October 21, 2026

दिल्ली-NCR में GRAP-1 हुआ लागू, एंट्री से पहले जान लें नए नियम वरना कटेगा दस हजार का चालान

दिल्ली-एनसीआर में बदलते मौसम के साथ वायु प्रदूषण की समस्या गंभीर होती जा रही है। कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 के पार पहुंच गया है.

Google Search

दिल्ली-एनसीआर में बदलते मौसम के साथ वायु प्रदूषण की समस्या गंभीर होती जा रही है। कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 के पार पहुंच गया है.

author-image

New Update

Delhi Pollution Increases Chest Infection Cases

Delhi Pollution Increases Chest Infection Cases Photograph: (ai-generated)

दिल्ली-एनसीआर में बदलते मौसम के साथ वायु प्रदूषण की समस्या गंभीर होती जा रही है। कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 के पार पहुंच गया है. बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण को लागू कर दिया है. इसके साथ ही निर्माण स्थलों, सड़कों और वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कदम तेज कर दिए गए हैं.

दिन में तेज धूप और रात में हल्की ठंड के बीच हवा की गुणवत्ता लगातार प्रभावित हो रही है. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में रात का तापमान गिरकर 18 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. मौसम में बदलाव और हवा की धीमी रफ्तार के कारण धूल और धुएं के कण वातावरण में जमा हो रहे हैं। इससे लोगों को सांस लेने में परेशानी होने का खतरा बढ़ सकता है.

दिल्ली-NCR के कई इलाकों में AQI 300 के पार

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के पंजाबी बाग में AQI 304 और पूसा में 318 दर्ज किया गया है. वहीं, ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-5 में वायु गुणवत्ता सूचकांक 315 तक पहुंच गया। गाजियाबाद और नोएडा के कई इलाकों में भी हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में दर्ज की गई है. दिन में तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस रहने के बावजूद शाम होते ही हवा की रफ्तार कम हो रही है. ऐसे में वाहनों से निकलने वाला धुआं और सड़कों की धूल वातावरण में लंबे समय तक बनी रह सकती है. प्रदूषण का बढ़ता स्तर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों के लिए अधिक चिंता का विषय है.

ये भी पढे़ं: Breaking News Today Live Updates: 24 अक्टूबर तक ट्रांजिट रिमांड पर श्रद्धा- रश्मि और दानिश, शिवा शर्मा हत्याकांड में शामिल होने का आरोप

GRAP-1 लागू होने के बाद क्या-क्या बदलेगा?

प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए GRAP के पहले चरण के तहत कई उपाय किए जा रहे हैं. निर्माण स्थलों पर धूल को फैलने से रोकने के लिए एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल और जरूरी जगहों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है. सड़कों की सफाई के लिए मैकेनाइज्ड स्वीपिंग पर भी जोर दिया जा रहा है. इसके अलावा, खुले में कचरा और सूखी पत्तियां जलाने पर रोक के साथ नियम तोड़ने वालों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की जा सकती है। होटल और ढाबों के तंदूर में कोयले या लकड़ी के इस्तेमाल पर भी रोक संबंधी निर्देश लागू किए गए हैं. इन उपायों का मकसद हवा में धूल और धुएं की मात्रा को कम करना है.

बिना वैध PUC के वाहन चलाने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना

दिल्ली में वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने जांच अभियान तेज कर दिया है. वाहन चालकों को वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) रखना जरूरी है. अगर वाहन के पास वैध प्रमाणपत्र नहीं मिलता है, तो नियमों के तहत 10 हजार रुपये तक का चालान कट सकता है. ऐसे में वाहन चालकों को अपने प्रदूषण प्रमाणपत्र की वैधता जांच लेनी चाहिए. समय पर PUC बनवाने और वाहन की नियमित देखभाल करने से प्रदूषण कम करने में मदद मिल सकती है.

प्रदूषण से बचने के लिए क्या करें?

दिल्ली-NCR में हवा की गुणवत्ता खराब होने के कारण लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है. खासकर सुबह और शाम के समय बाहर व्यायाम या टहलने जाने से पहले स्थानीय AQI की स्थिति देखना बेहतर है. प्रदूषण का स्तर अधिक होने पर बाहर की गतिविधियां सीमित रखें। जरूरत पड़ने पर अच्छी फिटिंग वाला मास्क पहनें और आंखों या सांस से जुड़ी परेशानी होने पर डॉक्टर से सलाह लें. फिलहाल, दिल्ली-NCR में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने कदम तेज कर दिए हैं. हालांकि, हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए सरकारी उपायों के साथ-साथ आम लोगों का सहयोग भी जरूरी है.