September 16, 2026

Nana Patekar: ₹1.5 करोड़ की कार खरीदने वाले थे नाना पाटकेर, किसानों की मौत की खबर सुन पिघला दिल, दान किए पैसे - Haribhoomi

नाना पाटेकर अक्सर अपने बेबाक और गुस्सैल अंदाज के लिए चर्चा में रहते हैं, लेकिन उनका दरियादिली वाला साइड कम ही लोगों के सामने आता है। एक किस्सा सामने आया है जब किसानों की मौत को लेकर नाना पाटेकर ने अपनी पसंदीदा कार छोड़ दी थी।

Nana Patekar

नाना पाटेकर

  • Published: 16 Sep 2026, 04:02 PM IST
  • Last Updated: 16 Sep 2026, 04:02 PM IST

Nana Patekar: बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर अपनी बेबाक छवि और तेज-तर्रार स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। हालांकि, उनके व्यक्तित्व का एक दूसरा पहलू भी है, जिससे कम ही लोग वाकिफ हैं। नाना पाटेकर जितने गुस्सैल स्वभाव के लिए जाने जाते हैं, वे उतने ही संवेदनशील भी हैं। उनके करीब रहे लेखक रणबीर पुष्प ने नाना पाटेकर से जुड़ा एक ऐसा ही किस्सा साझा किया है, जिसमें अभिनेता ने अपने लिए महंगी कार खरीदने के बजाय किसान परिवारों की मदद को प्राथमिकता दी थी।

किसान आत्महत्याओं की खबर देखकर बदला नाना पाटेकर का दिल
लेखक रणबीर पुष्प ने यह किस्सा अभिनेता के साथ अपने पुराने जुड़ाव को याद करते हुए साझा किया। दोनों ने 1996 में आई मनोवैज्ञानिक थ्रिलर फिल्म 'अग्निसाक्षी' में साथ काम किया था।

सिद्धार्थ कन्नन के साथ बातचीत में रणबीर पुष्प ने बताया कि एक दिन नाना पाटेकर ने समाचारों में किसान आत्महत्याओं से प्रभावित परिवारों की स्थिति देखी। रणबीर ने बताया, "एक दिन वह न्यूज देख रहे थे और उन्होंने देखा कि कई किसानों की आत्महत्या के बाद उनके परिवार दुख में डूबे हुए थे। अगले दिन उन्हें 1.5 करोड़ रुपये की कार खरीदनी थी, लेकिन उन्होंने अपने आर्टिस्ट दोस्त को फोन किया और कहा कि 15-15 हजार रुपये के चेक बनाकर सभी किसानों के परिवारों में बांट दिए जाएं। जो इंसान किसानों के आंसू पोंछता है, वह किसी का बुरा नहीं कर सकता। उन्होंने NAAM फाउंडेशन बनाया, जिसने आज तक बहुत सारा फंड इकट्ठा किया है। वह खुद एक फार्म में रहते हैं।"

Nana Patekar
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किसानों की मदद के लिए बनाई 'नाम फाउंडेशन'
रणबीर पुष्प ने बातचीत में नाना पाटेकर के सामाजिक कार्यों का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, किसानों और ग्रामीण परिवारों की सहायता के उद्देश्य से नाना पाटेकर ने NAAM Foundation से जुड़कर काम किया और जरूरतमंद परिवारों तक मदद पहुंचाने की कोशिश की।

पुष्प ने कहा कि जो व्यक्ति दूसरों के दुख और आंसू पोंछने के लिए आगे आता है, उसके स्वभाव को केवल उसके गुस्से से नहीं समझा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि नाना खुद एक फार्महाउस में रहते हैं।

नाना के गुस्से के पीछे होती है एक वजह
रणबीर पुष्प ने नाना पाटेकर के गुस्सैल स्वभाव को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अभिनेता का गुस्सा अक्सर उन चीजों को लेकर सामने आता है जिन्हें वह गलत मानते हैं।

इसके लिए उन्होंने एक घटना का उदाहरण दिया। उनके मुताबिक, नाना ने एक बार चलते वाहन से किसी व्यक्ति को सड़क पर प्लास्टिक की बोतल फेंकते हुए देखा। यह देखकर वह नाराज हो गए।

उन्होंने गाड़ी रोककर सड़क से बोतल उठाई और आगे जाकर ट्रैफिक सिग्नल पर उस वाहन को रुकवाया। इसके बाद उन्होंने चालक से बातचीत करते हुए सवाल किया कि सड़क को साफ रखने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है।