September 15, 2026

चाइल्ड सिक्योरिटी को लेकर मेटा पर बड़ा एक्शन, NCPCR ने इंडिया हेड को फिर किया तलब

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. आयोग ने चाइल्ड सेक्सुअल एक्सप्लोइटेशन एंड एब्यूज मटीरियल (CSEAM) से जुड़े विज्ञापनों के मामले में मेटा इंडिया के एमडी और हेड को 16 सितंबर को एक बार फिर तलब किया है. सरकारी सूत्रों के अनुसार, NCPCR ने 3 जुलाई को मेटा को नोटिस भेजकर प्लेटफॉर्म पर चल रहे आपत्तिजनक विज्ञापनों पर स्पष्टीकरण मांगा था. करीब एक हफ्ते बाद मेटा ने अपना जवाब दाखिल किया. हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने पूरे प्रकरण की औपचारिक जांच शुरू करने का फैसला किया. इसी जांच को आगे बढ़ाते हुए अब मेटा इंडिया के शीर्ष अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए गए हैं.

META अब बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों की जानकारी सीधे भारतीय साइबर क्राइम मंच को देगी

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Govt Sources say, "NCPCR (National Commission for Protection of Child Rights) issued a notice to Meta on 3rd July 2026, on Child Sexual Exploitative and Abuse Material (CSEAM) ads. It sought an explanation from Meta in the matter. Meta submitted its response a week later.

NCPCR… pic.twitter.com/PW5Kc2gADo

— ANI (@ANI) September 15, 2026

NCPCR की सख्ती का दिखा बड़ा असर

चाइल्ड कमिशन की लगातार निगरानी और सख्ती के बाद मेटा ने अपनी नीतियों में बड़ा बदलाव किया है. कंपनी ने अब बाल यौन शोषण से जुड़े सभी मामलों की सीधी रिपोर्टिंग भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) को करना शुरू कर दिया है. इससे पहले ऐसे मामलों को विदेशी प्रणालियों के जरिए प्रोसेस किया जाता था, लेकिन अब भारतीय एजेंसियों को रियल-टाइम सूचना मिलेगी.

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कैपजेमिनी के वाइस प्रेसिडेंट को भी समन

एक अन्य गंभीर मामले में, आयोग ने आईटी कंपनी कैपजेमिनी के वाइस प्रेसिडेंट (VP) को भी 16 सितंबर को तलब किया है. यह मामला बेंगलुरु में कैपजेमिनी द्वारा संचालित डे-केयर सेंटर में बच्चों के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार से जुड़ा है. आयोग इस पूरे घटनाक्रम की गहनता से पड़ताल करेगा ताकि लापरवाही और जिम्मेदारी तय की जा सके.

डे-केयर सेंटर में क्या हुआ था?

मामला बेंगलुरु के उस डे-केयर सेंटर का है, जो कैपजेमिनी के कर्मचारियों के बच्चों की देखभाल के लिए संचालित किया जाता है। आरोप है कि इस सेंटर में मासूम बच्चों के साथ अनुचित व्यवहार और दुर्व्यवहार किया गया. जब यह बात सामने आई, तो बच्चों के अभिभावकों में भारी आक्रोश फैल गया. इस मामले की शिकायत तुरंत बाल आयोग तक पहुंची. बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों के हनन को लेकर NCPCR ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है. आयोग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के सुरक्षित माहौल में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

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