October 8, 2026

Nana Patekar Best Dialogues: एक मच्छर... से कंट्रोल उदय कंट्रोल तक, नाना पाटेकर के 10 सबसे पॉपुलर डायलॉग्स

बॉलीवुड एक्टर नाना पाटेकर का निधन हो गया. अपने करियर में एक से बढ़कर एक रोल्स प्ले किए हैं. उनके फैंस सबसे ज्यादा उनके डायलॉग्स के मुरीद रहे हैं. आइए जानते हैं एक्टर के 10 फेमस डायलॉग्स.

पुनीत उपाध्याय

पुनीत उपाध्याय | Edited By: इसराफिल |  Updated on: Oct 09, 2026 12:05 AM IST

Share

Nana Patekar 10 Famous Dialogues: बॉलीवुड एक्टर नाना पाटेकर ने 75 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया है. एक्टर ने अपने करियर में शानदार अभिनय से सभी का दिल जीत लिया. उन्हें उनकी यूनिक डायलॉग डिलीवरी और एक्सप्रेशन्स के लिए जाना जाता था. किसी को ऐसा हो सकता है कि एक्टर की फिल्म का नाम ना याद हो लेकिन उन्हें नाना पाटेकर का रोल और उस किरदार द्वारा प्ले किए डायलॉग्स हमेशा याद रहते हैं. एक्टर के निधन पर आइए जानते हैं कि उनके आइकॉनिक 10 डायलॉग्स कौन से हैं.

Nana Patekar 10 Famous Dialogues: बॉलीवुड एक्टर नाना पाटेकर ने 75 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया है. एक्टर ने अपने करियर में शानदार अभिनय से सभी का दिल जीत लिया. उन्हें उनकी यूनिक डायलॉग डिलीवरी और एक्सप्रेशन्स के लिए जाना जाता था. किसी को ऐसा हो सकता है कि एक्टर की फिल्म का नाम ना याद हो लेकिन उन्हें नाना पाटेकर का रोल और उस किरदार द्वारा प्ले किए डायलॉग्स हमेशा याद रहते हैं. एक्टर के निधन पर आइए जानते हैं कि उनके आइकॉनिक 10 डायलॉग्स कौन से हैं.

1 / 11

साल 1997 में आई यशवंत फिल्म में नाना पाटेकर ने लीड रोल प्ले किया था जिसमें वे यशवंत लोहार नाम के पुलिस अफसर के रोल में नजर आए थे. इसमें उनका डायलॉग 'एक मच्छर आदमी को...' खूब वायरल रहा था. इसकी लिरिक्स समीर ने लिखी थी. ये एक पूरी म्यूजिकल कविता थी जो करीब 4 मिनट 40 सेकंड की थी. ये उनका अब तक के करियर का सबसे बड़ा मोनोलॉग और सबसे पॉपुलर डायलॉग माना जाता है.

साल 1997 में आई यशवंत फिल्म में नाना पाटेकर ने लीड रोल प्ले किया था जिसमें वे यशवंत लोहार नाम के पुलिस अफसर के रोल में नजर आए थे. इसमें उनका डायलॉग 'एक मच्छर आदमी को...' खूब वायरल रहा था. इसकी लिरिक्स समीर ने लिखी थी. ये एक पूरी म्यूजिकल कविता थी जो करीब 4 मिनट 40 सेकंड की थी. ये उनका अब तक के करियर का सबसे बड़ा मोनोलॉग और सबसे पॉपुलर डायलॉग माना जाता है.

2 / 11

क्रांतिवीर फिल्म में नाना पाटेकर के एक से बढ़कर एक डायलॉग्स थे जो अभी भी लोगों की जुबान पर रहते हैं. इसमें 'ये मुसलमान का खून ये हिंदू का खून' दुनियाभर में बहुत पॉपुलर रहा था. इसके जरिए उन्होंने समाज को संप्रदायिक संदेश दिया था और इस सीन को हिंदू-मुस्लिम एकता को बढ़ावा देने के प्रतीक के तौर पर देखा जाता है.

