Published: Thursday, October 8, 2026, 11:21 [IST]
Nana Patekar Last Rites: नाना पाटेकर के निधन के बाद हिंदी और मराठी फिल्म जगत में शोक का माहौल है। करीब पांच दशक तक पर्दे पर अपने दमदार अभिनय और खास अंदाज से दर्शकों के दिलों में जगह बनाने वाले नाना अब हमेशा के लिए खामोश हो गए हैं। 75 साल की उम्र में गोवा में कार्डियक अरेस्ट के बाद उनका निधन हुआ। उनके जाने के बाद फिल्मी दुनिया से लेकर उनके चाहने वाले तक उन्हें याद कर रहे हैं।
इस बीच उनकी अंतिम विदाई को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। परिवार उनकी एक खास इच्छा को पूरा करने जा रहा है, जिसका संबंध उस जगह से है जहां नाना को सुकून मिलता था। जहां वह फिल्मों की चमक-दमक से दूर अपना समय बिताना पसंद करते थे। वहीं महाराष्ट्र सरकार ने भी उनकी अंतिम विदाई को लेकर बड़ा फैसला किया है।
कहां होगा नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार?
नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार 8 अक्टूबर 2026 की शाम पुणे के पास डोंजे गांव में किया जाएगा। यहां उनका निजी फार्महाउस और आवास है, जिसे 'नानाची वाडी' के नाम से जाना जाता है। नाना का इस जगह से गहरा लगाव था। फिल्मों और मुंबई की व्यस्त जिंदगी से समय निकालकर वह अक्सर यहां पहुंचते थे। अब इसी जगह पर उनका अंतिम संस्कार करने की तैयारी की गई है।
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पूरी होगी नाना की आखिरी इच्छा
डोंजे स्थित फार्महाउस को अंतिम संस्कार के लिए चुनने के पीछे नाना पाटेकर की आखिरी इच्छा बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, नाना चाहते थे कि उनके निधन के बाद उनका अंतिम संस्कार उनके अपने फार्म पर ही किया जाए।
परिवार ने उनकी इसी इच्छा का सम्मान करते हुए अंतिम संस्कार के लिए नानाची वाडी को चुना है। गोवा में निधन होने के बाद उनके पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई के लिए महाराष्ट्र लाया जाएगा।
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
महाराष्ट्र सरकार ने नाना पाटेकर को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई देने का फैसला किया है। राज्य सरकार की ओर से इसकी घोषणा की गई है। नाना का मराठी रंगमंच, मराठी सिनेमा और हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने दशकों तक अलग-अलग तरह के किरदारों के जरिए अपनी पहचान बनाई। उनके इसी योगदान को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने राजकीय सम्मान देने का फैसला किया है।
फार्महाउस से था खास लगाव
नाना पाटेकर अपनी सादगी के लिए भी जाने जाते थे। करोड़ों की संपत्ति और फिल्मी दुनिया में बड़ा नाम होने के बावजूद उन्हें सामान्य जिंदगी पसंद थी। पुणे के पास स्थित उनका फार्महाउस ऐसी ही जगह थी, जहां वह शहर की भागदौड़ से दूर समय बिताते थे।
खेती में भी उनकी खास दिलचस्पी थी। वह अपने फार्म पर खेती से जुड़े कामों में समय बिताते थे और किसानों से भी उनका जुड़ाव रहा। यही वजह है कि उनके जीवन की आखिरी इच्छा भी इस जगह से जुड़ी बताई जा रही है।
गोवा में आया कार्डियक अरेस्ट
नाना पाटेकर का निधन गोवा में हुआ। वह 75 साल के थे। उन्हें कार्डियक अरेस्ट आने के बाद बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। उनके निधन की खबर सामने आते ही फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई। हिंदी और मराठी सिनेमा से जुड़े कलाकारों के साथ बड़ी संख्या में प्रशंसक भी उन्हें याद कर रहे हैं।
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