Published: Friday, August 28, 2026, 21:20 [IST]
NTA Leadership Overhauled: NEET-UG समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उठे सवालों के बीच केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की टीम में बड़ा बदलाव किया है। परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और गड़बड़ियों पर रोक लगाने के लिए चार वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी गई है। इनमें भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के अधिकारी अंशुमान शर्मा को NTA का नया ज्वाइंट सेक्रेटरी बनाया गया है। उनके अलावा एजेंसी में दो डायरेक्टर और एक ज्वाइंट डायरेक्टर की नियुक्ति की गई है।
कार्मिक मंत्रालय ने नए अधिकारियों को तीन सप्ताह के अंदर अपनी नई जिम्मेदारी संभालने का निर्देश दिया है। अफसरों की नई टीम के साथ सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आम लोगों से भी सीधे सुझाव मांगने का फैसला किया है। छात्र, अभिभावक, शिक्षक और आम नागरिक 13 सितंबर 2026 तक अपनी राय भेज सकते हैं।
NTA में चार अफसरों को मिली नई जिम्मेदारी
सरकार ने NTA की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अलग-अलग सिविल सेवाओं के अनुभवी अधिकारियों को जिम्मेदारी दी है। IRS अधिकारी अंशुमान शर्मा को NTA का ज्वाइंट सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति पांच साल या अगले आदेश तक के लिए बताई गई है। हालांकि, शुरुआती आदेश के तहत वह दो साल तक NTA में काम करेंगे। इसके साथ ही IPS अधिकारी रवि कुमार सिंह और IAS अधिकारी प्रसन्ना वेंकटेश वी को NTA में डायरेक्टर बनाया गया है। वहीं 2016 बैच के IRS अधिकारी अमित समदरिया को ज्वाइंट डायरेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है।
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परीक्षा केंद्रों पर बढ़ेगी निगरानी
नई टीम की जिम्मेदारी सिर्फ प्रशासनिक काम तक सीमित नहीं रहेगी। सरकार का फोकस देशभर में परीक्षा केंद्रों की निगरानी और परीक्षा संचालन की व्यवस्था को ज्यादा मजबूत बनाने पर है। नई नियुक्तियों के जरिए परीक्षा से जुड़े कामकाज की मॉनिटरिंग सख्त करने और व्यवस्था में मौजूद कमियों को दूर करने की कोशिश की जाएगी। इसका मकसद परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा भरोसेमंद और पारदर्शी बनाना है।
13 सितंबर तक भेज सकते हैं सुझाव
NTA ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एक उच्चस्तरीय टास्क फोर्स भी बनाई है। इस पहल में सिर्फ अधिकारियों की राय नहीं ली जा रही, बल्कि छात्रों और आम लोगों को भी अपनी बात रखने का मौका दिया गया है। 13 सितंबर 2026 तक छात्र, अभिभावक, शिक्षक और आम नागरिक परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने से जुड़े अपने सुझाव भेज सकते हैं। सरकार ने सुझाव देने के लिए कई माध्यम उपलब्ध कराए हैं। लोग WhatsApp, आधिकारिक वेबसाइट, टोल-फ्री नंबर और ईमेल के जरिए अपनी राय साझा कर सकते हैं।
हिंदी ही नहीं, क्षेत्रीय भाषाओं में भी सुझाव
सुझाव भेजने के लिए भाषा को लेकर भी कोई बड़ी पाबंदी नहीं रखी गई है। लोग अपनी बात हिंदी, अंग्रेजी या किसी भी क्षेत्रीय भाषा में भेज सकते हैं। सरकार का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए अलग-अलग लोगों के अनुभव और सुझाव अहम हो सकते हैं। इसी वजह से इस बार सुधार की प्रक्रिया में जनता को सीधे जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
NEET-UG विवादों के बाद बड़ा कदम
पिछले कुछ समय में NEET-UG समेत कई बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर पेपर लीक और दूसरी गड़बड़ियों के आरोप सामने आए थे। इन विवादों का असर लाखों उम्मीदवारों और उनके परिवारों पर पड़ा और परीक्षा व्यवस्था को लेकर भरोसे पर भी सवाल उठे। इसी के बाद परीक्षा सिस्टम में बड़े बदलाव की मांग तेज हुई। अब सरकार ने NTA में नए अधिकारियों की नियुक्ति के साथ-साथ आम लोगों से सुझाव लेने का रास्ता भी अपनाया है।
नई टीम को परीक्षा केंद्रों की निगरानी, प्रशासनिक व्यवस्था और परीक्षा संचालन को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। आने वाले समय में जनता से मिले सुझावों और टास्क फोर्स की सिफारिशों के आधार पर परीक्षा व्यवस्था में और बदलाव किए जा सकते हैं।
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