क्रांतिवीर फिल्म में नाना पाटेकर के एक से बढ़कर एक डायलॉग्स थे जो अभी भी लोगों की जुबान पर रहते हैं. इसमें 'ये मुसलमान का खून ये हिंदू का खून' दुनियाभर में बहुत पॉपुलर रहा था. इसके जरिए उन्होंने समाज को संप्रदायिक संदेश दिया था और इस सीन को हिंदू-मुस्लिम एकता को बढ़ावा देने के प्रतीक के तौर पर देखा जाता है.

3 / 11

साल 1994 में आई क्रांतिवीर फिल्म में उन्होंने प्रताप नारायण तिलक का रोल प्ले किया था. इसमें उन्होंने अंत में एक मोनोलॉग बोला था जो उनके करियर की अब तक की बेस्ट परफॉर्मेंस मानी जाती है. इसकी शुरुआत 'आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने' से होती है और यही इस फिल्म का क्लैमेक्स प्वाइंट भी होता है.

साल 1994 में आई क्रांतिवीर फिल्म में उन्होंने प्रताप नारायण तिलक का रोल प्ले किया था. इसमें उन्होंने अंत में एक मोनोलॉग बोला था जो उनके करियर की अब तक की बेस्ट परफॉर्मेंस मानी जाती है. इसकी शुरुआत 'आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने' से होती है और यही इस फिल्म का क्लैमेक्स प्वाइंट भी होता है.

4 / 11

'ऐ ये तुम्हारे नापाक कदम आगे ना बढ़ाओ, तोड़कर तुम्हारे गले में पहना दूंगा.' क्रांतिवीर फिल्म का उनका ये डायलॉग भी खूब वायरल हुआ था. फिल्म में उनके साथ अतुल कुलकर्णी, ममता कुलकर्णी और डिंपल कपाड़िया भी अहम रोल में थे.

'ऐ ये तुम्हारे नापाक कदम आगे ना बढ़ाओ, तोड़कर तुम्हारे गले में पहना दूंगा.' क्रांतिवीर फिल्म का उनका ये डायलॉग भी खूब वायरल हुआ था. फिल्म में उनके साथ अतुल कुलकर्णी, ममता कुलकर्णी और डिंपल कपाड़िया भी अहम रोल में थे.

5 / 11

'अपना तो वसूल है पहले लात फिर बात इसके बाद मुलाकात' डायलॉग नाना पाटेकर की तिरंगा फिल्म का है. इसमें वे इंस्पेक्टर शिवाजी राव वाघले नाम के एक सख्त इंस्पेक्टर का रोल प्ले करते नजर आए थे. फिल्म में उनका रोल युवाओं की पसंद माना जाता है.

'अपना तो वसूल है पहले लात फिर बात इसके बाद मुलाकात' डायलॉग नाना पाटेकर की तिरंगा फिल्म का है. इसमें वे इंस्पेक्टर शिवाजी राव वाघले नाम के एक सख्त इंस्पेक्टर का रोल प्ले करते नजर आए थे. फिल्म में उनका रोल युवाओं की पसंद माना जाता है.

6 / 11

'बेहतर है तू अपना इरादा बदल दे नहीं तो मैं तेरा नक्शा बदल दूंगा' डायलॉग गुलाम-ए-मुस्तफा फिल्म का है. इस फिल्म में वे जरूरतमंदों के लिए मसीहा बनकर आते हैं और सिस्टम के साथ ही जिस गैंग का वे हिस्सा रहते हैं उससे भी मुकाबला करते हैं. लेकिन गलत कामों में लगे रहने के बाद भी वे अपने अंदर के अच्छे इंसान को कभी मरने नहीं देते हैं.

'बेहतर है तू अपना इरादा बदल दे नहीं तो मैं तेरा नक्शा बदल दूंगा' डायलॉग गुलाम-ए-मुस्तफा फिल्म का है. इस फिल्म में वे जरूरतमंदों के लिए मसीहा बनकर आते हैं और सिस्टम के साथ ही जिस गैंग का वे हिस्सा रहते हैं उससे भी मुकाबला करते हैं. लेकिन गलत कामों में लगे रहने के बाद भी वे अपने अंदर के अच्छे इंसान को कभी मरने नहीं देते हैं.

