August 4, 2026

बिना बिजली और इंटरनेट के किसान के बेटे ने NEET UG में मारी बाजी, 610 मार्क्स लाकर रचा इतिहास

एजुकेशन

  • Authored by: आदित्य सिंह
  • Updated Aug 4, 2026, 11:13 AM IST

NEET Success Story Bishu Limbu: आज यहां हम आपको नीट यूजी में सफल होने वाले एक ऐसे छात्र की कहानी बताएंगे जिसने न बिजली थी, न इंटरनेट और न ही आधुनिक पढ़ाई की सुविधाओं के बावजूद नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट की परीक्षा क्वालीफाई कर इतिहास रच दिया है। उन्होंने नीट में 720 में से 610 अंक प्राप्त किए हैं।

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NEET Success Story: किसान के बेटे ने नीट में 610 अंक लाकर रचा इतिहास

NEET Success Story Bishu Limbu: बड़े सपनों को पूरा करने के लिए सबसे बड़ी ताकत महंगे संसाधन नहीं, बल्कि अटूट हौसला और लगातार मेहनत (NEET Success Story) होती है। असम के तिनसुकिया जिले के एक छोटे से गांव के रहने वाले बिशु लिम्बु पर यह लाइन सटीक (NEET Success Story In Hindi) बैठती है। जहां न बिजली थी, न इंटरनेट और न ही आधुनिक पढ़ाई की सुविधाएं, वहां एक साधारण लैंप की रोशनी में बैठकर बिशु लिम्बु ने अपने डॉक्टर बनने के सपने को सच करने की (NEET Success Story Bishu Limbu) ठान ली। सीमित संसाधनों व आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और नीट यूजी की परीक्षा में 720 में से 610 अंक लाकर इतिहास रच (NEET UG Nishu Success Story) दिया है।

बता दें बिशु एक छोटे से परिवार में पले बढ़े, जहां उनके पिता एक छोटे किसान हैं। आर्थिक तंगी के कारण उनके परिवार को अक्सर गुजारा करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। आर्थिक मुश्किलों के बावजूद, उनके माता-पिता ने हमेशा उनका साथ दिया और उन पर भरोसा बनाए रखा, जिससे उन्हें और भी ज्यादा लगन के साथ अपने सपनों को पूरा करने की हिम्मत मिली

NEET Success Story Bishu Limbu: सेल्फ स्टडी के दम पर क्वालीफाई किया नी

एक तरफ जहां ज्यादातर छात्र नीट परीक्षा की तैयारी के लिए डिजिटल नोट्स, क्लास और दूसरे तरीकों पर निर्भर रहते हैं, वहीं बिशु ने सीमित संसाधनों जैसे कि टेक्स्टबुक, हाथ से लिखे नोट्स और सेल्फ स्टडी के सहारे भारत की सबसे मुश्किल मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक को पास कर लिया है। बता दें बिशु के पास ऑनलाइन कोचिंग तक का कोई सहारा नहीं था, क्योंकि वह जिस घर में रहते हैं वहां न बिजली की सुविधा है और न ही इंटरनेट।

Bishu Limbu Success Story: लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा

बिशु की सफलता की यह कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो सीमित संसाधन या आर्थिक तंगी को कारण बताकर अपने लक्ष्य से पीछे हट जाते हैं। आज की दुनिया में सफलता को अक्सर संसाधनों की उपलब्धता से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन बिशु का सफर किसी कॉम्पिटिटिव परीक्षा में सफल होने से कहीं ज़्यादा है। यह लोगों को याद दिलाता है कि कड़ी मेहनत, पक्के इरादे, लगन और बाधाओं को पार करने की हिम्मत से कुछ भी हासिल किया जा सकता है। बिशु का सफर कभी हार न मानने का सफर है।

Aditya Singh

आदित्य सिंहauthor

आदित्य सिंह टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में एजुकेशन सेक्शन पर लिखते हैं। मीडिया में 5 साल का अनुभव रखने वाले आदित्य सिंह स्कूली शिक्षा से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं, जॉब वैकेंसी, करियर ऑप्शन्स, बोर्ड रिजल्ट, एग्जाम टिप्स और करंट अफेयर्स—इन सभी पर उनकी पकड़ मजबूत है। तेजी से खबर ब्रेक करना और युवाओं को उपयोगी और प्रेरक जानकारी देना उनकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। पांच साल से आदित्य सिंह लगातार एजुकेशन सेक्शन के लिए खबरें लिख रहे हैं और छह हजार से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। एक एजुकेशन राइटर के रूप में उनका फोकस हमेशा यही रहता है कि छात्रों और युवाओं तक सटीक, समय पर और उपयोगी जानकारी सबसे पहले पहुंचे।

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