
12 अक्टूबर से शिक्षकों की ऑनलाइन ट्रेनिंगImage Credit source: Getty Images
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) टीचर्स और स्कूल प्रशासकों के लिए चार दिवसीय ऑनलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करने जा रही है. यह प्रोग्राम 12 से 15 अक्टूबर 2026 तक गूगल फॉर एजुकेशन के सहयोग से आयोजित किया जाएगा. इसका नाम शिक्षकों के लिए डिजिटल टूलकिट है. इसमें शिक्षकों को डिजिटल टूल्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी. प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों के संवाद, टाइम मैनेजमेंट और शैक्षणिक कार्यों को आसान बनाना है. इच्छुक शिक्षक ऑनलाइन माध्यम से इसमें भाग ले सकते हैं.
रोज सुबह एक घंटे चलेगी ऑनलाइन ट्रेनिंग
NCERT का यह ट्रेनिंग प्रोग्राम लगातार चार दिनों तक आयोजित होगा. इसके सभी सत्र सुबह 10 बजे से 11 बजे तक चलेंगे. प्रत्येक दिन डिजिटल तकनीक से जुड़ा एक अलग विषय समझाया जाएगा. कार्यक्रम में विशेषज्ञों के सत्रों के साथ व्यावहारिक जानकारी भी दी जाएगी, ताकि शिक्षक सीखी गई तकनीकों का उपयोग अपने काम में कर सकें. यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप डिजिटल शिक्षा और प्रभावी संवाद को बढ़ावा देने पर केंद्रित है.
चार दिनों का पूरा शेड्यूल
हर दिन अलग विषय पर प्रशिक्षण
- 12 अक्टूबर: प्रोफेशनल ईमेल और कामकाज की प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने के तरीके बताए जाएंगे.
- 13 अक्टूबर: टाइम मैनेजमेंट और शैक्षणिक गतिविधियों की योजना तैयार करने पर चर्चा होगी.
- 14 अक्टूबर: डिजिटल संसाधनों को एक जगह व्यवस्थित तरीके से सहेजने की जानकारी दी जाएगी.
- 15 अक्टूबर: ऑनलाइन सहयोग, वास्तविक समय में संवाद और वर्चुअल मीटिंग के तरीकों को समझाया जाएगा.
इन सत्रों से शिक्षक स्कूल की गतिविधियों की योजना बनाने, जरूरी सूचनाएं शेयर करने और प्रशासनिक कामकाज को व्यवस्थित करने के तरीके सीख सकेंगे.
इन डिजिटल टूल्स का मिलेगा प्रशिक्षण
इस प्रोग्राम में Gmail, Google Calendar, Google Meet, Google Chat और Google Sites जैसे डिजिटल टूल्स के उपयोग की जानकारी दी जाएगी. साथ ही, AI से जुड़ी सुविधाओं के व्यावहारिक इस्तेमाल पर भी ध्यान दिया जाएगा. इन टूल्स की मदद से टीचर आधिकारिक ईमेल भेजने, बैठकों का समय तय करने, शैक्षणिक कैलेंडर बनाने और डिजिटल सामग्री को व्यवस्थित रखने जैसे काम कर सकते हैं. Google Meet और Google Chat के जरिए ऑनलाइन संवाद और समूह में काम करना भी आसान हो सकता है.
सर्टिफिकेट के लिए क्या हैं शर्तें?
उपलब्ध जानकारी में प्रशिक्षण पूरा करने के सर्टिफिकेट से जुड़ी एलिजिबिलिटी, उपस्थिति या अन्य अनिवार्य शर्तों की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है. इसलिए सर्टिफिकेट पाने के लिए जरूरी नियमों की पुष्टि NCERT के आधिकारिक नोटिस या रजिस्ट्रेशन संबंधी निर्देशों से करना उचित होगा. आवेदन करने से पहले शिक्षक कार्यक्रम की सभी शर्तें ध्यान से पढ़ लें.

सपना यादव
दिल्ली में जन्मीं सपना यादव TV9 भारतवर्ष डिजिटल में बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता जगत में 4 वर्षों से ज्यादा के अनुभव के साथ काम जारी है. ह्यूमन इंटरेस्ट, राजनीति, वर्ल्ड, एजुकेशन, नॉलेज, करंट अफेयर्स से जुड़ी खबरों में खास दिलचस्पी रखती हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से BA Hons. हिस्ट्री की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने पत्रकारिता को लक्ष्य बनाया, फिर जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा इन टीवी जर्नलिज्म किया, जामिया से ही हिस्ट्री में मास्टर्स भी किया और फिर इसके बाद गुरु जम्बेश्वर साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. मास कम्यूनिकेशन में पत्रकारिता की डिग्री लेने के बाद जमीनी स्तर पर खबरों के महत्व को समझा. इसके बाद उन्होंने बतौर ट्रेनी TV9 भारतवर्ष डिजिटल में एक साल तक काम किया. ट्रेनी के दौरान अलग-अलग तरह की खबरों का अनुभव लेने के बाद TV9 भारतवर्ष डिजिटल में असिस्टेंट प्रड्यूसर के पद पर काम शुरू किया. यहां पर एंकरिंग, वॉइस ओवर, वीडियो प्रोडक्शन, न्यूज राइटिंग जैसे काम किए. इस समय वह एजुकेशन डेस्क पर कार्यरत हैं और स्टूडेंट्स के लिए करियर से जुड़े विकल्पों, बोर्ड परीक्षाओं, नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं और यूनिवर्सिटीज की महत्वपूर्ण जानकारियों को कवर कर रही हैं. सपना यादव को ट्रेवल करना, लिखना- पढ़ना पसंद है और वो प्रकृति को करीब से महसूस करना ज्यादा पसंद करती हैं. पत्रकारिता में सफर अभी जारी है.
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