
NDA एग्जाम साल में दो बार होता है
NDA Preparation Tips: नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) के माध्यम से सैन्य अधिकारी बनने का सपना बड़ी संख्या में कैंडिडेट्स देखते हैं. कुछ कैंडिडेट्स ही सफल होकर अपना सपना पूरा कर पाते हैं. तो कई कैंडिडेट्स को निराशा हाथ लगती है. इसका मुख्य कारण ये है कई कैंडिडेट्स को NDA एग्जाम पास करने के लिए सही टिप्स नहीं मिल पाती है. कई कैंडिडेट्स देर से अपनी तैयारियां शुरू करते हैंं. एक्सपर्ट सुमित कुमार कहते हैं कि NDA एग्जाम की तैयारी करने का सही समय 8वीं क्लास से है. हालांकि वह जोड़ते हैं कि एक लीडर को बचपन से ही तैयार किया जाता है.
आइए, विस्तार से पूरा मामला जानते हैं. जानते हैं कि NDA एग्जाम में तैयारी कब से करनी चाहिए. जानते हैं कि NDA की तैयारी करते समय अक्सर कैंडिडेट्स कौन सी गलती करते हैं, जिनसे बचकर बेहतर किया जा सकता है.
NDA में सफल होने के लिए लिखित परीक्षा की तैयारी ही काफी नहीं
एक्सपर्ट सुमित कुमार कहते हैं कि NDA की तैयारी के लिए लिखित परीक्षा की अच्छी तैयार ही काफी नहीं है. वह कहते हैं कि सैन्य बल केवल अकादमिक उत्कृष्टता नहीं, बल्कि नेतृत्व, चरित्र और वास्तविक क्षमता वाले कैंडिडेट्स की तलाश करते हैं. ऐसे में NDA में जाने वाले कैंडिडेट्स को बचपन से ही अपनी तैयारी शुरू करनी चाहिए.
वह कहते हैं कि सैन्य अधिकारी बनने की नींव स्कूल, खेल के मैदान, परिवार और दोस्तों के बीच रखी जा सकती है. स्कूल हमें टीम वर्क, प्रतिस्पर्धा का सामना करना और हार-जीत दोनों को स्वीकार करना सिखाता है. तो वहीं परिवार में जिम्मेदारियों का निर्वहन करने से नेतृत्व के गुणों का विकास होता है. ये अनुभव हमें केवल ज्ञान नहीं देते, बल्कि उन कौशलों को निखारते हैं जो युद्ध के मैदान में या किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति में सबसे महत्वपूर्ण होते हैं.
क्लास 8th से ऐसे शुरू करें NDA की तैयारियां
एक्सपर्ट सुमित कुमार के अनुसार NDA की तैयारी शुरू करने का सही समय क्लास 8th से शुरू हो जाता है. मसलन, क्लास 8 से 10वीं का समय अधिकारी बनने की आदतों को विकसित करने के लिए एक सुनहरा अवसर है. इस दौरान कुछ नियमित रूटीन अपनाया जाए तो NDA की तैयारी की जा सकती है. इसके बारे में एक्सपर्ट सुमित कुमार बता रहे हैं.
पढ़ने की आदत: लीडर को हमेशा पढ़ने, सीखने और समझने वाला होना चाहिए. इतिहास, जीवनी और समसामयिक घटनाओं पर आधारित किताबें पढ़ने से निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है. नियमित तौर पर समाचार पत्र पढ़ने की आदत डालने का सही समय है.
संवाद कौशल: NDA में जाने का सपना देख रहे कैंडिडेट्स को जरूरत है कि वह क्लास 8th से अपने संवाद कौशल को बेहतर बनाने के लिए काम करें. इसके तहत खुद को स्पष्ट रूप से व्यक्त करना, दूसरों की बात को समझना और परिस्थिति के अनुसार प्रतिक्रिया देने पर काम करें. अच्छी अंग्रेजी जरूरी नहीं है. हालांकि जरूरी है कि धीरे-धीरे अपनी अंग्रेजी को अच्छी बनाएं.
