Home mp-state-news MPPSC AP नियुक्तियां हाई कोर्ट के फैसले के अधीन रहेगी, अतिथि विद्वानों को नियम विरुद्ध लाभ देने का मामला
9/20/2026 10:38:00 AM
जबलपुर, 20 सितंबर 2026: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर में असिस्टेंट प्रोफेसर (इतिहास) के पदों पर चयन एवं नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर दायर याचिका पर माननीय न्यायमूर्ति विशाल धगत की पीठ ने सुनवाई करते हुए प्रतिवादीगण को नोटिस जारी किया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकरण के लंबित रहने के दौरान की जाने वाली कोई भी नियुक्ति रिट याचिका में पारित होने वाले अंतिम आदेश के अधीन रहेगी।
यह मामला विमल कुमार तिवारी & Others Vs. State of Madhya Pradesh & Others से संबंधित है। न्यायालय द्वारा याचिकाकर्ता के पक्ष में आदेश पारित किया गया। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता सतेन्द्र ज्योतिषी ने न्यायालय के समक्ष पक्ष रखते हुए बताया कि मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा वर्ष 2025 में असिस्टेंट प्रोफेसर, इतिहास विषय के पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया था, जिसमें याचिकाकर्ताओं ने आवेदन किया था। याचिकाकर्ताओं के अनुसार वे विगत कई वर्षों से उच्च शिक्षा विभाग के अधीन विभिन्न महाविद्यालयों में अतिथि विद्वान/गेस्ट फैकल्टी के रूप में कार्यरत रहे हैं।
याचिकाकर्ताओं की ओर से यह भी प्रस्तुत किया गया कि शासन की नीति के अंतर्गत पात्र अतिथि विद्वानों के लिए निर्धारित 25 प्रतिशत आरक्षण/प्रावधान का लाभ निर्धारित पात्रता एवं शर्तों को पूरा करने वाले अभ्यर्थियों को दिया जाना था। याचिकाकर्ताओं ने चयन प्रक्रिया में कुछ अभ्यर्थियों द्वारा कथित रूप से इस प्रावधान का अनुचित लाभ लिए जाने का आरोप लगाते हुए MPPSC एवं संबंधित विभाग के समक्ष शिकायत/आपत्ति प्रस्तुत की थी। मामले में लगातार कार्यरत अतिथ विद्वानों को ही लाभ देने की बात कही गई है।
मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने प्रतिवादीगण को नोटिस जारी करते हुए जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा है कि “Any appointment made shall be subject to final order which will be passed in this Writ Petition.”
इस आदेश के बाद असिस्टेंट प्रोफेसर (इतिहास) पद की चयन एवं नियुक्ति प्रक्रिया के माध्यम से की जाने वाली नियुक्तियां हाईकोर्ट के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगी।
याचिकाकर्ताओं की ओर से मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में अधिवक्ता सतेन्द्र ज्योतिषी, अभिषेक मिश्रा, अनुजाय मिश्रा एवं वरुण दुबे ने पक्ष रखा।
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