September 3, 2026

बक्सर में बाढ़ का खतरा; NH-319A पर 3 फीट पानी: गंगा का जलस्तर 60.39 मीटर पहुंचा, कई गांवों में पहुंचा पानी; दर्जनों नावें चल रहीं - Buxar News

बक्सर जिले में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार को नदी ने खतरे के निशान को पार कर लिया। दोपहर एक बजे बक्सर में गंगा का जलस्तर 60.39 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 60.32 मीटर से 7 सेंटीमीटर अधिक है।

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पिछले एक घंटे से जलस्तर करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। इससे दियारा और तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।

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NH-319A पर 2 से 3 फीट पानी, हादसे का खतरा

गंगा के बढ़ते पानी का असर अब बक्सर-मोहनिया राष्ट्रीय राजमार्ग 319ए पर भी दिखने लगा है। कई स्थानों पर सड़क पर करीब दो से तीन फीट तक पानी जमा हो गया है। इसके बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं।

सड़क के दोनों ओर गहरी खाई में पानी भर जाने से सड़क की वास्तविक चौड़ाई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है। पर्याप्त घेराबंदी नहीं होने के कारण वाहन चालकों के सड़क से फिसलकर पानी से भरी खाई में गिरने का खतरा बना हुआ है।

चौसा के अंचल अधिकारी ने बताया कि सड़क के दोनों तरफ लाल रिबन और जाली लगाकर गुरुवार शाम तक घेराबंदी कर दी जाएगी। साथ ही सुरक्षा के लिए वहां पहरा भी लगाया जाएगा।

कई गांव बाढ़ की चपेट में, नावों से हो रहा आवागमन

गंगा का पानी कई गांवों तक पहुंच चुका है। बक्सर अंचल के छोटका नुआंव पंचायत के गोविंदपुर गांव के प्रभावित होने की सूचना है। लोगों के आवागमन और राहत कार्य के लिए यहां दो नावें चल रही हैं।

चौसा अंचल के बनारपुर पंचायत के बनारपुर गांव में भी बाढ़ का असर है। यहां दो नावों का परिचालन कराया जा रहा है और 80 पॉलीथीन शीट वितरित की गई हैं।

ब्रह्मपुर अंचल की उत्तरी नैनीजोर पंचायत के ढाबी और गजाधर डेरा गांव भी प्रभावित हैं। यहां छह नावें चलाई जा रही हैं। वहीं सिमरी अंचल के गंगौली तथा राजपुर परसनपाह पंचायत के श्रीकांत राय का डेरा, रामदास राय का डेरा और तवकल राय का डेरा भी बाढ़ प्रभावित हैं। इन इलाकों में नौ नावें चल रही हैं।

डीएम ने की बाढ़ की समीक्षा, 24 घंटे तटबंधों की निगरानी

बाढ़ की स्थिति को लेकर गुरुवार को जिला पदाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समीक्षा बैठक हुई। जल संसाधन विभाग के अनुसार, सुबह 10 बजे गंगा का जलस्तर 60.34 मीटर था, जो खतरे के निशान से दो सेंटीमीटर ऊपर था। इसके बाद जलस्तर बढ़ते हुए दोपहर एक बजे 60.39 मीटर तक पहुंच गया।

जिला पदाधिकारी ने सभी बाढ़ प्रभावित अंचलों के अधिकारियों को लगातार स्थिति की निगरानी करने का निर्देश दिया है। लोगों को नदी के किनारे नहीं जाने और बच्चों को नदी से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया है।

राहत शिविर, नाव और बोट एंबुलेंस की व्यवस्था के निर्देश

प्रशासन ने आश्रय स्थलों और सामुदायिक रसोई केंद्रों की तैयारियों की समीक्षा करने के साथ जरूरत के अनुसार नाव, नाविक और गोताखोरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। सिमरी और ब्रह्मपुर के प्रभावित क्षेत्रों में बोट एंबुलेंस चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

अस्पतालों में जरूरी दवाओं की उपलब्धता और डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों की मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अलावा प्रभावित इलाकों में बिजली के तारों का निरीक्षण, शुद्ध पेयजल, पशुओं के लिए चारा और मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई की व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

तटबंधों पर 24 घंटे नजर, कटाव रोकने की तैयारी

बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को बक्सर-कोईलवर तटबंध की 24 घंटे निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। संभावित कटाव को देखते हुए कटाव निरोधक कार्य के लिए सभी जरूरी तैयारियां रखने को कहा गया है।

बक्सर नगर क्षेत्र के घाटों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग और लाल झंडे लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

प्रशासन ने नदी में अवैध नाव परिचालन और ओवरलोडिंग पर रोक लगाने को कहा है। जलस्तर और परिस्थितियों को देखते हुए आवश्यकता पड़ने पर नावों के परिचालन पर रोक लगाने की कार्रवाई भी की जाएगी।

गंगा के जलस्तर और बाढ़ की स्थिति पर नजर

जिला प्रशासन का कहना है कि गंगा के जलस्तर और बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति के अनुसार राहत और बचाव कार्य कराया जा रहा है।

हालांकि, NH-319A पर पानी के बीच जारी आवागमन प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। सड़क के दोनों ओर पानी से भरी खाई और पर्याप्त घेराबंदी नहीं होने के कारण यहां दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है।