शिवसेना की राष्ट्रीय प्रवक्ता और मशहूर फैशन डिजाइनर शाइना एनसी का वॉट्सऐप अकाउंट हैक कर साइबर ठगों ने उनके आठ करीबी लोगों से कुल 3.92 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने शाइना के नाम और नंबर का इस्तेमाल करते हुए हर व्यक्ति से 49-49 हजार रुपये मंगवाए और भरोसा दिलाया कि रकम दो घंटे के भीतर लौटा दी जाएगी। पारिवारिक और करीबी संबंध होने के कारण लोगों ने बिना किसी संदेह के पैसे भेज दिए।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर शिवसेना नेता ने उठाए सवाल
घटना के बाद शाइना एनसी ने मुंबई पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि समय पर कार्रवाई होती तो लोगों के लाखों रुपये बचाए जा सकते थे। उन्होंने कहा कि पुलिस को गुरुवार दोपहर करीब दो बजे ही वॉट्सऐप हैक होने की जानकारी दे दी गई थी, लेकिन तत्काल कार्रवाई नहीं की गई। इस दौरान हैकर उनके संपर्क में मौजूद लोगों से लगातार चैट करते रहे और शाम करीब छह बजे तक अलग-अलग लोगों से पैसे मंगवाते रहे।
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शाइना ने कहा कि साइबर अपराध के मामलों में हर मिनट बेहद अहम होता है। यदि शुरुआती सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो जाती और संबंधित खातों को तुरंत ब्लॉक कराने की प्रक्रिया शुरू कर देती, तो जालसाजों को आगे ठगी करने का मौका नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि उनकी जैसी सार्वजनिक जीवन से जुड़ी शख्सियत की शिकायत पर भी यदि इतनी सुस्ती बरती जाती है, तो आम लोगों को न्याय मिलने में कितनी परेशानी होती होगी, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
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हैकिंग का पता चलते ही पुलिस को सूचित किया था
उन्होंने बताया कि उनकी टीम ने घटना का पता चलते ही पुलिस को सूचित किया था और हैकर के जीपे खाते को तत्काल ब्लॉक कराने का अनुरोध भी किया था। इसके बावजूद मामला दर्ज करने और आवश्यक कार्रवाई शुरू करने में देरी हुई। इसी दौरान साइबर ठग कई और लोगों से पैसे ट्रांसफर कराने में सफल रहे।
शाइना के अनुसार, ठगी का शिकार बने लोगों ने उन्हें बताया कि उनके मोबाइल पर शाइना के नंबर से 'कुछ मदद चाहिए' का संदेश आया था। संदेश में लिखा था कि तत्काल 49 हजार रुपये भेज दें और दो घंटे के भीतर पूरी रकम वापस कर दी जाएगी। चूंकि संदेश उनके परिचित नंबर से आया था, इसलिए किसी ने भी उसकी सत्यता की जांच नहीं की और सीधे पैसे भेज दिए। शाइना एनसी ने पुलिस के इस रवैये की शिकायत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से भी की है और साइबर अपराध के मामलों में त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया है।