August 16, 2026

National Overseas Scholarship : विदेश में पढ़ाई का सपना? सरकार दे रही है 100% स्कॉलरशिप; जानें पूरी डिटेल

सामाजिक न्याय मंत्रालय की नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप (NOS) के तहत एससी, घुमंतू जनजाति और भूमिहीन मजदूर वर्गों के छात्र विदेश में उच्च शिक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं।

क्या आप भी उन लाखों छात्रों में से एक हैं जो विदेश के किसी बड़े विश्वविद्यालय से पढ़ाई करने का सपना देखते हैं? लेकिन जैसे ही बात खर्चे की आती है, तो सारा जोश ठंडा पड़ जाता है। आम तौर पर मिडिल क्लास या गरीब तबके के बच्चों के लिए विदेश में पढ़ाई करना एक ऐसा सपना होता है जो अक्सर पैसों की कमी की वजह से टूट जाता है। लेकिन अब आपको मायूस होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। भारत सरकार का सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय आपकी इस परेशानी का एक शानदार हल लेकर आया है। मंत्रालय ने 'नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप' के बारे में अहम जानकारी साझा की है, जो ऐसे ही होनहार लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

हाल ही में, मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "बड़े सपने देखें और नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप के साथ विदेश में पढ़ाई करने के मौके का पूरा फायदा उठाएं। ज्यादा जानकारी के लिए क्यूआर कोड स्कैन करें।" यह पोस्ट उन सभी युवाओं के लिए एक सीधी पुकार है जो अपनी मेहनत के दम पर दुनिया भर में अपना और अपने देश का नाम रोशन करना चाहते हैं।

क्या है यह स्कॉलरशिप और किसे मिलेगा मौका?

आखिर यह स्कॉलरशिप क्या है और इसके तहत कितने छात्रों को फायदा मिलेगा? सीधे शब्दों में कहें तो, यह योजना हर साल उन होनहार छात्रों के लिए लाई जाती है जो विदेश जाकर मास्टर डिग्री या फिर पीएचडी करना चाहते हैं। बजट और फंड की उपलब्धता के हिसाब से, हर साल इस स्कॉलरशिप के तहत कुल 125 नए छात्रों को चुना जाता है।

शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लागू दिशा-निर्देशों के मुताबिक, यह स्कॉलरशिप मुख्य रूप से अनुसूचित जाति, विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू जनजातियों, भूमिहीन खेतिहर मजदूरों और पारंपरिक कारीगरों के लिए है। समाज के इस वर्ग को अक्सर आगे बढ़ने के मौकों की कमी का सामना करना पड़ता है, और सरकार की यह पहल उन्हें मुख्यधारा में लाने की एक बड़ी और असरदार कोशिश है।

सीटों का बंटवारा

अगर हम इन 125 सीटों के बंटवारे को समझें तो तस्वीर और भी साफ हो जाती है -

  • 115 सीटें खास तौर पर अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए रखी गई हैं।
  • 6 सीटें विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू जनजातियों के छात्रों के लिए हैं।
  • 4 सीटें भूमिहीन खेतिहर मजदूरों और पारंपरिक कारीगरों के बच्चों के लिए तय की गई हैं।

इसके अलावा, इस योजना की सबसे खूबसूरत बात यह है कि हर चुनाव वर्ष में कुल सीटों का 30 फीसदी हिस्सा हमारी बेटियों यानी महिला उम्मीदवारों के लिए रिजर्व किया गया है। यह कदम महिलाओं को उच्च शिक्षा के लिए आगे आने और अपने सपने पूरे करने का हौसला देता है।

कैसे मिलता है स्कॉलरशिप का पैसा?

अब आपके मन में यह सवाल जरूर आ रहा होगा कि इसका पैसा कैसे मिलता है? क्या सारा पैसा सीधे छात्र के बैंक खाते में आता है? इसका जवाब है- नहीं। सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी और आसान बनाया है। स्कॉलरशिप का पैसा मंत्रालय सीधे छात्रों के हाथ में नहीं देता। इसके बजाय, विदेश में स्थित भारतीय मिशन यानी दूतावासों को यह फंड जारी किया जाता है।

वहां से यह पैसा सीधे उस विदेशी यूनिवर्सिटी को ट्यूशन फीस के रूप में चुकाया जाता है जहां छात्र का एडमिशन हुआ है। साथ ही, वहां रहने-खाने के लिए मिलने वाला मेंटेनेंस अलाउंस और दूसरे जरूरी खर्च भी दूतावास के जरिए ही छात्रों या यूनिवर्सिटी तक पहुंचाए जाते हैं। इससे छात्रों को विदेश में पैसों के लेन-देन की झंझट से पूरी तरह मुक्ति मिल जाती है और वे बिना किसी टेंशन के सिर्फ अपनी पढ़ाई पर फोकस कर पाते हैं।

एक नई शुरुआत का मौका

विदेश में पढ़ाई करने का फायदा सिर्फ एक छात्र तक सीमित नहीं रहता। जब समाज के पिछड़े तबके का कोई एक युवा विदेश से मास्टर या पीएचडी की डिग्री लेकर लौटता है, तो वह पूरे समुदाय के लिए एक मिसाल बन जाता है। इस स्कॉलरशिप का सीधा सा मकसद उन युवाओं को दुनिया की बेहतरीन शिक्षा दिलाना है जो पैसों की तंगी के चलते पीछे रह जाते हैं। विदेश के उन संस्थानों या विश्वविद्यालयों में पढ़ाई करना, जिन्हें वहां की सरकार या मान्यता प्राप्त संस्थाओं से हरी झंडी मिली हुई है, इन छात्रों के आर्थिक और सामाजिक स्तर को हमेशा के लिए बदल कर रख सकता है।

अगर आप भी इस योजना का हिस्सा बनना चाहते हैं और तय की गई सभी शर्तें पूरी करते हैं, तो आपको तुरंत सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना चाहिए। वहां जाकर 2026-27 के लिए लागू 'नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप योजना' के दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ें। इसमें आपको अपनी योग्यता, आवेदन की प्रक्रिया, जरूरी कागजात और बाकी सारी बारीकियों के बारे में एकदम सटीक और पूरी जानकारी मिल जाएगी। अपनी तैयारी आज ही शुरू करें और अपने सपनों को एक नई उड़ान दें।