September 9, 2026

MP Transport Summit 2026: प्रदेश की 75% ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगी बस सेवा, सरकार 15 हजार बसें चलाने की कर रही तैयारी - Haribhoomi

यात्री परिवहन विजन समिट-2026 में सार्वजनिक परिवहन के विस्तार, इलेक्ट्रिक बसों, आधुनिक बस स्टैंड और PPP मॉडल के जरिए निवेश व रोजगार बढ़ाने पर मंथन होगा।

cm mohan yadav

cm mohan yadav

  • Published: 09 Sep 2026, 06:59 PM IST
  • Last Updated: 09 Sep 2026, 06:59 PM IST

भोपाल। मध्य प्रदेश में यात्री परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देने की तैयारी है। सरकार की ओर से आयोजित किए जा रहे यात्री परिवहन विजन समिट-2026 में सार्वजनिक परिवहन को ज्यादा सुरक्षित, सुविधाजनक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के साथ इस क्षेत्र में निवेश और रोजगार बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा होगी।

समिट में देशभर से परिवहन विशेषज्ञ, निजी बस ऑपरेटर, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और नीति-निर्माता शामिल होंगे। इनके सुझावों के आधार पर प्रदेश में यात्री परिवहन के भविष्य का रोडमैप तैयार किया जाएगा।

75% ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगी बस सेवा
सरकार की योजना प्रदेश की 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बस सेवा से जोड़ने की है। इसका उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की पहुंच बढ़ाना है। बस नेटवर्क के विस्तार से गांवों से शहरों तक आने-जाने वाले लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है।

इसके साथ ‘मोबिलिटी विजन: 2030’ के तहत प्रदेश में 15 हजार से ज्यादा आधुनिक सार्वजनिक बसें संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार के मुताबिक, इन बसों से रोजाना 30 लाख से अधिक यात्रियों को आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।

180 से ज्यादा बस स्टैंड और डिपो होंगे अपग्रेड
बसों की संख्या बढ़ाने के साथ परिवहन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत किया जाएगा। योजना के तहत प्रदेश में 180 से अधिक बस स्टैंड, टर्मिनल और डिपो के कायाकल्प पर काम किया जाएगा। इसका मकसद यात्रियों को केवल बेहतर बसें उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि बस स्टैंड और डिपो की सुविधाओं को भी आधुनिक बनाना है।

इलेक्ट्रिक बसों पर सरकार का फोकस
पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए समिट में इलेक्ट्रिक और स्वच्छ ईंधन वाली बसों के विस्तार पर भी चर्चा होगी। फिलहाल प्रदेश में 96 पीएम ई-बस और 120 इंटरसिटी बसें संचालित होने की जानकारी दी गई है। अगले छह महीनों में 486 पीएम ई-बस और 34 इंटरसिटी बसें और जोड़ने की योजना है। वर्ष 2027 तक इलेक्ट्रिक बसों की संख्या 1,100 तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके अलावा 100 बसों की क्षमता वाले आधुनिक चार्जिंग डिपो और सोलर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किए जा रहे हैं। सरकार का अनुमान है कि इससे हर साल 70 हजार टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम करने में मदद मिल सकती है।

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर खास जोर
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत संचालित होने वाली सार्वजनिक बसों में महिला और बाल सुरक्षा को प्राथमिकता देने की योजना है। बसों की निगरानी के लिए इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा।

इसके लिए मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड और उसकी सात सहायक कंपनियों में आधुनिक कमांड-कंट्रोल सेंटर बनाए जाएंगे। इन सेंटरों के जरिए बसों की लोकेशन, संचालन और टाइमिंग की रियल टाइम निगरानी की जा सकेगी।

CCTV और पैनिक बटन से लैस होंगी बसें
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए सार्वजनिक बसों में 7 CCTV कैमरे, पैनिक बटन और रियल टाइम व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम लगाए जाने की योजना है। इसके अलावा यात्रियों के लिए पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम, ड्राइवरों की तकनीकी ट्रेनिंग और शिकायतों के जल्द निपटारे की व्यवस्था विकसित की जाएगी।

PPP मॉडल से निजी ऑपरेटरों को जोड़ने की तैयारी
सरकार सार्वजनिक परिवहन के विस्तार में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल को भी बढ़ावा देना चाहती है। इसके लिए पारदर्शी अनुबंध व्यवस्था और प्रोत्साहन योजनाएं लागू करने की योजना है।

निजी बस ऑपरेटरों को बेहतर डिपो और टर्मिनल की सुविधा के साथ राजस्व रिसाव कम करने और विज्ञापन व कार्गो जैसी गैर-किराया आय बढ़ाने के अवसर दिए जाने की बात कही गई है।

निवेश और रोजगार के नए अवसर
यात्री परिवहन नेटवर्क के विस्तार से बस संचालन के साथ-साथ वाहन निर्माण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी सेवाओं में निवेश की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

सरकार का मानना है कि परिवहन क्षेत्र के विस्तार से युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ने से प्रदेश के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को ज्यादा मजबूत करने में मदद मिलेगी।

समिट के लिए 10 सितंबर तक पंजीयन
यात्री परिवहन विजन समिट-2026 में शामिल होकर सुझाव देने के इच्छुक प्रतिभागियों के लिए ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा दी गई है। पंजीयन की अंतिम तारीख 10 सितंबर 2026 है।

इच्छुक प्रतिभागी 10 सितंबर को दोपहर 12 बजे तक पंजीयन करा सकेंगे। समिट से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए आयोजकों की ओर से उपलब्ध आधिकारिक लिंक पर जानकारी देखी जा सकती है।