मध्य प्रदेश में अब तक 13% कम बारिश दर्ज, मालवा-निमाड़ में हालिया बारिश से राहत, लेकिन मौसम विभाग ने अगले चार दिन भारी बारिश की संभावना से किया इनकार।
MP Weather Alert
- Published: 01 Aug 2026, 09:03 AM IST
- Last Updated: 01 Aug 2026, 09:03 AM IST
मध्य प्रदेश में जुलाई के अंतिम दिनों में हुई अच्छी बारिश ने मानसून को मजबूती दी है, लेकिन पूरे सीजन का आंकड़ा अभी भी सामान्य से नीचे बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में अब तक औसतन 15.4 इंच (390.3 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस समय तक 17.6 इंच (448.4 मिमी) वर्षा होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब भी करीब 13 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है।
मालवा-निमाड़ में झमाझम बारिश, कई जिलों में राहत
पिछले 48 घंटों के दौरान इंदौर और उज्जैन संभाग सहित मालवा-निमाड़ के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश हुई। खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, धार और रतलाम में तेज बारिश दर्ज की गई, जिससे कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ।
खंडवा में तेज बारिश और तेज हवाओं से कपास और मक्का की फसलें खेतों में गिर गईं, जबकि बड़वानी के सेंधवा क्षेत्र में नाले का पानी घरों में घुस गया।
SDRF ने 10 घंटे तक चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
खरगोन जिले में आबना और सुक्ता नदी के तेज बहाव के कारण एक टापू पर फंसे चार लोगों को SDRF ने करीब साढ़े 10 घंटे के रेस्क्यू अभियान के बाद सुरक्षित बाहर निकाला। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के पास जाने से बचने की अपील की है।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक
- गोगावां (खरगोन) में 7.6 इंच बारिश
- बुरहानपुर शहर में 7 इंच बारिश
- भीमपुर (बैतूल) में 6.6 इंच बारिश दर्ज की गई।
प्रदेश के 33 शहरों और कस्बों में भारी से अति भारी बारिश रिकॉर्ड की गई।
अब कमजोर होंगे मौसम सिस्टम
मौसम विभाग के अनुसार पिछले दो दिनों से सक्रिय तीन मजबूत मौसम सिस्टम अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहे हैं। इसी वजह से अगले चार दिनों तक प्रदेश में कहीं भी व्यापक स्तर पर भारी बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है।
42 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश
बारिश की कमी वाले प्रमुख जिलों में भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, रीवा, सतना, जबलपुर, रायसेन, रतलाम, धार, विदिशा, हरदा, बैतूल, शिवपुरी, श्योपुर, मंदसौर, नीमच, गुना, आगर-मालवा, छिंदवाड़ा, बालाघाट और सिंगरौली समेत कुल 42 जिले शामिल हैं।
वहीं 13 जिलों इंदौर, देवास, सीहोर, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, खंडवा, भिंड, शहडोल, उमरिया, टीकमगढ़ और मऊगंज—में सामान्य से अधिक बारिश हो चुकी है।
अगस्त में सुधर सकते हैं आंकड़े
मौसम विभाग का मानना है कि यदि अगस्त में नए मानसूनी सिस्टम सक्रिय होते हैं और लगातार बारिश होती है, तो प्रदेश में बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है। फिलहाल किसानों और जल संसाधन विभाग की नजरें अगस्त के मौसम पर टिकी हुई है।