July 23, 2026

सीहोर: नर्मदा की धारा में फंसा खनन माफिया का डंपर, NGT के आदेशों की उड़ीं धज्जियां; प्रशासन साधे है मौन| Navbharat Live

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सार

Illegal Sand Mining Narmada River: सीहोर में एनजीटी की रोक के बावजूद नर्मदा में अवैध खनन जारी, अंबा घाट पर नदी के बीचों-बीच फंसा डंपर, वीडियो वायरल होने पर उठे कूट सवाल।

A dumper allegedly linked to illegal mining got stranded in the Narmada River in Sehore, raising fresh concerns over compliance with National Green Tribunal (NGT) directions and environmental regulations

नर्मदा में अवैध खनन जारी (सोर्स- सोशल मीडिया)

विस्तार

Sehore Illegal Sand Mining: एनजीटी के सख्त निर्देशों और रोक के बावजूद सीहोर जिले में पवित्र नर्मदा नदी का सीना छलनी करने का अवैध खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। रेत माफिया इस कदर बेखौफ हो चुके हैं कि अब वे दिन-रात नियमों को ताक पर रखकर नदी के बीचों-बीच उत्खनन कर रहे हैं। ताजा मामला जिले के अंबा गांव स्थित अंबा घाट से सामने आया है, जहां अवैध रेत खनन के दुस्साहस की पोल खोलता एक चौंकाने वाला नजारा देखने को मिला।

​अंबा घाट पर अवैध रूप से रेत निकालने के चक्कर में खनन माफिया का एक भारी-भरकम डंपर नदी के गहरे पानी में जाकर जलमग्न होकर फंस गया। बीच नर्मदा में फंसे इस डंपर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने जिला प्रशासन और खनिज विभाग की कार्रवाई के दावों की पोल खोलकर रख दी है।

​इन घाटों पर बेखौफ जारी है अवैध कारोबार

​स्थानीय निवासियों का कहना है कि सिर्फ अंबा घाट ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के अन्य प्रमुख घाटों पर भी माफिया का राज चल रहा है। मुख्य रूप से चोरसा खेड़ी, ​सात देव और ​डीमावर ​इन सभी खदान क्षेत्रों में बेधड़क पोकलेन मशीनों और डंपरों के जरिए नर्मदा नदी का जलस्तर प्रभावित किया जा रहा है। माफिया को न तो कानून का डर है और न ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की सख्त कार्रवाइयों का।

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​जिम्मेदारों की चुप्पी पर खड़े हो रहे गंभीर सवाल

​स्थानीय ग्रामीणों और मीडिया द्वारा लगातार आवाज उठाए जाने के बावजूद खनिज विभाग और जिला प्रशासन ने रहस्यमयी चुप्पी साध रखी है। बताया जा रहा है कि पूरा विभाग महज सहायक निरीक्षकों के भरोसे चल रहा है, जिससे मैदानी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है।

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बड़ा सवाल तो यह है कि आखिर इतने गंभीर मामले के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी मौन क्यों हैं? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे या अप्रिय घटना का इंतजार कर रहा है? ​मामले का वीडियो वायरल होने के बाद अब क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है। देखना यह होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद नींद में सोया प्रशासन माफिया पर नकेल कसता है या नर्मदा की पावन धारा में यह काला खेल यूं ही जारी रहेगा।

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