खंडेलवाल वैश्य समाज ने नगर निगम चुनाव के टिकट वितरण में अनदेखी का आरोप लगाया है। पानीपेच स्थित खंडेलवाल महासभा भवन में समाज के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। इसमें बीजेपी की ओर से पर्याप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं दिए जाने पर नाराजगी जताई गई। पार्टी के
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समाज के लोगों ने कहा- यह विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि राजनीतिक भागीदारी और सम्मानजनक प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर है।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा- खंडेलवाल समाज लंबे समय से भाजपा का समर्पित और कोर वोटर रहा है। चुनावों में समाज के लोग पार्टी के लिए तन, मन और धन से काम करते हैं। लेकिन जब राजनीतिक भागीदारी की बात आती है तो अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिलता। समाज ने साफ किया कि जहां वैश्य समाज का प्रत्याशी मैदान में होगा। वहां पार्टी नहीं बल्कि समाज के प्रत्याशी को देखा जाएगा। प्रत्याशी भाजपा, कांग्रेस या निर्दलीय किसी भी दल से हो, समाज उसका समर्थन करेगा।
6 विधानसभा क्षेत्रों में टिकट को लेकर नाराजगी
समाज के पूर्व अध्यक्ष उमेश रावत ने कहा- जयपुर की छह विधानसभा क्षेत्रों में खंडेलवाल समाज के योग्य व्यक्तियों को अपेक्षित टिकट नहीं मिले। समाज के प्रतिनिधियों के अनुसार चुनाव से पहले प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और जयपुर शहर भाजपा अध्यक्ष अमित गोयल से मुलाकात कर राजनीतिक भागीदारी की मांग रखी थी। समाज का दावा है कि झोटवाड़ा क्षेत्र से टिकट को लेकर आश्वासन भी मिला था। इसके बावजूद टिकट वितरण में उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप निर्णय नहीं हुआ।
विद्याधर नगर में 22 सीटों पर एक भी टिकट नहीं
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र में वैश्य समाज, विशेष रूप से खंडेलवाल समाज की संख्या अधिक है। इसके बावजूद नगर निगम की 22 सीटों में से भाजपा की ओर से खंडेलवाल समाज के एक भी व्यक्ति को टिकट नहीं दिया गया। टिकट वितरण के बाद पार्टी नेतृत्व से मुलाकात का प्रयास किए जाने के बावजूद समय नहीं मिलने का भी समाज की ओर से आरोप लगाया गया।
बोले- जहां समाज का प्रत्याशी, वहां उसी का समर्थन
समाज ने कहा कि भाजपा से टिकट मिले प्रत्याशियों का समाज समर्थन करेगा, लेकिन जहां वैश्य समाज का प्रत्याशी भाजपा, कांग्रेस या निर्दलीय के तौर पर मैदान में होगा, वहां पार्टी के बजाय समाज के प्रत्याशी को प्राथमिकता दी जाएगी। बैठक में अखिल भारतीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के प्रदेश संयोजक युवा मोर्चा नितेश खंडेलवाल, कार्यकारिणी सदस्य सुमित खंडेलवाल, संस्था अध्यक्ष जगदीश प्रसाद दुसाद, पूर्व अध्यक्ष महेश ओड़ और महामंत्री दिनेश मामोड़िया सहित समाज के अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बाकी वार्डों में NOTA का विकल्प
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि जिन वार्डों में वैश्य समाज का प्रत्याशी नहीं होगा और समाज की ओर से भाजपा के समर्थन का फैसला नहीं लिया जाएगा, वहां NOTA का विकल्प अपनाया जाएगा। प्रतिनिधियों का कहना है कि भाजपा से सवाल इसलिए किया जा रहा है क्योंकि समाज लंबे समय से पार्टी का कोर वोटर रहा है। निकाय चुनाव में वार्ड स्तर पर सामाजिक समीकरण महत्वपूर्ण होने के कारण समाज की रणनीति कुछ सीटों पर चुनावी समीकरण प्रभावित कर सकती है। आने वाले दिनों में वार्डवार स्थिति पर चर्चा कर अंतिम रणनीति तय की जाएगी।