खेल कूद: NDA में जाने का सपना देख रहे कैंडिडेट्स को 8वीं क्लास से खेल को अपने रूटीन का हिस्सा बना लेना चाहिए. खेल हमें टीम वर्क, दबाव में प्रदर्शन करना और हार-जीत दोनों को स्वीकार करना सिखाते हैं, यही कारण है कि सैन्य बल खेलों को इतना महत्व देते हैं.
11वीं क्लास से गणित और अन्य विषयों पर करें स्मार्ट प्लानिंग : NDA में जाने की तैयारी कर रहे कैंडिडेट्स के लिए 10वीं पास होने के बाद का समय बेहद ही महत्वपूर्ण हो जाता है. कैंडिडेट्स को चाहिए कि वह 11वीं क्लास में पहुंचते ही NDA की तैयारियों को गंभीरता से लें.
ऐसे में 11वीं क्लास में पहुंचते ही कैंडिडेट्स को चाहिए कि वह गणित पर ध्यान दें.11वीं और 12वीं गणित का पाठ्यक्रम NDA एग्जाम के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसमें फलन, त्रिकोणमिति, कैलकुलस और मैट्रिक्स जैसे विषय शामिल हैं. इसी तरह अंग्रेजी, विज्ञान और सामान्य ज्ञान भी एनडीए परीक्षा के महत्वपूर्ण अंग हैं, जिन पर भी ध्यान देने की जरूरत है.इसके साथ ही इस समय से NDA की तैयारी के लिए स्मार्ट प्लानिंग करें. प्रतिदिन 2-3 घंटे NDA-विशिष्ट तैयारी करें.
NDA की तैयारी के समय इन गलतियों को करने से बचें
एक्सपर्ट सुमित कुमार कहते हैं कि NDA की तैयारी करते समय अधिकांश कैंडिडेट्स कुछ सामान्य सी गलतियां करते हैं. ये गलतियां असफलता का कारण बनती हैं. वह इन गलतियों को रेखांकित करते हुए इनसे बचने का उपाय बताते हैं.
अंग्रेजी बोलने को नजरअंदाज करना: अंग्रेजी एक भाषा है और बोलना एक आदत है, जिसे धीरे-धीरे विकसित करना होगा. यह SSB साक्षात्कार में आत्मविश्वास के लिए महत्वपूर्ण है.
शारीरिक फिटनेस को नजरअंदाज करना: ज्ञान और संवाद कौशल के साथ-साथ, शारीरिक फिटनेस भी एक अधिकारी के लिए अत्यंत आवश्यक है. प्रतिदिन 30 मिनट से एक घंटे तक दौड़ना और व्यायाम करना एक बुनियादी दिनचर्या होनी चाहिए.
जिम्मेदारियों से भागना: लीडर हमेशा जिम्मेदार होते हैं और कभी बहाने नहीं बनाते. घर और छात्र के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को अच्छे से निभाना चाहिए.
एनडीए को केवल लिखित परीक्षा समझना: लिखित परीक्षा एनडीए प्रक्रिया का एक चरण मात्र है. अगला चरण SSB साक्षात्कार है, जो व्यक्तित्व का परीक्षण करता है. इसके लिए पढ़ने की आदत, संवाद कौशल और खेलों में भागीदारी के माध्यम से व्यक्तित्व का नियमित विकास आवश्यक है.

मनोज भट्ट
पत्रकारिता में एक दशक से अधिक समय से सक्रिय. नवोदय टाइम्स, दैनिक जागरण, हिंदुस्तान में लंबे समय तक फील्ड रिपोर्टिंग. कई मुद्दों व खबरों को लीड किया, जो चर्चा में रही. अभी तक पंचायत, कृषि, प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा, राजनीति, पर्यावरण, स्वास्थ्य, चुनाव, बिजनेस से जुड़े विषयों पर काम किया है और इनमें लेखन की दिलचस्पी है.
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