात्र महिलाओं को 116.80 करोड़ रुपये की सहायता जारी की गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सुभद्रा योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भरता और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर दे रही है.

नयागढ़ में इस पांचवीं किस्त के तहत 2,33,585 पात्र महिलाओं को 116.80 करोड़ रुपये की सहायता जारी की गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सुभद्रा योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भरता और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर दे रही है.

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ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गहमा पूर्णिमा और रक्षाबंधन के अवसर पर राज्य की महिलाओं को बड़ा तोहफा देते हुए सुभद्रा योजना की पांचवीं किस्त जारी की है. इसके तहत उन्होंने राज्य की 1,03,26,162 पात्र महिला लाभार्थियों के बैंक खातों में 5,000 रुपये की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से ट्रांसफर किए गए. इस किस्त के तहत सरकार 5,163 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की है.

महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही सुभद्रा योजना - सीएम माझी

नयागढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि सुभद्रा योजना केवल आर्थिक सहायता देने वाली योजना नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के सशक्तिकरण का माध्यम और प्रतीक है. इसका उद्देश्य महिलाओं को अपने फैसले खुद लेने में सक्षम बनाना और उन्हें सामाजिक, राजनीतिक तथा आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है.

गौरतलब है कि सुभद्रा योजना के लिए राज्य सरकार ने हर साल 11,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. योजना के तहत प्रत्येक पात्र महिला को पांच वर्षों में कुल 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी. हर वर्ष 5,000 रुपये की दो किस्तें सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएंगी.

मुख्यमंत्री ने बताया कि करीब 80 प्रतिशत महिलाओं ने सुभद्रा योजना की राशि का इस्तेमाल दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा और विकास के लिए किया है. वहीं 25.52 प्रतिशत महिलाओं ने इस सहायता राशि से अपना व्यवसाय शुरू किया. इनमें सब्जी की खेती, सिलाई, स्टेशनरी की दुकान, बुनाई और डेयरी जैसे स्वरोजगार शामिल हैं.

ओडिशा में 27 लाख महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’

महिलाओं को उद्यमिता के लिए तैयार करने के उद्देश्य से सरकार ने Women Entrepreneurship Platform भी शुरू किया है. इसके जरिए महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, मेंटरशिप, बाजार से जुड़ाव और वित्तीय अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं. अब तक 11,789 सुभद्रा लाभार्थियों को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है. वहीं करीब 27 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं.

महिलाओं और बेटियों के सामाजिक सशक्तिकरण के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री कन्याविवाह योजना और मुख्यमंत्री कन्या सुमंगल योजना भी शुरू की है. कन्या सुमंगल योजना के तहत चालू वित्त वर्ष से जन्म लेने वाली बेटियों को स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद 1,01,000 रुपये की सहायता दी जाएगी.

कुल बजट का 40% महिलाओं पर खर्च 

मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि इस वर्ष ओडिशा के 3.10 लाख करोड़ रुपये के बजट में से 1,22,764 करोड़ रुपये यानी करीब 40 प्रतिशत राशि महिलाओं के लिए खर्च की जाएगी. यह राज्य में महिलाओं के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजटीय प्रावधान है.