August 29, 2026

Muskan Murder: 2018 में नाबालिग लड़की से छेड़छाड़, जानलेवा हमला...अब मुस्कान की हत्या, इमरान के क्राइम रिकॉर्ड का पर्दाफाश - Haribhoomi

Delhi Muskan Murder Case: तिलक नगर के मुस्कान हत्याकांड के आरोपित आकिब उर्फ इमरान को लेकर पुलिस जांच में नए खुलासे हुए हैं।

Delhi Muskan Murder Case

मुस्कान हत्याकांड के आरोपी आकिब उर्फ इमरान को लेकर नए खुलासे।

  • Published: 29 Aug 2026, 05:57 PM IST
  • Last Updated: 29 Aug 2026, 05:57 PM IST

Delhi  Muskan Murder Case: दिल्ली के तिलक नगर में हुई 21 साल की मुस्कान हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है आरोपित आकिब उर्फ इमरान के बारे में नए खुलासे होने लगे हैं। पुलिस को अब तक की जांच में हत्या के पीछे सी सुनियोजित साजिश से ज्यादा व्यक्तिगत विवाद, शक और इमरान के गुस्सैल व्यवहार की भूमिका ज्यादा लग रही है। वारदात के बाद हुई मुठभेड़ और आरोपित के पुराने आपराधिक मामलों ने भी जांच को नया मोड़ दिया है।

जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने मुस्कान का वह मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है, जिसे हत्या के बाद आकिब अपने साथ ले गया था। मोबाइल की जांच करने पर दोनों के बीच हुई बातचीत के अलावा मुस्कान की एक दूसरे युवक से हुई चैट के बारे में भी पता लगा है।  

पुलिस ने संदेह जताया है कि मुस्कान का दूसरे युवक से बात करना इमरान को अच्छा नहीं लगा, इसी के चलते दोनों के बीच वारदात वाले दिन कहासुनी हुई। मुस्कान ने इमरान को घर से जाने के लिए कहा, लेकिन विवाद इतना बढ़ गया कि आकिब ने उस पर चाकू से हमला कर दिया। पेट और सीने में कई वार करने के कारण मुस्कान की मौत हो गई।  

इमरान के खिलाफ POCSO में दर्ज हुआ था केस

पुलिस को जांच के दौरान इमरान के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड के बारे में भी पता लगा है। बताया जा रहा है कि इमरान तिलक नगर थाने का हिस्ट्रीशीटर रहा है। पुलिस को पता लगा है कि साल 2018 में एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ और विरोध करने पर उसका हाथ तोड़ने के मामले में पोक्सो एक्ट के तहत जेल गया था। जेल में जाने के बावजूद इमरान सुधरा नहीं। वहीं साल 2021 में शख्स के सिर पर पत्थर की सिल्ली मारकर जानलेवा हमला करने के आरोप में भी वह जेल गया था। फिलहाल वह जमानत पर बाहर था। 

इमरान को नशे की लत 

इमरान को नशे की लत थी, जिसकी वजह से उसे नशामुक्ति केंद्र भी भेजा गया था, लेकिन वहां खुद को नुकसान पहुंचाने के कारण उसे 30 जुलाई को छोड़ दिया गया था।

पुलिस फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फरारी के दौरान इमरान को किसने पनाह दी, और उसे मुठभेड़ में इस्तेमाल हथियार किसने मुहैया कराया। पुलिस इमरान की कॉल डिटेल और लोकेशन के आधार पर उसके मददगारों की तलाश कर रही है।  

18 जुलाई को मुस्कान ने दर्ज कराई थी शिकायत 

पुलिस की जांच में एक अहम तथ्य यह भी सामने आया है कि मुस्कान ने 18 जुलाई को इमरान के खिलाफ  परेशान करने की शिकायत की थी। इसके बावजूद दोनों के बीच संपर्क बना रहा। पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश में जुटी है कि  POCSO समेत गंभीर मामलों में आरोपी रह चुके इमरान को जिम में काम कैसे मिला, और उसके नियुक्ति से पहले कोई पुलिस सत्यापन हुआ था या नहीं। 

पुलिस पर की थी फायरिंग

बता दें कि इमरान को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया था।  राजौरी गार्डन स्थित नाला रोड के पास खुद को घिरा देख इमरान ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ चार राउंड फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में इमरान के दोनों पैरों में गोलियां लगीं, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में दबोचकर अस्पताल भर्ती कराया गया। पुलिस फिलहाल अब सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।