मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय रहने के कारण 11 अगस्त को सभी जिलों में येलो अलर्ट है। मुरैना, श्योपुर, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना समेत 11 जिलों में भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और आकाशीय बिजली भी गिर सकती है।
मुरैना-ग्वालियर समेत 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
- Published: 11 Aug 2026, 09:10 AM IST
- Last Updated: 11 Aug 2026, 09:10 AM IST
भोपाल: मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में पिछले कई दिनों से हल्की से लेकर तेज बारिश का दौर जारी है। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग ने मंगलवार 11 अगस्त 2026 को प्रदेश के सभी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं मुरैना, श्योपुर, ग्वालियर समेत 11 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक मुरैना, श्योपुर, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, आलीराजपुर, रतलाम, मंदसौर और नीमच में भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों में करीब 64.5 से 115.5 मिलीमीटर तक बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है।
30 से 40 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने बारिश के साथ तेज हवा चलने की भी संभावना जताई है। कई जिलों में हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में लोगों को आंधी और बिजली गिरने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने लोगों से कहा है कि गरज-चमक के दौरान घर के अंदर रहें। अगर किसी जरूरी काम से बाहर निकलना पड़े तो पेड़, बिजली के खंभे और खुले स्थानों से दूरी बनाए रखें। आकाशीय बिजली की आशंका के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल देना भी सुरक्षित माना गया है।
वाहन चालकों को भी सावधानी की सलाह
बारिश के दौरान सड़क पर फिसलन और कम दृश्यता की स्थिति बन सकती है। ऐसे में वाहन चालकों को धीमी गति से वाहन चलाने और स्टीयरिंग पर मजबूत पकड़ रखने की सलाह दी गई है। आंधी के दौरान खुले मैदान, खेत, निर्माण स्थलों और बिजली की तारों के आसपास जाने से बचने को कहा गया है।
पशुपालक भी रखें विशेष ध्यान
मौसम विभाग ने पशुपालकों के लिए भी एडवाइजरी जारी की है। आकाशीय बिजली और तेज तूफान के दौरान पशुओं को पेड़ों के नीचे नहीं बांधना चाहिए। पशुओं को नदी, तालाब और अन्य जलस्रोतों से दूर सुरक्षित स्थान पर रखना जरूरी है। रात में उन्हें सुरक्षित शेड में रखने और पर्याप्त पानी व छायादार जगह की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और यात्रा से पहले मौसम का ताजा अपडेट जरूर देखें।