MP News: मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले मेधावी छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 सितंबर को भोपाल में 7500 से ज्यादा विद्यार्थियों को ई-स्कूटी की सौगात देंगे। इस योजना से छात्रों को आगे की पढ़ाई और कॉलेज आने-जाने में बड़ी सुविधा मिलेगी।
मध्यप्रदेश के 7500 से ज्यादा छात्रों को मिलेगी ई-स्कूटी।
- Published: 14 Sep 2026, 09:51 PM IST
- Last Updated: 14 Sep 2026, 09:51 PM IST
MP News: मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में 12वीं की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को जल्द ही बड़ी सौगात मिलने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 सितंबर को मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत प्रदेश के 7500 से ज्यादा मेधावी विद्यार्थियों को ई-स्कूटी वितरित करेंगे। राज्य स्तरीय कार्यक्रम भोपाल के शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शिवाजी नगर में सुबह 10 बजे से आयोजित होगा।
सरकार का कहना है कि इस योजना का मकसद विद्यार्थियों को पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करना है। साथ ही ई-स्कूटी मिलने से छात्रों को आगे की पढ़ाई के दौरान कॉलेज आने-जाने में भी सहूलियत होगी। खासकर उन विद्यार्थियों के लिए यह सुविधा काफी उपयोगी होगी, जो उच्च शिक्षा के लिए अपने घर से दूर कॉलेज जाते हैं।
किन छात्रों को मिलता है लाभ?
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना का लाभ पाने के लिए विद्यार्थी का सरकारी हायर सेकंडरी स्कूल में नियमित छात्र होना जरूरी है। इसके अलावा कक्षा 12वीं में पहले प्रयास में कम से कम 70 प्रतिशत अंक हासिल करने और अपने स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी योजना के पात्र होते हैं। इस योजना में केवल किसी एक विषय या संकाय के छात्रों को ही नहीं, बल्कि सभी संकायों के विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। योजना स्कूल शिक्षा एवं जनजातीय कार्य विभाग के शासकीय हायर सेकंडरी स्कूलों में पढ़ने वाले पात्र विद्यार्थियों के लिए लागू है।
23 हजार से ज्यादा छात्रों को मिल चुका लाभ
राज्य सरकार के मुताबिक, मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत अब तक प्रदेश के 23 हजार से ज्यादा पात्र विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। वहीं शिक्षण सत्र 2025-26 के लिए 7500 से अधिक विद्यार्थियों को ई-स्कूटी दी जाएगी। योजना पर सरकार अब तक करीब 246 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। सरकार इसे मेधावी छात्रों की मेहनत को सम्मान देने के साथ-साथ उच्च शिक्षा के लिए उनका रास्ता आसान बनाने वाली महत्वपूर्ण पहल बता रही है।
ई-स्कूटी मिलने से छात्रों को कॉलेज पहुंचने के लिए सार्वजनिक परिवहन या दूसरे साधनों पर निर्भरता कम होगी। सरकार को उम्मीद है कि इस तरह की योजनाओं से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों में बेहतर प्रदर्शन करने का उत्साह बढ़ेगा और उच्च शिक्षा की ओर उनकी भागीदारी भी मजबूत होगी।