भोपाल समाचार, 16 जुलाई 2026: एक दिन पहले तक लग रहा था कि, दतिया के चुनाव में अचानक प्रत्याशी बदलने का मामला खत्म हो गया है लेकिन आज डॉ नरोत्तम मिश्रा के चुनावी भाषण ने स्पष्ट कर दिया है कि पिक्चर अभी बाकी है।
Narottam Mishra's Strong Message from Datia: Statement Reviewed
भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा ने जब आज दतिया में माइक संभाला तो, बिल्कुल वैसा ही भाषण दिया जिसकी उम्मीद पंडित नरोत्तम मिश्रा से की जा सकती थी। इस दौरान उन्होंने सबसे पहले तो दतिया के पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खंडेलवाल आईपीएस को अपने टारगेट पर लिया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता नाराज थे और उन्होंने चक्काजाम कर दिया था, तो निश्चित प्रावधान के अनुसार कार्रवाई करना चाहिए थी। भाजपा कार्यालय पर आंसू गैस की गोली क्यों दागे। जब चक्का जाम खुल गया था तो भाजपा कार्यकर्ताओं को क्यों पीटा। उन्होंने श्री मयूर खंडेलवाल को भरे मंच से चेतावनी देते हुए कहा कि मैं भूलने वाला प्राणी नहीं हूं। दोस्ती और दुश्मनी दोनों याद रखता हूं। बस 3 तारीख का इंतजार कर रहा हूं। उल्लेखनीय की 3 अगस्त को चुनाव का परिणाम घोषित होने वाला है।
Narottam Mishra's Latest Datia Speech: Key Takeaways and Political Analysis
इसके अलावा भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा ने अपने टिकट कटने के प्रसंग को अपने समर्थकों के बीच स्पष्ट करते हुए कहा कि, मेरा टिकट आशुतोष तिवारी या विशेष स्तर से नहीं कटा है बल्कि राष्ट्रीय स्तर से कटा है। इसलिए यहां चुनाव में भाजपा से बदला लेने की जरूरत नहीं है। आशुतोष तिवारी से बदला लेने की जरूरत नहीं है। जहां से टिकट कटा है, वहां मैं बात करूंगा। उन्होंने अपने समर्थकों को दतिया की लैंग्वेज में समझाते हुए कहा कि, जहां से टिकट कटा है वहां हमें बात करनी है और हम करेंगे, तुम जानते हो हम नहीं ठहरेंगे, हम करेंगे।
इस दौरान नरोत्तम मिश्रा ने यह भी बताया कि पुलिस के हमले में घायल कार्यकर्ता सुबह से उनके घर आ रहे थे। जब मंच पर भाषण दे रहा था तब भी मन में घायल कार्यकर्ताओं का विचार चल रहा था इसलिए आंसू आ गए। इस प्रकार उन्होंने स्पष्ट किया कि, टिकट नहीं मिलने के कारण आंसू नहीं आए थे। कार्यकर्ताओं पर लाठी चार्ज के कारण आंसू आए थे।
Datia: Narottam Mishra's Latest Statement Explained
कुल मिलाकर नरोत्तम मिश्रा ने स्पष्ट कर दिया कि, वह पार्टी के कार्यकर्ता होने के नाते चुनाव के समय पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी का प्रचार कर रहे हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि, उनके साथ जो कुछ भी किया गया, उसको भुला दिया गया है। इसका मतलब यह हुआ कि दतिया चुनाव के बाद, इस कहानी का दूसरा एपिसोड शुरू होगा।
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