August 25, 2026

MP News: सीएम डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट के अहम फैसलों पर लगाई मुहर, प्रदेश के विकास के लिए 10 हजार 630 करोड़ रुपये मंजूर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्य प्रदेश कैबिनेट ने बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, साइबर सुरक्षा और सामाजिक कल्याण के लिए 10630 करोड़ रुपये मंजूर किए, जिसमें 12 सड़क परियोजनाओं के लिए 4600 करोड़ का ऋण गारंटी और कल्याणकारी योजनाओं के लिए 1740 करोड़ रुपये शामिल हैं, साथ ही धनवंतरी स्वास्थ्य विश्वविद्यालय में कर्मचारियों की और भर्ती होगी।

By Oneindia Staff

Time Published: Tuesday, August 25, 2026, 23:01 [IST]

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 25 अगस्त को मध्यप्रदेश के विकास से जुड़े कई अहम फैसले लिए। उनके नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, साइबर सुरक्षा और सामाजिक कल्याण को गति देने के लिए 10 हजार 630 करोड़ रुपये के महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

Mp cabinet approves 10630 crore package

कैबिनेट ने मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा नाबार्ड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट असिस्टेंस (निडा) से 4 हजार 600 करोड़ रुपये का ऋण लिए जाने के लिए राज्य सरकार की ओर से गारंटी दिए जाने को मंजूरी दी। इसका मकसद सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करना है। इस राशि से मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) 12 मार्गों का निर्माण करेगा, जिनमें भोपाल-विदिशा मार्ग, खलघाट-मनावर-मांगोद, मंदसौर-सीतामऊ, सीतामऊ-बसई-सुवासरा, पूर्वी भोपाल बायपास (4-लेन से 6-लेन), नीमच-मनासा-रामपुरा झालावाड़ मार्ग, इंदौर-देपालपुर मार्ग, चापड़ा-नेवरी से देवास तक एसएच-64, दिनारा-दतिया-सेवड़ा मार्ग, आगर-सारंगपुर मार्ग, सोयत-माचलपुर-जीरापुर, राहतगढ़-खुरई-खिमलासा मार्ग और सुंदरा-सिंहपुर-कोठी-बिरसिंहपुर-सेमरिया-गोहदा-सिरमोर मार्ग शामिल हैं।

राज्य की 22 प्रमुख सड़कों का स्वामित्व नाममात्र मूल्य पर एमपीआरडीसी को हस्तांतरित किया जाएगा, जिसके बदले निगम राज्य सरकार के पक्ष में अपनी अंश पूंजी जारी करेगा। ऋण की अदायगी टोल संग्रहण और अन्य स्रोतों से होने वाली आय से की जाएगी। इसके लिए मध्यप्रदेश राजमार्ग निधि अधिनियम, 2012 में संशोधन कर टोल की राशि को सीधे निगम की आय माना जाएगा।

सिवनी-बालाघाट मार्ग को मिली रफ्तार

कैबिनेट ने सिवनी-बालाघाट के बीच 91.64 किलोमीटर लंबे मार्ग को 4-लेन बनाने और अन्य जरूरी कार्यों के लिए कुल 3,960 करोड़ 9 लाख रुपये को मंजूरी दी। इसमें हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल (एचएएम) के तहत परियोजना व वित्तीय लागत के रूप में 3,458 करोड़ 93 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें से 40 प्रतिशत यानी 704 करोड़ 38 लाख रुपये राज्य बजट से और शेष 60 प्रतिशत यानी 2,253 करोड़ 39 लाख रुपये अगले 15 वर्षों में छमाही एन्यूटी के रूप में दिए जाएंगे। भू-अर्जन और सुपरविजन जैसे निर्माण-पूर्व कार्यों के लिए 501 करोड़ 16 लाख रुपये अलग से मंजूर किए गए हैं।

यह मार्ग राज्य राजमार्ग-72 के तहत सिवनी को बालाघाट के वन और खनिज क्षेत्र से जोड़ता है, साथ ही नागपुर-लखनादौन, गोंदिया-मंडला और बालाघाट-भंडारा राष्ट्रीय राजमार्गों को भी जोड़ेगा। इससे मलाजखंड तांबा परियोजना, भरवेली मैंगनीज माइंस, कान्हा और पेंच टाइगर रिजर्व तथा छत्तीसगढ़ तक संपर्क बेहतर होगा और करीब 8 से 10 लाख की आबादी को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

