September 3, 2026

NEET PG 2026: 2,445 छात्रों की री-एग्जाम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, जानें कोर्ट ने क्या कहा - Haribhoomi

NEET PG 2026: तकनीकी गड़बड़ी से प्रभावित 2,445 छात्रों की री-एग्जाम को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। CJI की बेंच ने मामले को जस्टिस नरसिम्हा की बेंच के सामने रखने को कहा।

Supreme Court

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  • Published: 03 Sep 2026, 09:23 AM IST
  • Last Updated: 03 Sep 2026, 09:23 AM IST

NEET PG 2026 को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। तकनीकी दिक्कत के कारण परीक्षा नहीं दे पाने वाले 2,445 उम्मीदवारों के लिए प्रस्तावित री-एग्जाम को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। बुधवार को एक वकील ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची तथा जस्टिस वी. मोहना की पीठ के सामने मामले का उल्लेख किया।

वकील ने दलील दी कि प्रभावित छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा कराने का फैसला सुप्रीम कोर्ट के पहले दिए गए आदेश के अनुरूप नहीं है। उन्होंने मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
मामले का उल्लेख होने पर पीठ ने कहा कि NEET से जुड़े सभी मामले जस्टिस पीएस नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली नामित बेंच के सामने हैं। पीठ ने वकील से कहा कि वह इसी मामले को उस बेंच के सामने मेंशन करें।

कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि नीट से जुड़े मामलों में लगातार कई घटनाक्रम हो रहे हैं और इन मामलों की सुनवाई के लिए निर्धारित पीठ के सामने ही नई याचिका रखी जानी चाहिए।

2,445 उम्मीदवारों के लिए होगी री-एग्जाम
नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने तकनीकी व्यवधान से प्रभावित उम्मीदवारों के लिए NEET PG 2026 की दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया है। यह री-एग्जाम उन 2,445 उम्मीदवारों के लिए है, जो तकनीकी समस्या के कारण निर्धारित परीक्षा पूरी तरह नहीं दे पाए थे।

30 अगस्त को हुई थी NEET PG परीक्षा
NEET PG 2026 की मूल परीक्षा 30 अगस्त को देशभर में आयोजित की गई थी। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार कुल 2,65,980 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए। इनमें से 2,63,535 उम्मीदवारों की परीक्षा सफलतापूर्वक पूरी हुई थी।

तकनीकी व्यवधान से प्रभावित 2,445 उम्मीदवारों के लिए अलग से री-एग्जाम कराने का फैसला लिया गया। अब इसी फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।

आगे क्या होगा?
फिलहाल बुधवार को CJI की पीठ के सामने केवल मामले का उल्लेख किया गया और तत्काल सुनवाई की मांग रखी गई। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को मामले को जस्टिस पीएस नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली नामित बेंच के सामने रखने को कहा है। इसलिए अब इस मामले में आगे की सुनवाई उसी बेंच के समक्ष होने की संभावना है।