August 23, 2026

झालावाड़ नगर परिषद में चुनावी सरगर्मी तेज: OBC के सिर सजेगा सभापति का ताज, जिताऊ चेहरे की तलाश में दोनों दल

नगरीय निकाय चुनाव की घोषणा के साथ झालावाड़ नगर परिषद में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस बार सभापति पद ओबीसी के लिए आरक्षित किया गया है। नगर परिषद के कुल 45 वार्डों में से 9 वार्ड ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित हैं। ऐसे में सभापति पद की दौड़ में इन वार्डों के पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि यदि किसी सामान्य वार्ड से ओबीसी वर्ग का मजबूत उम्मीदवार सामने आता है तो पार्टी उसे भी मैदान में उतार सकती है।



9 और 11 सितंबर को दो चरणों में मतदान


जिले में नगरीय निकाय चुनाव 9 और 11 सितंबर को दो चरणों में होंगे। चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने संभावित प्रत्याशियों से आवेदन लेने और वार्डवार समीकरणों पर मंथन शुरू कर दिया है। झालावाड़ नगर परिषद में कुल 45 वार्ड हैं और इस बार 45 हजार 665 मतदाता अपने पार्षद चुनेंगे। इनमें 23 हजार 108 पुरुष और 22 हजार 556 महिला मतदाता हैं।

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नगर परिषद में भाजपा का बोर्ड


वर्तमान में झालावाड़ नगर परिषद में भाजपा का बोर्ड है। 45 वार्डों में भाजपा के 25 पार्षद, कांग्रेस के 17 पार्षद और 3 निर्दलीय पार्षद हैं। ऐसे में भाजपा के पास मौजूदा बोर्ड में बहुमत है लेकिन नए आरक्षण के बाद सभापति पद के लिए राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं।

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आरक्षण की स्थिति


नगर परिषद के 45 वार्डों में आरक्षण इस प्रकार है:


श्रेणी वार्ड
अनुसूचित जाति (SC) 8
अनुसूचित जनजाति (ST) 1
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) 9
महिला 15
सामान्य 18

सभापति पद ओबीसी के लिए आरक्षित होने के बाद अब भाजपा और कांग्रेस दोनों ऐसे चेहरे तलाश रही हैं जिनका वार्ड स्तर पर मजबूत जनाधार हो और जो बोर्ड के भीतर पर्याप्त समर्थन जुटा सकें।



दावेदारों की तलाश शुरू


आरक्षण की लॉटरी के बाद दोनों प्रमुख दलों की रणनीति बदल गई है। जो नेता पहले सामान्य वर्ग की सीटों को ध्यान में रखकर तैयारी कर रहे थे, उन्हें अब ओबीसी आरक्षण के अनुसार अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ रहा है। भाजपा में सभापति पद के लिए कुछ मजबूत और प्रभावशाली चेहरों के नाम चर्चा में आने लगे हैं। वहीं कांग्रेस में फिलहाल कुछ स्थानीय नेताओं के नामों को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। दोनों ही दल नगर परिषद में अपना सभापति बनाने का दावा कर रहे हैं और इसके लिए वार्ड स्तर पर राजनीतिक जोड़तोड़ भी शुरू हो गई है।



25 साल में चार बार भाजपा का बोर्ड


झालावाड़ नगर परिषद के पिछले 25 वर्षों के इतिहास पर नजर डालें तो यहां अधिकतर समय भाजपा का दबदबा रहा है।


कार्यकाल पार्टी सभापति वार्ड
2005-2010 भाजपा महेश हाड़ा 33
2005-2010 भाजपा नरेंद्र जैन 30
2010-2015 भाजपा उषा यादव 30
2015-2020 कांग्रेस मनीष शुक्ला 35
2021-2026 भाजपा प्रदीप सिंह 45

दिए गए रिकॉर्ड के अनुसार 2005 से 2026 के बीच पांच कार्यकाल में चार बार भाजपा का बोर्ड रहा, जबकि कांग्रेस को केवल एक बार 2015-2020 के दौरान बोर्ड बनाने का मौका मिला।



9 वार्डों पर रहेगी सबसे ज्यादा नजर


सभापति पद ओबीसी के लिए आरक्षित होने के बाद नगर परिषद के 9 ओबीसी वार्ड सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हो गए हैं। इन्हीं वार्डों से जीतकर आने वाले पार्षद सभापति पद की दौड़ में सीधे तौर पर दावेदार बन सकते हैं। हालांकि राजनीतिक दल किसी सामान्य वार्ड से भी ओबीसी वर्ग के मजबूत उम्मीदवार को चुनाव मैदान में उतार सकते हैं। स्थानीय समीकरणों में कश्यप, माली, गुर्जर, प्रजापति, सोनी और कुछ मुस्लिम समाज के संभावित ओबीसी चेहरे भी चर्चा में हैं।



सड़क, पानी और बिजली होंगे प्रमुख मुद्दे


आरक्षण और राजनीतिक समीकरणों के बीच चुनावी मुकाबला सिर्फ जातीय गणित तक सीमित नहीं रहेगा। शहर में सड़क, पेयजल, बिजली, सफाई, सीवरेज और विकास कार्य जैसे स्थानीय मुद्दे भी चुनाव में अहम भूमिका निभा सकते हैं।



अब दोनों दलों के सामने चुनौती ऐसे उम्मीदवार चुनने की है, जो जिताऊ होने के साथ बोर्ड में सभापति पद के लिए पर्याप्त राजनीतिक समर्थन भी जुटा सकें। आने वाले दिनों में टिकट वितरण के साथ झालावाड़ नगर परिषद की सियासत और तेज होने की संभावना है।