August 26, 2026

NEET में 8वीं बार में किया कमाल, 8 बहनें, पिता संग बेचे आलू, MBBS कर डॉक्टर बनेगा यूपी का लाल

Aug 26, 2026 11:22 am ISTलाइव हिन्दुस्तान

Follow us on Google News

share

यूपी के अल्ताफ ने 7 बार लगातार नीट दिया पर कामयाबी नहीं मिली। इस बार 8वें प्रयास में अल्ताफ ने नीट यूजी 2026 में 563 अंक प्राप्त किए। उनकी ऑल इंडिया रैंक 27910 और ओबीसी कैटेगरी में रैंक 13437वीं रही।

altaf

8वीं बार में NEET में किया कमाल, 8 बहनें, पिता संग बेचे आलू, डॉक्टर बनेगा यूपी का लाल

यूपी के अल्ताफ हुसैन अंसारी की जिद और जुनून की कहानी देश के लाखों नीट यूजी अभ्यर्थियों के लिए बड़ी प्रेरणा बन गई है। बरेली के नवाबगंज निवासी अल्ताफ ने अपने जज्बे और संघर्ष से गरीबी और बड़ा परिवार जैसी बड़ी समस्याओं को बौना साबित कर दिया। अल्ताफ के पास पैसे नहीं थे तो कोटा पढ़कर सफल होने वाले दोस्तों से नोट्स लेकर तैयारी की। कुछ अंकों से चूका तो कोटा में जाकर कोचिंग करने का मन बनाया। इसके लिए पिता के साथ आलू बेचे और पैसे जुटाए। 2019 से 2028 तक 7 बार लगातार नीट दिया पर कामयाबी नहीं मिली। इस बार 8वें प्रयास में अल्ताफ ने नीट यूजी 2026 में 563 अंक प्राप्त किए। उनकी ऑल इंडिया रैंक 27910 और ओबीसी कैटेगरी में रैंक 13437वीं रही। अब अल्ताफ को सरकारी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस दाखिले की पूरी उम्मीद है।

घर पर पढ़ाई कर दिए 7 अटेम्प्ट

परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण अल्ताफ ने नीट के पहले सात अटेम्ट अपने इलाके से दिए। महंगी फीस के कारण प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में दाखिला नहीं ले पाया। सरकारी एमबीबीएस सीट पाने के लिए अच्छी रैंक पाने के लिए बार-बार परीक्षा देता रहा। आखिरकार आठवें प्रयास में उसे अच्छे अंक मिले और सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला पाने की उम्मीद है। 8वें प्रयास की तैयारी के लिए वह कोटा के ऐलन संस्थान चला गया था।

सफलता पर उन्होंने कहा, 'अब मेरे साथ मेरे परिवार का भी सपना पूरा हुआ है। फैकल्टीज और दोस्तों को शुक्रिया कहना चाहता हूं जिन्होंने पूरा साथ दिया। किसी ने नोट्स दिए तो किसी ने गाइडेंस दी और मैं सफल हो सका।'

अल्ताफ के पिता इकबाल हुसैन का कहना है कि हमने कभी सोचा नहीं था कि अल्ताफ डॉक्टर बनेगा। आलू बेचकर परिवार चलाते हैं। कभी इतने बड़े सपने नहीं थे। अल्ताफ ने कोशिश की। हम जितना सहयोग कर सके किया।

