Published: Saturday, September 19, 2026, 17:05 [IST]
19 सितंबर को नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) से सड़क हादसों के दो रोंगटे खड़े कर देने वाले वीडियो सामने आए। पहला मामला ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क का है, जहां एक ग्रे मारुति ऑल्टो कार ने चार छात्रों को कुचल दिया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं दूसरी घटना गुरुग्राम के सेक्टर 89 की है, जहां आपसी कहासुनी के बाद एक महिंद्रा थार ने कैब में बार-बार जोरदार टक्कर मार दी। इन दोनों घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिसके बाद पुलिस तुरंत एक्शन में आई और सड़क सुरक्षा को लेकर फिर से बहस छिड़ गई।
पुलिस के मुताबिक, 18 सितंबर को GNIOT कॉलेज के पास पैदल जा रहे चार छात्रों को तेज रफ्तार ऑल्टो ने टक्कर मार दी थी। हादसे में एक छात्र के पैर में फ्रैक्चर हो गया, जबकि तीन अन्य को मामूली चोटें आईं। पुलिस ने कार को ट्रैक कर लडपुरा के रहने वाले ड्राइवर मनीष को गिरफ्तार कर लिया। मामले की जानकारी देते हुए डीसीपी रविशंकर नीम ने बताया, "शुरुआती जांच में यह मामला साफ तौर पर लापरवाही और तेज रफ्तार ड्राइविंग का लगता है। मामले में आगे की जांच और जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।"
नोएडा के नॉलेज पार्क में हुए हादसे का वीडियो
गुरुग्राम के सेक्टर 89 में दिल्ली नंबर की एक थार में सवार चार दोस्तों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद दो दोस्तों ने कैब बुक कर ली। इसी बात से नाराज थार ड्राइवर ने उस कैब को बार-बार टक्कर मारी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के एयरबैग खुल गए, हालांकि किसी को गंभीर चोट नहीं आई। कैब ड्राइवर ने फौरन 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद खेड़की दौला थाना पुलिस ने गाड़ी के नंबर के आधार पर थार की तलाश शुरू कर दी। वीडियो की जांच और गवाहों के बयानों के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है।
हिट-एंड-रन और रश ड्राइविंग: जानें BNS और MV एक्ट की धाराएं
अब लापरवाही से गाड़ी चलाने (Rash driving) का मामला IPC 279 की जगह भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 के तहत आता है। वहीं, लापरवाही से किसी को चोट पहुंचाने पर BNS की धारा 125 लागू होती है, जिसमें गंभीर चोट लगने पर सख्त सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा, खतरनाक तरीके से ड्राइविंग करने पर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 (MV Act Section 184) भी लगाई जाती है। ध्यान देने वाली बात यह है कि दुर्घटना में मौत से जुड़ी BNS की विवादित धारा 106(2) को फिलहाल देशभर में होल्ड पर रखा गया है। Kanoon kya kehta hai: BNS 281, 125; MV Act 184.
हादसा होते देखें तो क्या करें: 112 पर कॉल करें, सुरक्षित रहकर वीडियो बनाएं और डैशकैम फुटेज शेयर करें
अगर आप सड़क पर कोई हादसा होते देखते हैं, तो सबसे पहले 112 नंबर पर कॉल करें और खुद को सुरक्षित दूरी पर रखें। स्थिति सही हो, तो सुरक्षित जगह पर रहकर वीडियो बनाएं और आसपास की जगह (लैंडमार्क) को ध्यान में रखें। बिना किसी डर के घायलों की मदद करें; धारा 134A के तहत गुड सेमैरिटन (नेक इंसान) कानून मददगारों को पूरा कानूनी संरक्षण देता है। अगर आपके पास घटना का स्पष्ट डैशकैम फुटेज है, तो उसे दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के 'ट्रैफिक प्रहरी' ऐप, हेल्पलाइन या यूपी पुलिस के आधिकारिक चैनलों पर साझा करें और टाइमस्टैम्प वाली ओरिजिनल फाइल को संभाल कर रखें।
इंश्योरेंस का गणित: FIR, अस्पताल का बिल, थर्ड-पार्टी बनाम ओन-डैमेज कवर
इंश्योरेंस क्लेम करने के लिए एफआईआर (FIR) की कॉपी, मेडिकल रिकॉर्ड्स और गाड़ी के नुकसान का एस्टीमेट बेहद जरूरी होता है। थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस आपकी वजह से दूसरों को हुए नुकसान या चोट को कवर करता है, जबकि ओन-डैमेज आपकी खुद की गाड़ी के नुकसान की भरपाई करता है। हिट-एंड-रन के मामलों में पीड़ित राष्ट्रीय योजना के तहत तय मुआवजे का दावा कर सकते हैं, जिसमें मौत होने पर ₹2 लाख और गंभीर रूप से घायल होने पर ₹50,000 की मुआवजा राशि तय है। इस बीच, NCR पुलिस ने ड्रंक एंड ड्राइव को रोकने के लिए चेकिंग और चालान की कार्रवाई काफी तेज कर दी है।