Highlights
- दिल्ली में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में पहुंची
- दिल्ली-एनसीआर में GRAP लागू
- आज से नो पीयूसी, नो फ्यूल
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने की कवायद अब शुरू हो गई है और आज से GRAP ( ग्रैंडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान ) के नियम लागू कर दिए गए हैं। दिल्ली की वायु गुणवत्ता बुधवार को 'मध्यम' श्रेणी में पहुंच गई और शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 129 दर्ज किया गया। इसके बाद अब प्रदूषण बढ़ने से पहले ही पाबंदियों के नियम आज से शुरू हो जाएंगे। जानकारी के मुताबिक ग्रैप को बेहतर बनाने के लिए कमीशन फॉर एयर क्वॉलिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने इस बार इसके नियमों में कुछ बदलाव भी किए हैं।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से निपटने के लिए संशोधित ग्रैप (GRAP) नियमों को मंज़ूरी दी है। अब प्रदूषण स्तर (AQI) बढ़ने का इंतज़ार किए बिना, मौसम पूर्वानुमान के आधार पर ही इन पाबंदियों को समय से पहले लागू किया जा सकेगा।
एक नवंबर से सख्त होंगी पाबंदियां
दिल्ली सरकार ने इस बार प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए ग्रैप के अतिरिक्त कुछ अन्य पाबंदियां भी लगाई हैं। ग्रैप के ये नियम चरणबद्ध तरीके से एक अक्टूबर और एक नवंबर से लागू होंगी। इन पाबंदियों का मकसद प्रदूषण को बढ़ने से रोकना और GRAP के स्टेजों में बार-बार होने वाले उतार-चढ़ाव के भ्रम से लोगों को बचाना है। ग्रैप और दिल्ली सरकार का विंटर एक्शन प्लान एक-दूसरे के समानांतर चलेंगे। लोगों को समय-समय पर नियमों की जानकारी दी जाएगी। एक अक्टूबर से 28 फरवरी तक कई तरह की गतिविधियों पर रोक रहेगी। एक नवंबर से 31 जनवरी तक सबसे अधिक पाबंदियां रहने वाली हैं।
ग्रैप के मुख्य नियम और पाबंदियां
- चरणबद्ध पाबंदियां: प्रदूषण को बढ़ने से रोकने के लिए 1 अक्टूबर और 1 नवंबर से अलग-अलग चरण की पाबंदियां लागू की गई हैं।
- विंटर एक्शन प्लान: यह प्रणाली सरकार के विंटर एक्शन प्लान के साथ समानांतर रूप से काम करेगी।
- डीजल जनरेटर: तय नियमों के खिलाफ डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर रोक और निगरानी बढ़ाई गई है।
- पीयूसी (PUC) जांच: बिना वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUCC) के गाड़ी चलाने पर 10,000 रुपये तक का भारी जुर्माना लग सकता है।
- निर्माण कार्य: धूल प्रदूषण रोकने के लिए निर्माण और तोड़फोड़ वाली जगहों पर कड़े नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
आज से कौन से नियम होंगे लागू--
नो PUCC, नो फ्यूल
- एक अक्टूबर से दिल्ली एनसीआर में बिना पीयूसी (PUC) के गाड़ियों में ईंधन नहीं भरा जाएगा।
- पेट्रोल पंप में आज से इसे फॉलो किया जा रहा है जो भी गाड़ी पेट्रोल पंप में आ रही है उसका पीयूसी चेक किया जा रहा है।
- कुछ पैट्रोल पंप्स ऑटोमेटेड रीडर कैमरे लगे हुए हैं PUC ना होने पर सायरन बजाता है और गाड़ी का चालना भी होता है।
इन नियमों में होगा बदलाव
- बीएस-IV या पुराने वाहनो को नो एंट्री-एक नवंबर से 31 जनवरी तक बीएस-IV या उससे पुराने मानक वाले पेट्रोल- डीजल वाहन नही आ सकेंगे। बीएस-VI इंजन, सीएनजी और ईवी को ही एंट्री मिलेगी।
- इनका रजिस्ट्रेशन बंद-3,500 किलो से कम वजन वाले वाहनों का 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में पेट्रोल, डीजल या CNG में नया रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। गुरुग्राम और नोएडा में 1 जुलाई 2027 से लागू होगा।
- सिर्फ EV पंजीकरण-3,500 से 7,500 किलो वाले वाहनों में सिर्फ EV का रजिस्ट्रेशन होगा। गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद, नोएडा में यह 1 जुलाई 2028 से और बाकी NCR में 1 जनवरी 2029 से लागू होगा।
- ई-ऑटो ही होगे रजिस्टर-दिल्ली मे एक जनवरी 2027 से, 5 प्रमुख NCR जिलो में 1 जनवरी 2028 से और बाकी NCR मे 1 जनवरी 2029 से इलेक्ट्रिक ऑटो का ही रजिस्ट्रेशन।
कैब और ई-कॉमर्स वाहन
- 1 जनवरी 2027 से कैब और ई कॉमर्स गाड़ियों के बेड़े में पेट्रोल-डीजल वाले पारंपरिक वाहन नहीं जोड़े जा सकेंगे।
मालवाहकों के लिए भी बदले नियम
- 1 नवंबर 2025 से दिल्ली में केवल CNG, LNG और EV मालवाहको को प्रवेश की अनुमति है। BS- IV वाहनों को 31 अक्टूबर 2026 तक सीमित छूट है।
दोपहिया के लिए भी नए नियम
- 1 अप्रैल 2028 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का ही पंजीकरण होगा।
- 11 नवंबर 2026 से दिल्ली में बाहर से आने वाली बसों में केवल CNG, EV और BS-VI बसों को अनुमति होगी। दिल्ली में पंजीकृत बसों को छूट रहेगी।
- डीटीसी और परिवहन विभाग इंट्रा स्टेट बसों के तौर पर अब केवल इलेक्ट्रिक बसें खरीदेगा।
ये भी पढ़ें:
दिल्ली से वापस लौट गया मानसून, समय से 2 दिन पहले हुई विदाई, क्या दस्तक देने वाली है सर्दी?