क्या आपके फोन में NFC है या नहीं? जानें ये कैसे काम करता है, इससे पेमेंट से लेकर फाइल शेयरिंग तक कौन-कौन से काम आसानी से किए जा सकते हैं.
Written By : निर्जला गौड़ | Updated at : 07 Sep 2026 01:33 PM (IST)

फोन में NFC टेक्नोलॉजी
Source : Pexels
आजकल स्मार्टफोन सिर्फ कॉल और इंटरनेट चलाने तक सीमित नहीं हैं. इनमें कई ऐसी सुविधाएं दी जाती हैं, जो रोजमर्रा के काम को आसान बनाती हैं. ऐसी ही एक सुविधा NFC है. इसकी मदद से फोन को किसी दूसरे NFC डिवाइस या टैग के पास लाकर जानकारी शेयर करने के आलवा कई कई काम तेजी से किए जाते हैं. हालांकि, हर फोन में NFC का फीचर नहीं मिलता. इसलिए पहले यह जानना जरूरी है कि आपके फोन में NFC है या नहीं.
NFC क्या है और फोन में कैसे चेक करें?
NFC का फुल फॉर्म 'Near Field Communication' है. यह एक वायरलेस टेक्नोलॉजी है, जो बहुत कम दूरी पर दो कंपैटिबल डिवाइस के बीच जानकारी का आदान-प्रदान करती है. इसे इस्तेमाल करने के लिए दोनों डिवाइस को एक-दूसरे के काफी पास लाना पड़ता है. अपने फोन में NFC चेक करने के लिए सबसे पहले सेटिंग्स खोलें. यहां सर्च बार में NFC लिखकर देखें. अगर NFC का ऑप्शन दिखाई देता है तो आपके फोन में यह सुविधा दी गई है. कुछ स्मार्टफोन में यह सुविधा कनेक्शंस या कनेक्टेड डिवाइस के अंदर मिलती है. इसके अलावा फोन के क्विक सेटिंग्स पैनल में भी NFC का टॉगल दिया जाता है.
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NFC से डिजिटल पेमेंट
NFC का सबसे आम इस्तेमाल कॉन्टैक्टलेस पेमेंट के लिए किया जाता है. अगर स्मार्टफोन और पेमेंट सर्विस NFC को सपोर्ट करते हैं, तो फोन को कंपैटिबल पेमेंट मशीन के पास लाकर पेमेंट किया जाता है. इसमें बार-बार कार्ड निकालने की जरूरत नहीं पड़ती. पेमेंट से पहले फोन में स्क्रीन लॉक, फिंगरप्रिंट या दूसरी सिक्योरिटी सुविधा एक्टिव रखना जरूरी होता है. NFC का इस्तेमाल केवल पेमेंट तक सीमित नहीं है. कुछ जगहों पर NFC कार्ड, ट्रैवल पास और दूसरे डिजिटल एक्सेस सिस्टम के साथ भी फोन का इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि पेमेंट की सुविधा फोन, बैंक और सर्विस प्रोवाइडर के सपोर्ट पर निर्भर करती है.
फाइल शेयरिंग से स्मार्ट डिवाइस तक
NFC की मदद से कुछ डिवाइस को तेजी से कनेक्ट किया जाता है. उदाहरण के लिए NFC सपोर्ट करने वाले हेडफोन या स्पीकर को फोन के पास लाकर पेयरिंग शुरू की जाती है. कुछ NFC टैग को भी फोन से स्कैन किया जाता है. इन टैग में किसी वेबसाइट, कॉन्टैक्ट इंफॉर्मेशन या किसी खास एक्शन की जानकारी सेव की जाती है. फोन को टैग के पास लाने पर उससे जुड़ा काम शुरू किया जाता है.
NFC का इस्तेमाल पुराने समय में कुछ स्मार्टफोन के बीच छोटी मात्रा में जानकारी शेयर करने के लिए भी किया जाता था. हालांकि आज बड़ी फाइलों के लिए ब्लूटूथ, वाई-फाई डायरेक्ट और दूसरे आधुनिक विकल्प ज्यादा इस्तेमाल किए जाते हैं. इसलिए NFC को मुख्य रूप से क्विक कनेक्शन, कॉन्टैक्टलेस पेमेंट और स्मार्ट टैग जैसी सुविधाओं के लिए उपयोगी माना जाता है.
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About the author निर्जला गौड़
निर्जला गौड़ इस वक्त ABP Live की लाइफस्टाइल डेस्क पर इंटर्न के तौर पर काम कर रही हैं. वह मंदसौर यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में अपनी डिग्री कर रही हैं. इससे पहले वह EBNW Stories में कंटेंट राइटर के तौर पर इंटर्नशिप कर चुकी हैं. डिजिटल जर्नलिज्म और कंटेंट क्रिएशन में उनकी खास रुचि है. आसान, आकर्षक और रिलेटेबल अंदाज में कहानियों को पेश करना और पाठकों तक जानकारी को प्रभावी तरीके से पहुंचाना उनकी खासियत है.
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Published at : 07 Sep 2026 01:33 PM (IST)
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