Updated On: Jul 28, 2026 | 03:52 PM IST
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सार
Sharad Pawar Statement: महाराष्ट्र की राजनीति में राकांपा के दोनों गुटों के विलय की अटकलों पर शरद पवार ने विराम लगा दिया है। बारामती में उन्होंने स्पष्ट किया कि विलय का कोई सवाल ही नहीं उठता।

शरद पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
विस्तार
Sharad Pawar On NCP Merger: पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के विलय और एनडीए में शामिल होने की अटकलें काफी तेज थीं। इन सभी चर्चाओं पर अब खुद शरद पवार ने बड़ा बयान देकर पूर्णविराम लगा दिया है। मंगलवार को बारामती में पत्रकारों से बातचीत करते हुए शरद पवार ने साफ शब्दों में कहा कि दोनों एनसीपी के आपस में विलय होने का कोई संबंध ही नहीं है। शरद पवार के इस बयान ने राज्य के राजनीतिक हलकों में एक बार फिर हलचल मचा दी है और चर्चाओं का नया दौर शुरू कर दिया है।
महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में कुछ दिन पहले ही ऐसी चर्चाएं शुरू हुई थीं कि सुनेत्रा पवार ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुटों के विलय का विरोध किया था। अब, जब खुद शरद पवार ने ऐसे किसी विलय की संभावना को साफ तौर पर खारिज कर दिया है, तो NCP के दोनों गुटों के बीच असल में क्या चल रहा है, इसे लेकर उलझन और बढ़ गई है।
क्या बोले शरद पवार?
शरद पवार मंगलवार को पुणे के बारामती में नीट विवाद, छात्र आंदोलन और धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर मीडिया से चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान उनसे एनसीपी के दोनों गुटों के विलय को लेकर सवाल पूछा गया है। सवाल सुनते ही शरद पवार ने ना में हाथ हिलाया और कहा कि कोई संबंध नहीं है। इसके बाद बाद वे वहां से चले गए।
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दिल्ली में मुलाकातों के दौर से गर्म हुआ था बाजार
दरअसल, इस सुगबुगाहट की शुरुआत दिल्ली में हुई कुछ उच्चस्तरीय मुलाकातों के बाद हुई थी। हाल ही में यह जानकारी सामने आई थी कि पार्थ पवार और प्रफुल पटेल ने दिल्ली में शरद पवार से मुलाकात की थी। इससे पहले, 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन और लाठीचार्ज के ठीक अगले दिन शरद पवार और सुप्रिया सुले ने संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। इस दौरान शरद पवार और पीएम मोदी के बीच करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में विस्तृत बातचीत हुई थी।
प्रधानमंत्री से मुलाकात के तुरंत बाद पार्थ पवार और प्रफुल पटेल का शरद पवार के आवास पर पहुंचना राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा था। इसके अलावा, सुनेत्रा पवार गुट के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी।
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एनडीए में शामिल होने की शर्तों पर बना सस्पेंस
राजनीतिक हलकों में यह जोर-शोर से चर्चा थी कि शरद पवार की अगुवाई वाली एनसीपी केंद्र व राज्य में NDA सरकार के साथ आ सकती है। हालांकि, कयास यह भी लगाए जा रहे थे कि भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने शर्त रखी है कि शरद पवार को अपनी पार्टी का विलय सुनेत्रा पवार की एनसीपी में करना होगा। इसी शर्त के तहत प्रफुल पटेल और पार्थ पवार मध्यस्थता के लिए शरद पवार के पास पहुंचे थे। लेकिन शरद पवार द्वारा बारामती में दिए गए इस साफ इनकार के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि फिलहाल दोनों गुटों के विलय की खबरों में कोई ठोस सच्चाई नहीं है।