निर्धन और कमजोर वर्ग के कल्याण के लिए 1,740 करोड़ रुपये

कैबिनेट ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की 19 योजनाओं के वित्तीय वर्ष 2026 से 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 1 हजार 740 करोड़ रुपये मंजूर किए। इनमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्त पेंशन योजना, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना, मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना, मुख्यमंत्री निकाह योजना, अटल वयो अभ्युदय योजना, माता-पिता भरण-पोषण योजना और नशाबंदी कार्यक्रम जैसी योजनाएं शामिल हैं, जो गरीब, निराश्रित, वरिष्ठजन, दिव्यांगजन, नशा पीड़ित और ट्रांसजेंडर वर्ग के सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़ी हैं।

धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय में 244 पद भरे जाएंगे

कैबिनेट ने उज्जैन स्थित मध्यप्रदेश धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय के प्रभावी संचालन के लिए 154 नियमित, 1 संविदा और 89 आउटसोर्स सहित कुल 244 पदों को भरने की मंजूरी दी। इससे इंदौर, उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर, नर्मदापुरम और चंबल संभाग के 31 जिलों के स्वास्थ्य विज्ञान संस्थानों के लिए संबद्धता, परीक्षा और निरीक्षण जैसी सेवाओं में तेजी आएगी और चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।

साइबर सुरक्षा के लिए राज्य सीईआरटी को 80 करोड़ रुपये

कैबिनेट ने राज्य कम्प्यूटर सेक्युरिटी इंसीडेंट-रेस्पॉन्स ऑपरेशन सेंटर की स्थापना से जुड़ी योजना के वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक संचालन के लिए 80 करोड़ रुपये स्वीकृत किए। इसमें प्रशासनिक, तकनीकी, फॉरेंसिक और एसओसी कार्यों के लिए 25 नए पदों हेतु 3.99 करोड़ रुपये और पहले से स्वीकृत 21 पदों के वेतन पुनर्निर्धारण के लिए 3.24 करोड़ रुपये शामिल हैं। साथ ही एनएफएसयू, आईआईटी, एनआईटी जैसे संस्थानों से पास इंजीनियरिंग स्नातकों को हर साल एमपी-सीईआरटी में प्रशिक्षु के रूप में नियुक्त किया जाएगा।

दिल्ली स्थित मप्र भवन के लिए 250 करोड़ रुपये स्वीकृत

कैबिनेट ने नई दिल्ली स्थित आवासीय आयुक्त कार्यालय, मप्र भवन में संचालित कार्यक्रमों के लिए 16वें वित्त आयोग की अवधि (1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031) तक 250 करोड़ 67 लाख रुपये मंजूर किए। इसमें मप्र भवन के लिए 191 करोड़ रुपये से अधिक, मुंबई स्थित मध्य लोक कार्यालय के लिए 4.27 करोड़ रुपये तथा नई दिल्ली में प्रस्तावित मध्यांचल भवन के विस्तार के लिए 44.58 करोड़ रुपये शामिल हैं।

भूमि क्रय नीति में संशोधन को मंजूरी

कैबिनेट ने आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति (12 नवंबर 2014) में संशोधन को मंजूरी दी। अब ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के लिए कलेक्टर गाइडलाइन दर से गणना की गई राशि से दोगुनी राशि पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी। मध्यप्रदेश राजपत्र अधिसूचना (24 अप्रैल 2026) के तहत गुणांक 1.00 से बढ़ाकर 2.00 किया गया है, ताकि सरकारी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज और सुगम हो सके।

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ को लेकर अधिसूचना में संशोधन

कैबिनेट ने भारतीय दंड संहिता, 1860 से भारतीय न्याय संहिता 2023 में बदली गई धाराओं में कार्रवाई के लिए आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ मप्र को अधिकृत करने वाली गृह विभाग की अधिसूचना (31 मई 1977) में संशोधन को मंजूरी दी।

दृष्टिबाधित महिला क्रिकेट टीम को 78 लाख रुपये का प्रोत्साहन

कैबिनेट ने महिला टी-20 वर्ल्डकप क्रिकेट 2025 (ब्लाइंड) की 3 खिलाड़ियों और 3 प्रशिक्षकों को कुल 78 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि की कार्योत्तर स्वीकृति दी। यह टीम 23 नवंबर 2025 को कोलंबो (श्रीलंका) में नेपाल को हराकर स्वर्ण पदक जीती थी। इस उपलब्धि पर मध्यप्रदेश की खिलाड़ी सुनिता सराठे (नर्मदापुरम), दुर्गा येबले (बैतूल) और सुषमा पटेल (दमोह) को 25-25 लाख रुपये (10-10 लाख नगद और 15-15 लाख फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में) दिए जाएंगे, जबकि प्रशिक्षक सोनू गोलकर, ओमप्रकाश पाल और दीपक पाहड़े को एक-एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

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