7 / 11

सीरियस और एक्शन फिल्में करने वाले नाना पाटेकर ने विलेन के तौर पर भी अपना शानदार काम दिखा दिया था. लेकिन एक कॉमेडियन के तौर पर उनकी एक्टिंग पूरी तरह से निखर कर आई 2007 में आई फिल्म वेलकम में. इस फिल्म में उन्होंने अंडरवर्ल्ड डॉन उदय शेट्टी का रोल किया था. इसमें जब भी उन्हें किरदार को गुस्सा आता है तो वो 'कंट्रोल उदय कंट्रोल' कह कर दिखाता है. उनका ये डायलॉग आज भी काफी लोकप्रिय है और मीम्स का हिस्सा है.

सीरियस और एक्शन फिल्में करने वाले नाना पाटेकर ने विलेन के तौर पर भी अपना शानदार काम दिखा दिया था. लेकिन एक कॉमेडियन के तौर पर उनकी एक्टिंग पूरी तरह से निखर कर आई 2007 में आई फिल्म वेलकम में. इस फिल्म में उन्होंने अंडरवर्ल्ड डॉन उदय शेट्टी का रोल किया था. इसमें जब भी उन्हें किरदार को गुस्सा आता है तो वो 'कंट्रोल उदय कंट्रोल' कह कर दिखाता है. उनका ये डायलॉग आज भी काफी लोकप्रिय है और मीम्स का हिस्सा है.

8 / 11

'भगवान का दिया हुआ सबकुछ है' डायलॉग भी उन्होंने वेलकम फिल्म में कई बार दोहराया था. इसी को कम्प्लीट करने के लिए वे अपने गैंग के एक साथी की हेल्प लेते हैं जो, 'मेरी एक टांग लंगड़ी थी' डायलॉग बोलता है. वो डायलॉग भी खूब पॉपुलर होता है. इस डायलॉग को एक्टर मुश्ताक खान ने बोला था. इत्तेफाक से कुछ दिनों पहले ही उनका भी निधन हो गया.

'भगवान का दिया हुआ सबकुछ है' डायलॉग भी उन्होंने वेलकम फिल्म में कई बार दोहराया था. इसी को कम्प्लीट करने के लिए वे अपने गैंग के एक साथी की हेल्प लेते हैं जो, 'मेरी एक टांग लंगड़ी थी' डायलॉग बोलता है. वो डायलॉग भी खूब पॉपुलर होता है. इस डायलॉग को एक्टर मुश्ताक खान ने बोला था. इत्तेफाक से कुछ दिनों पहले ही उनका भी निधन हो गया.

9 / 11

साल 2013 में आई फिल्म द अटैक ऑफ 26/11 में नाना पाटेकर ने पुलिस अफसर राकेश मारिया का रोल प्ले किया था. इस रोल में उनकी एक्टिंग को काफी पसंद किया गया था. फिल्म में वे एक सीन में आतंकवादियों से बात करते हुए कहते हैं- 'शहादत का तुम जैसे गुमराहों ने तमाशा बनाकर रखा है'.

साल 2013 में आई फिल्म द अटैक ऑफ 26/11 में नाना पाटेकर ने पुलिस अफसर राकेश मारिया का रोल प्ले किया था. इस रोल में उनकी एक्टिंग को काफी पसंद किया गया था. फिल्म में वे एक सीन में आतंकवादियों से बात करते हुए कहते हैं- 'शहादत का तुम जैसे गुमराहों ने तमाशा बनाकर रखा है'.

10 / 11

द अटैक ऑफ 26/11 में उनके किरदार का आतकंवादी कसाब के साथ भी संवाद होता है. इसमें उनका एक डायलॉग बहुत गहराई लिए होता है. इसमें वे कहते हैं कि-'करना है जिहाद तो पहले अपनी नफ्स के साथ करो. अपने दिल-ओ-दिमाग में पनपती उन बुराइयों के साथ. वो है असली जिहाद, जिहाद-उल-अकबर'.

द अटैक ऑफ 26/11 में उनके किरदार का आतकंवादी कसाब के साथ भी संवाद होता है. इसमें उनका एक डायलॉग बहुत गहराई लिए होता है. इसमें वे कहते हैं कि-'करना है जिहाद तो पहले अपनी नफ्स के साथ करो. अपने दिल-ओ-दिमाग में पनपती उन बुराइयों के साथ. वो है असली जिहाद, जिहाद-उल-अकबर'.

11 / 11

Follow Us