September 4, 2026

Munna Character Review: ये नया मुन्ना है... 'मिर्जापुर द मूवी' में दिव्येंदु के साथ नाइंसाफी हुई!

Munna Character Review: ये नया मुन्ना है... 'मिर्जापुर द मूवी' में दिव्येंदु के साथ नाइंसाफी हुई!

मिर्जापुर: द मूवी मुन्ना भैया

Munna Bhaiya Character Review: जब ओटीटी की दुनिया में ‘मिर्जापुर 3’ की एंट्री हुई थी, तो भले ही सीरीज में गोलियां तड़ातड़ चलीं, लेकिन हर दर्शक के दिल में एक खालीपन था. वो खालीपन था ‘मुन्ना त्रिपाठी’ का. जिस किरदार ने पहले दो सीजन में यह साबित कर दिया था कि वो अमर है, उसे बड़े पर्दे की 70mm स्क्रीन पर वापस देखना अपने आप में एक अलग अनुभव है. निर्देशक ने इस बार मुन्ना को सिर्फ एक ‘हिंसक गुंडे’ की तरह पेश नहीं किया, बल्कि उसके अंदर एक ऐसा इंसान ढूंढ़कर निकाला है, जिससे आप चाहकर भी नफरत नहीं कर सकते.

मुन्ना भैया बिगड़े हुए हैं, बेखौफ हैं और कब किसको निपटा दें कोई नहीं जानता. लेकिन इस फिल्म में उनका एक ‘ह्यूमन टच’ निकलकर सामने आया है. एक सीन आता है, जहां वो एक केक शॉप पर जाते हैं. केक पर लिखा होता है ‘हैप्पी बर्थडे मम्मी’, जिस पर मुन्ना का पारा चढ़ जाता है और वो दुकानदार की क्लास लगा देते हैं कि “हैप्पी बर्थडे ग्रेट मम्मी क्यों नहीं लिखा?” उसके बाद वहां एक आदमी उन्हें अंग्रेजी ग्रामर समझाने लगता है और कहता है ‘ग्रेट’ के आगे ‘द’ भी लगेगा. यहां पर मुन्ना का मजेदार वन-लाइनर सुनने को मिलता है. वो कहते हैं, “द के आगे और क्या लगता है पता है ना…द एंड, अभी लगा दिया जाएगा!”

मुन्ना के किरदार में इमोशन

जब दुकानदार टैग बदलता है, तो मुन्ना दुकान के सारे टैग खरीद लेते हैं ये कहकर कि सिर्फ हमारी ही मम्मी ग्रेट हैं, सबकी नहीं. लेकिन यहीं पर फिल्म मुन्ना का असली दिल दिखाती है कि वो सिर्फ गुंडागर्दी नहीं करते, बल्कि उस गरीब दुकानदार को पूरे पैसे थमाकर जाते हैं. ये विरोधाभास ही मुन्ना को सबसे अलग खड़ा करता है. एक दूसरा डायलॉग भी इसी मिजाज का है,”हमारे लव के गार्डन में रह रहे हो तुम, इसलिए छोड़ रहे हैं, वरना…”

बापू का प्यार और गुड्डू के साथ चौंकाने वाला मोड़

‘मिर्जापुर‘ सीजन 1 और 2 में हमने देखा था कि मुन्ना सिर्फ अपने पिता यानी कालीन भैया (अखंडानंद त्रिपाठी) की गद्दी और उनका ध्यान (अटेंशन) पाने के लिए छटपटाते थे. लेकिन इस फिल्म में उस भूख के साथ-साथ पिता के लिए एक सच्चा प्यार और चिंता भी साफ झलकती है. वो सिर्फ कुर्सी हथियाने वाला बेटा नहीं, बल्कि अपने बापू की ढाल बनने को तैयार एक वारिस के रूप में उभरते हैं.

