July 26, 2026

NEET प्रोटेस्टर्स पर से हटेगी FIR? दिल्ली पुलिस को है इस 'ऑर्डर' का इंतजार, 20 जुलाई की हिंसा पर बड़ा अपडेट

Time Published: Sunday, July 26, 2026, 19:07 [IST]

NEET पेपर लीक विवाद में न्याय की मांग कर रहे छात्रों के लिए केंद्र सरकार की तरफ से राहत की खबर आई थी। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि आंदोलनकारियों पर दर्ज केस वापस लिए जाएंगे। लेकिन दिल्ली पुलिस अभी भी एक्शन लेने से पहले एक खास आदेश का इंतजार कर रही है। आखिर पुलिस किस चीज का वेट कर रही है और 20 जुलाई की हिंसा की जांच का क्या होगा? आइए इसे समझते हैं।

CJP Protest Delhi FIR

सरकार ने CJP को किया का वादा, पुलिस को नहीं मिला ऑर्डर

25 जुलाई को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ एक जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें नड्डा ने साफ कहा था कि सरकार छात्रों की मांगें मानने को तैयार है और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR वापस ली जाएंगी। मंगलवार तक इसकी लिखित गारंटी भी दे दी जाएगी।

पीटीआई रिपोर्ट के मुताबिक इस पर दिल्ली पुलिस के सूत्रों का कहना है कि उन्हें फिलहाल ऊपर से किसी भी तरह की ऑफिशियल चिट्ठी नहीं मिली है। उनके मुताबिक, "सक्षम अधिकारी से आधिकारिक गाइडलाइन और लिखित आदेश मिलने के बाद ही हम इस मामले में कोई अगला कदम उठाएंगे।"

FIR वापस, लेकिन साजिश की जांच रहेगी जारी!

अगर केस वापस हो भी जाते हैं तो भी 20 जुलाई को हुए बवाल की जांच बंद नहीं होगी। नई दिल्ली जिले के अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में इस हिंसा को लेकर अब तक 15 FIR दर्ज हो चुकी हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस हंगामे के पीछे कोई बड़ी साजिश थी। इस टकराव में 200 से ज्यादा पुलिसकर्मी और करीब 70 प्रदर्शनकारी घायल हुए थे, साथ ही कई सरकारी गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई थी।

पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन के रिकॉर्ड और डिजिटल सबूत खंगाल रही है। चश्मदीदों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि यह तय हो सके कि हिंसा की प्लानिंग किसने की थी और भीड़ को किसने भड़काया था।

पुलिस के रडार पर 2500 चेहरे

पुलिस की जांच सिर्फ फुटेज तक सीमित नहीं है। फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) तकनीक का इस्तेमाल करते हुए पुलिस ने अब तक 2,500 से ज्यादा ऐसे लोगों की पहचान की है जिनका पहले से क्रिमिनल रिकॉर्ड रहा है।

दिल्ली पुलिस के सूत्रों का साफ कहना है कि FIR वापसी के प्रस्ताव का असर इस 'साजिश की जांच' पर बिल्कुल नहीं पड़ेगा। जांच के दौरान जो भी सबूत मिले हैं, उनकी गहराई से पड़ताल जारी रहेगी। यानी साफ है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों को भले ही राहत मिल जाए, लेकिन जिन्होंने हिंसा की साजिश रची, पुलिस उन्हें आसानी से छोड़ने वाली नहीं है।