September 26, 2026

इंदौर भेजने पिता ने रुपए उधार लिए, बेटा अफसर बना: किसान का बेटा पवन MPPSC में सातवीं रैंक लाकर मध्यप्रदेश में सहायक प्राध्यापक बना - Bhind News

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यह कहना है भिंड निवासी पवन कुमार के किसान पिता सत्येंद्र कुमार तिवारी का। पवन ने MPPSC सहायक प्राध्यापक समाजशास्त्र परीक्षा-2024 में प्रदेश में सातवीं रैंक हासिल की है। EWS वर्ग में उनकी पहली रैंक रही। उनका चयन मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग में सहायक प्राध्यापक समाजशास्त्र के पद पर हुआ है।

भिंड की लहार तहसील के रावतपुरा खुर्द गांव के रहने वाले पवन किसान परिवार से हैं। उन्होंने इंदौर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। इसके बाद MPPSC समेत दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं में कई प्रयास किए। कुछ में असफलता मिली तो कुछ में चयन हुआ, लेकिन सहायक प्राध्यापक बनने के लक्ष्य के लिए तैयारी जारी रखी।

रावतपुरा खुर्द गांव के रहने वाले पवन ने दिन-रात मेहनत की।

रावतपुरा खुर्द गांव के रहने वाले पवन ने दिन-रात मेहनत की।

पहले प्रयास में इंटरव्यू तक पहुंचे, परिणाम अटक गया

पवन ने लहार के सरकारी स्कूल से पढ़ाई की। इसके बाद शासकीय महाविद्यालय, लहार से बीएससी किया। आगे की पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। ग्वालियर के डॉ. भगवत सहाय शासकीय महाविद्यालय से समाजशास्त्र में एमए किया।

वर्ष 2019 में उन्होंने MPPSC राज्य सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। इसके बाद लगातार अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रयास करते रहे।

वर्ष 2020 में पवन ने पहली बार MPPSC राज्य सेवा परीक्षा दी। प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा पास करने के बाद इंटरव्यू तक पहुंचे। 87-13 फॉर्मूले से जुड़े मामले के कारण परिणाम अटक गया और उस प्रयास में चयन नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने तैयारी जारी रखी और अगले प्रयासों में भी MPPSC की परीक्षा दी।

लगातार दो प्रयासों में मुख्य परीक्षा नहीं निकली

वर्ष 2021 में पवन MPPSC की मुख्य परीक्षा में सफल नहीं हो सके। वर्ष 2022 में भी मुख्य परीक्षा में सफलता नहीं मिली।

इसी दौरान उन्होंने UGC-NET क्वालिफाई किया। इसके बाद SSC के माध्यम से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण में उनका चयन हुआ और उन्हें पहली सरकारी नौकरी मिली।

परिजनों के साथ पवन तिवारी।

परिजनों के साथ पवन तिवारी।

चेन्नई में नौकरी के बाद रात तक पढ़ाई की

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण में चयन के बाद पवन की पोस्टिंग चेन्नई में हुई। उनकी ड्यूटी सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक थी। नौकरी से लौटने के बाद वह खुद खाना बनाते और फिर पढ़ाई करते थे।

नौकरी और तैयारी साथ चलाने के दौरान कई बार रात 3-4 बजे तक पढ़ाई की। सुबह फिर नौकरी पर जाना होता था। इसके बावजूद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखी।

सहायक प्राध्यापक परीक्षा में इंटरव्यू के बाद वेटिंग

पवन ने MPPSC की सहायक प्राध्यापक समाजशास्त्र परीक्षा में भी प्रयास किया। लिखित परीक्षा पास करने के बाद इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन अंतिम चयन सूची में नाम वेटिंग में रहा।

इस प्रयास में चयन नहीं होने के बाद भी उन्होंने तैयारी जारी रखी और सहायक प्राध्यापक बनने के लिए अगली परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।

पवन तिवारी के मकान निर्माण का काम भी चल रहा है।

पवन तिवारी के मकान निर्माण का काम भी चल रहा है।

दूसरी सरकारी नौकरियों में भी चयन होता रहा

इसी दौरान पवन का MPESB के माध्यम से गजरा राजा मेडिकल कॉलेज, ग्वालियर में मेडिकल सोशल वर्कर के पद पर चयन हुआ। इसके अलावा दिल्ली सरकार में वेलफेयर ऑफिसर के पद पर भी उनका चयन हुआ।

इन चयन के बाद भी उन्होंने सहायक प्राध्यापक बनने का लक्ष्य नहीं छोड़ा। उन्होंने MPPSC सहायक प्राध्यापक समाजशास्त्र परीक्षा-2024 के लिए आवेदन किया।

2024 की परीक्षा में सातवीं रैंक हासिल की

पवन ने सहायक प्राध्यापक समाजशास्त्र परीक्षा-2024 की लिखित परीक्षा दी और चयन प्रक्रिया के अगले चरण में पहुंचे। इंटरव्यू के बाद जारी परिणाम में उन्होंने प्रदेश में सातवीं रैंक हासिल की।

EWS वर्ग में उनकी पहली रैंक रही। इसके साथ ही उनका चयन मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग में सहायक प्राध्यापक समाजशास्त्र के पद पर हो गया।

पिता बोले, बेटे की मेहनत से परिवार खुश

सत्येंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि बेटे को पढ़ाई के लिए इंदौर भेजना परिवार की आर्थिक स्थिति के कारण आसान नहीं था। सत्येंद्र कुमार तिवारी का कहना है कि बेटे पवन की इच्छा थी कि वह पढ़ाई के लिए किसी बड़े शहर में जाए और वहां रहकर पीएससी व आईएएस की तैयारी करे। लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। मैं किसान हूं, ऐसे में बेटे को बड़े शहर भेजकर पढ़ाना मेरे लिए मुश्किल हो रहा था।

पवन की इच्छा को ध्यान में रखते हुए मैंने रिश्तेदारों से पैसे उधार लिए और उसे पढ़ाई के लिए इंदौर भेजा। आज बेटा सफल हो गया है। उसने मेरा और मेरे गांव का नाम रोशन किया है। यह हमारे लिए गर्व की बात है।”