गुड्डू और बबलू के साथ मुन्ना की पुरानी रंजिश बरकरार तो है, लेकिन इस बार उनका समीकरण एक बेहद हैरान कर देने वाला मोड़ लेता है. पुरानी सीरीज में दोनों एक-दूसरे का खून बहाने पर आमादा थे. पर यहां कुछ ऐसी परिस्थितियां बनती हैं, जहां मुन्ना का सॉफ्ट कॉर्नर और उनका इंसानी पहलू खुलकर सामने आता है. ये नया डायनामिक दर्शकों को उनसे और भी बांधकर रखता है.

कहां रह गई थोड़ी सी कसर?

अगर तुलना करें, तो इस बार राइटिंग में मुन्ना के हिस्से वो कल्ट डायलॉग्स नहीं आए हैं, जो मीम्स की दुनिया पर राज कर सकें. जैसे सीजन 1 और 2 में ‘अमर हैं हम’ या ‘यहां जलवा है हमारा’ जैसे वन-लाइनर्स लोगों की जुबान पर चढ़ गए थे. इस फिल्म में मुन्ना के पास वैसे अमर मुहावरे थोड़े कम हैं. उनके किरदार की राइटिंग करते वक्त डायलॉग्स के मामले में उनके साथ थोड़ी नाइंसाफी हुई है. सच कहें तो फिल्म में बाकी किरदारों के पास मुन्ना के मुकाबले ज्यादा चटपटे और तीखे पंच हैं.

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दिव्येंदु शर्मा ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मुन्ना का चोला उनसे बेहतर कोई नहीं पहन सकता. भले ही इस बार उनके पास दोहराए जाने वाले डायलॉग्स कम हों, लेकिन उन्होंने अपनी आंखों, बॉडी लैंग्वेज और किरदार की अंदरूनी मासूमियत से इसकी भरपाई कर दी है. ये नया मुन्ना भैया गाली भी देता है, मजाक भी करता है, मां के लिए रोता भी है और गोली भी चलाता है, लेकिन अपने अंदर के उस बच्चे को जिंदा रखता है जिसे सिर्फ प्यार और अपनापन चाहिए.

सोनाली नाईक

सोनाली नाईक

सोनाली करीब 15 सालों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रहार न्यूज पेपर से उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी. इस न्यूज पेपर में बतौर रिपोर्टर काम करते हुए सोनाली ने एंटरटेनमेंट बीट के साथ-साथ सीसीडी (कॉलेज कैंपस और ड्रीम्स) जैसे नए पेज पर काम किया. उन्होंने वहां 'फैशनेरिया' नाम का कॉलम भी लिखा. इस दौरान एलएलबी की पढ़ाई भी पूरी की, लेकिन पत्रकारिता के जुनून की वजह से इसी क्षेत्र में आगे बढ़ने के इरादे से 2017 में टीवी9 से सीनियर कोरेस्पोंडेंट के तौर पर अपनी नई पारी शुरू की. टीवी9 गुजराती चैनल में 3 साल तक एंटरटेनमेंट शो की जिम्मेदारी संभालने के बाद सोनाली 2020 में टीवी9 हिंदी डिजिटल की एंटरटेनमेंट टीम में शामिल हुईं. सोनाली ने टीवी9 के इस सफर में कई ब्रेकिंग, एक्सक्लूसिव न्यूज और ऑन ग्राउंड कवरेज पर काम किया है. हिंदी के साथ-साथ गुजराती, मराठी, इंग्लिश भाषा की जानकारी होने के कारण डिजिटल के साथ-साथ तीनों चैनल के लिए भी उनका योगदान रहा है. रियलिटी शोज और ग्लोबल कंटेंट देखना सोनाली को पसंद है. नई भाषाएं सीखना पसंद है. संस्कृत भाषा के प्रति खास प्यार है. नुक्कड़ नाटक के लिए स्क्रिप्ट लिखना पसंद है. सोनाली के लिखे हुए स्ट्रीट प्लेज 'पानी', 'मेड इन चाइना' की रीडिंग 'आल इंडिया रेडियो' पर सोशल अवेयरनेस के तौर पर की जा चुकी है.

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