
करियर की टेंशन में स्टूडेंट्स
UGC NET जून 2026 परीक्षा को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) एक बार फिर सवालों के घेरे में है. परीक्षा खत्म होने के बाद पेपर में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आईं, लेकिन इन पर कार्रवाई करने में एजेंसी को करीब 45 दिन लग गए. इससे उन हजारों अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ गई है जो NET के नतीजे के आधार पर आगे की पढ़ाई, पीएचडी और असिस्टेंट प्रोफेसर जैसे करियर विकल्पों की तैयारी कर रहे हैं. इससे पहले भी UGC NET की आंसर-की जारी करने में 50 दिन से ज्यादा का समय लग चुका है. छात्रों का कहना है कि NTA की देरी से उनका पूरा एकेडमिक सेशन प्रभावित हो रहा है.
परीक्षा के बाद ही उठने लगे थे सवाल
UGC NET जून 2026 की परीक्षा समाप्त होने के बाद कुछ अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र में गड़बड़ी और कुछ सवालों को लेकर शिकायतें दर्ज कराई थीं. छात्रों की मांग थी कि इन शिकायतों की जल्द जांच की जाए और अगर किसी तरह की गलती सामने आती है तो समय रहते उचित फैसला लिया जाए, लेकिन शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई नहीं होने से छात्रों की परेशानी बढ़ती गई. अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा के बाद हर दिन उनके लिए जरूरी था, क्योंकि NET का रिजल्ट आगे की पढ़ाई और करियर से जुड़ा हुआ है.
शिकायत पर फैसला लेने में करीब 45 दिन
सबसे बड़ा सवाल NTA की निर्णय लेने की प्रक्रिया पर उठ रहा है. छात्रों की ओर से पेपर से जुड़ी शिकायतें सामने आने के बाद भी अंतिम फैसला लेने में करीब 45 दिन लग गए. इतने लंबे इंतजार के दौरान अभ्यर्थियों को यह क्लियर नहीं था कि परीक्षा का रिजल्ट कब आएगा और आगे की प्रक्रिया किस तरह चलेगी.
छात्रों के लिए यह सिर्फ एक परीक्षा का मामला नहीं है. NET क्वालिफाई करने वाले अभ्यर्थियों के लिए आगे पीएचडी, रिसर्च और टीचिंग से जुड़े अवसर खुलते हैं. ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में देरी का सीधा असर उनके अगले कदम पर पड़ता है.
आंसर-की के लिए भी छात्रों को करना पड़ा इंतजार
UGC NET जून 2026 की आंसर-की जारी करने में भी NTA ने 50 दिन से ज्यादा का समय लिया. आंसर-की का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों में लगातार नाराजगी बढ़ रही थी. छात्रों को उम्मीद थी कि परीक्षा के कुछ समय बाद ही आंसर-की जारी कर दी जाएगी ताकि वो अपने संभावित स्कोर का अंदाजा लगा सकें.
लेकिन लंबे इंतजार के बाद भी जब आंसर-की नहीं आई तो छात्रों ने विरोध का रास्ता अपनाने की बात कही. प्रदर्शन का ऐलान होने के बाद आंसर-की जारी की गई. इससे छात्रों के बीच यह सवाल उठा कि क्या किसी परीक्षा से जुड़े जरूरी फैसले के लिए विरोध प्रदर्शन का इंतजार करना जरूरी है.
NTA की देरी से छात्रों का पूरा सेशन प्रभावित
UGC NET की प्रक्रिया में देरी का असर सिर्फ रिजल्ट तक सीमित नहीं है. इसका असर छात्रों के पूरे एकेडमिक कैलेंडर पर पड़ सकता है. कई अभ्यर्थी NET के रिजल्ट के आधार पर पीएचडी में एडमिशन, रिसर्च और दूसरी शैक्षणिक प्रक्रियाओं में शामिल होते हैं. अगर रिजल्ट समय पर जारी नहीं होता है तो छात्रों के पास उपलब्ध विकल्प भी सीमित हो जाते हैं. जिस सेशन में उन्हें एडमिशन मिलना था वह निकल सकता है और उन्हें अगले अवसर का इंतजार करना पड़ सकता है.
