NEET Topper AIR 1 Aryan Gupta : सीएम से मिलने के बाद आर्यन ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें नीट की तरह ही कड़ी मेहनत जारी रखने के लिए मार्गदर्शन, प्रेरणा और प्रोत्साहन दिया। साथ ही उन्हें भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन बनाए रखने के लिए मेहनत करने को कहा।
NEET Topper AIR 1 Aryan Gupta : नीट यूजी 2026 में 720 में से 715 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल करने वाले टॉपर आर्यन गुप्ता ने बुधवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात की। लुधियाना के रहने वाले आर्यन को सबसे प्रतिष्ठित एम्स दिल्ली की एमबीबीएस सीट अलॉट हुई है। सीएम से मिलने के बाद आर्यन ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें नीट की तरह ही कड़ी मेहनत जारी रखने के लिए मार्गदर्शन, प्रेरणा और प्रोत्साहन दिया। साथ ही उन्हें भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन बनाए रखने के लिए मेहनत करने को कहा। 17 वर्षीय आर्यन ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें आगे चलकर पंजाब लौटने और डॉक्टर के रूप में राज्य के लोगों की सेवा करने के लिए भी प्रोत्साहित किया। आपको बता दें कि दिल्ली एम्स की एमबीबीएस सीट को देश की सबसे मलाईदार सीट माना जाता है। आमतौर पर तमाम टॉपरों की यह पहली पसंद होती है। सभी नीट अभ्यर्थियों के लिए इसे पाना ड्रीम होता है।
पंजाब के CM भगवंत मान से मिलने के बाद Re-NEET UG 2026 में AIR 1 लाने वाले आर्यन गुप्ता ने कहा, 'मैं अभी पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से मिला हूं। उन्होंने मुझे गाइड किया, मोटिवेट किया और कड़ी मेहनत करते रहने के लिए हिम्मत दी ताकि मैं भविष्य में भी यह अच्छा परफॉर्मेंस बनाए रख सकूं। उन्होंने मुझे पंजाब वापस आकर एक डॉक्टर के तौर पर राज्य के लोगों की सेवा करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।'
कौन हैं आर्यन गुप्ता
आर्यन डॉक्टर परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता एनेस्थिसियोलॉजिस्ट हैं, मां गायनेकोलॉजिस्ट हैं, नाना-नानी, चाचा-चाची और बुआ-फूफा सभी डॉक्टर हैं, और उनके बड़े भाई ने भी NEET UG 2025 में AIR 54 हासिल की थी। डॉक्टरों के परिवार में पले-बढ़े होने के कारण उन्हें स्वाभाविक रूप से मेडिकल क्षेत्र में जाने की प्रेरणा मिली। हालांकि, उनके सपने के पीछे एक और, अधिक व्यक्तिगत कारण भी था। आर्यन ने कैंसर के कारण अपनी दादी को खो दिया था और अब वे ऑन्कोलॉजिस्ट बनना चाहते हैं।
वे छठी कक्षा से ही ओलंपियाड में भाग लेते रहे थे, लेकिन उन्होंने NEET की केंद्रित तैयारी 11वीं कक्षा में ही शुरू की।
'री-एग्जाम दूसरा मौका बन गया'
पेपर लीक की खबरें सामने आने के बाद 3 मई की परीक्षा रद्द कर दी गई थी। जब आर्यन ने यह खबर सुनी, तो वे निराश हो गए और दो दिनों तक रोते रहे। हालांकि, उन्हें जल्द ही एहसास हुआ कि केवल वे ही परेशान नहीं हैं और वे वापस अपनी तैयारी में जुट गए। आर्यन ने टाइम्स नाउ डिजिटल को बताया, "मैं रोया क्योंकि यह बहुत निराशाजनक था। लेकिन दो दिनों के भीतर, मैंने स्वीकार कर लिया कि यह केवल मेरे साथ नहीं हो रहा था - यह सभी के साथ हो रहा था।"
उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि यह दोबारा परीक्षा - जो पहले एक झटके की तरह लग रही थी - उनके लिए वरदान साबित होगी। 3 मई को हुए पहले एग्जाम में आर्यन ने पांच गलतियां की थीं। लेकिन दोबारा हुए एग्जाम में उसका सिर्फ एक सवाल गलत हुआ, जिससे उसे AIR 1 मिली।
आर्यन ने याद करते हुए कहा, "मुझे याद है कि पिछले साल के NEET टॉपर ने कहा था कि सिर्फ लगन ही सब कुछ नहीं होती, किस्मत भी अहम भूमिका निभाती है। यह 5%, 20%, 50% या उससे ज्यादा हो सकती है... लेकिन किस्मत का रोल होता है। आपका दिन कैसा बीत रहा है, आपकी मानसिक और शारीरिक सेहत कैसी है और ऐसी ही दूसरी बातें बहुत मायने रखती हैं जैसे मुझे दोबारा एग्ज़ाम देने का मौका मिला।"
'नींद जरूरी है'
उन्होंने कहा कि किसी को भी नींद और ब्रेक से समझौता नहीं करना चाहिए। उसने कहा, "मैंने पक्का किया कि मैं रात में छह घंटे सोऊं और दिन में एक घंटे की झपकी लूं। इससे मुझे मानसिक रूप से फिट रहने में मदद मिली, जिससे पढ़ाई में भी आसानी हुई।" थकान से बचने के लिए वह बीच-बीच में ब्रेक भी लेता था।