2019 में दी थी पहली परीक्षा

अल्ताफ ने एलन से तैयारी करते हुए नीट यूजी 2026 में 563 अंक प्राप्त किए। ऑल इंडिया रैंक 27910 और ओबीसी कैटेगरी में 13437वीं रैंक है। अलताफ ने पहली बार वर्ष 2019 में नीट का एग्जाम दिया था। उस समय उसे 323 अंक मिले थे। इसके बाद उसने लगातार अपनी तैयारी जारी रखी, कस्बे के जो स्टूडेंट्स कोटा से पढ़कर जाते उनसे स्टडी मैटेरियल, नोट्स लेकर और ऑलाइन लेक्चर देखकर पढ़ाई करता रहा। वर्ष 2022 में उसने 516 अंक हासिल किए, जबकि 2023 और 2024 में अंक बढ़कर 590 तक पहुंच गए। हालांकि उस समय कटऑफ अधिक रहने से मेडिकल कॉलेज में एडमिशन नहीं मिल सका। 2025 में 501 अंक प्राप्त हुए। यूपी बोर्ड से 10वीं और 12वीं दोनों कक्षाओं में 85 प्रतिशत अंक हासिल किए।

भाई के एक्सीडेंट से बदला मन

अलताफ ने बताया कि 12वीं कक्षा पास करने के बाद मैंने पिता के साथ आलू की फड़ पर बैठना शुरू कर दिया था। बड़े भाई रात करीब दो बजे बरेली मंडी से आलू लाने जाते थे। एक दिन उनका एक्सीडेंट हो गया। इस घटना ने मेरे मन पर गहरा असर डाला। मैंने महसूस किया कि पूरी जिंदगी एक ही काम नहीं कर सकते और इसी सोच ने नीट की तैयारी के लिए प्रेरित किया। नवाबगंज कस्बे से हर वर्ष करीब 10-12 बच्चे नीट में सफलता हासिल कर मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेते हैं। मैं उनको देखकर काफी मोटिवेट होता था।

पिता आलू बेचते हैं, 8 बहनें

अलताफ के पिता इकबाल हुसैन अंसारी कस्बे में सड़क किनारे आलू की फड़ लगाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। मां कुबरां पढ़ी लिखी नहीं हैं, जबकि पिता ने नौवीं कक्षा तक ही पढ़ाई की है। वर्ष 2015 तक परिवार कच्चे मकान में रहता था। इसके बाद दो कमरों का पक्का मकान बनाया, जिसमें परिवार के 12 सदस्य रहते थे। परिवार में एक बड़े भाई के अलावा आठ बहनें भी हैं। सभी बहनों की शादी हो चुकी है।

लेखक के बारे में

Pankaj Vijay

पंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार

शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।

15 से अधिक सालों का अनुभव

पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि

भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।

विजन

तमाम तरह के करियर, स्कूल एजुकेशन, हायर एजुकेशन, भर्तियों, प्रतियोगी परीक्षाओं, एंट्रेंस एग्जाम, नौकरी के लिए जरूरी स्किल्स एवं बेरोजगार युवाओं के मुद्दों को लेकर पंकज के पास गहरी समझ है। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के कई टॉपरों के इंटरव्यू किए हैं। उनकी लिखी सक्सेस स्टोरीज युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को प्रेरित करती रही हैं। पंकज का मानना है कि विश्वसनीयता, पारदर्शिता और तथ्यपरकता ही पत्रकारिता की असली ताकत है। उनका लक्ष्य स्कूली छात्रों व बेहतर करियर एवं सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को आसान भाषा में सटीक, तेज और भरोसेमंद जानकारी देना है।

विशेषज्ञता

तमाम तरह की सरकारी भर्तियां, परीक्षाएं व उनके परिणाम
स्कूल एजुकेशन, हायर एजुकेशन, कोर्स, एडमिशन से जुड़े विषय
बोर्ड रिजल्ट लाइव कवरेज और शिक्षा एवं रोजगार जगत संबंधी ब्रेकिंग
स्कूलिंग के बाद करियर की राहें
यूपीएससी, जेईई मेन व नीट जैसी बड़ी परीक्षाओं के टॉपरों के इंटरव्यू
छात्रों के ज्ञान के लिए रिसर्च बेस्ड और एक्सप्लेनर स्टोरी

और पढ़ें

Hindi Newsकरियर न्यूज़NEET में 8वीं बार में कमाल, 8 बहनें, पिता संग बेचे आलू, डॉक्टर बनेगा यूपी का लाल

See Less