करियर को लेकर बढ़ी चिंता
UGC NET की तैयारी करने वाले ज्यादातर छात्र लंबे समय तक मेहनत करते हैं. परीक्षा के बाद उन्हें रिजल्ट का इंतजार रहता है ताकि वो अपने भविष्य की योजना बना सकें, लेकिन जब परीक्षा, आंसर-की और शिकायतों पर फैसले की प्रक्रिया लंबी खिंचती है तो अनिश्चितता बढ़ जाती है. छात्रों का कहना है कि उन्हें यह पता नहीं होता कि रिजल्ट कब आएगा और वो अगले चरण के लिए कब आवेदन कर पाएंगे. इससे तैयारी के साथ-साथ मानसिक दबाव भी बढ़ता है.
NTA की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
UGC NET जून 2026 को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि परीक्षा से जुड़ी शिकायतों पर फैसला लेने में इतना समय क्यों लगा. अगर किसी पेपर को लेकर शिकायतें परीक्षा के तुरंत बाद सामने आ गई थीं तो उनकी जांच और निर्णय की प्रक्रिया जल्द पूरी की जा सकती थी.
छात्र चाहते हैं कि NTA परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाए और शिकायतों के निपटारे के लिए स्पष्ट समयसीमा तय करे. अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा आयोजित करना ही जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समय पर आंसर-की, आपत्तियों का निपटारा और रिजल्ट जारी करना भी उतना ही जरूरी है.
UGC NET जैसे महत्वपूर्ण नेशनल एग्जाम के एग्जाम में देरी का असर सीधे छात्रों के भविष्य पर पड़ता है. इसलिए अभ्यर्थियों की मांग है कि आगे से ऐसी स्थिति न बने और परीक्षा से जुड़ी हर प्रक्रिया तय समयसीमा में पूरी की जाए.

सपना यादव
दिल्ली में जन्मीं सपना यादव TV9 भारतवर्ष डिजिटल में बतौर असिस्टेंट प्रड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता जगत में 4 वर्षों से ज्यादा के अनुभव के साथ काम जारी है. ह्यूमन इंटरेस्ट, राजनीति, वर्ल्ड, एजुकेशन, नॉलेज, करंट अफेयर्स से जुड़ी खबरों में खास दिलचस्पी रखती हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से BA Hons. हिस्ट्री की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने पत्रकारिता को लक्ष्य बनाया, फिर जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा इन टीवी जर्नलिज्म किया, जामिया से ही हिस्ट्री में मास्टर्स भी किया और फिर इसके बाद गुरु जम्बेश्वर साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. मास कम्यूनिकेशन में पत्रकारिता की डिग्री लेने के बाद जमीनी स्तर पर खबरों के महत्व को समझा. इसके बाद उन्होंने बतौर ट्रेनी TV9 भारतवर्ष डिजिटल में एक साल तक काम किया. ट्रेनी के दौरान अलग-अलग तरह की खबरों का अनुभव लेने के बाद TV9 भारतवर्ष डिजिटल में असिस्टेंट प्रड्यूसर के पद पर काम शुरू किया. यहां पर एंकरिंग, वॉइस ओवर, वीडियो प्रोडक्शन, न्यूज राइटिंग जैसे काम किए. इस समय वह एजुकेशन डेस्क पर कार्यरत हैं और स्टूडेंट्स के लिए करियर से जुड़े विकल्पों, बोर्ड परीक्षाओं, नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं और यूनिवर्सिटीज की महत्वपूर्ण जानकारियों को कवर कर रही हैं. सपना यादव को ट्रेवल करना, लिखना- पढ़ना पसंद है और वो प्रकृति को करीब से महसूस करना ज्यादा पसंद करती हैं. पत्रकारिता में सफर अभी जारी है.
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