CM मोहन यादव 16 सितंबर को इंदौर के इंफोसिस परिसर में नए सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट ब्लॉक-2 का शुभारंभ करेंगे। 3.30 लाख वर्गफीट में बने इस ब्लॉक से टेक्नोलॉजी और रोजगारपरक टैलेंट को बढ़ावा मिलेगा।
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 16 सितंबर को इंदौर के सुपर कॉरिडोर स्थित इंफोसिस परिसर में नए सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट ब्लॉक-2 (SDB-2) का शुभारंभ करेंगे। 3 लाख 30 हजार वर्गफीट क्षेत्रफल में विकसित यह नया ब्लॉक मध्यप्रदेश में उन्नत तकनीकी क्षमताओं और रोजगारपरक टैलेंट इको सिस्टम को और मजबूत करेगा।
3.30 लाख वर्गफीट में तैयार हुआ नया सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट ब्लॉक
इंफोसिस का नया सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट ब्लॉक-2 (SDB-2) 3 लाख 30 हजार वर्गफीट क्षेत्रफल में विकसित किया गया है। इससे प्रदेश में उन्नत तकनीकी क्षमताओं के साथ रोजगारपरक टैलेंट इको सिस्टम को बढ़ावा मिलेगा। इंफोसिस मध्यप्रदेश के बढ़ते टैलेंट पूल का लाभ लेने के साथ प्रदेश के शैक्षणिक एवं तकनीकी इको सिस्टम के साथ अपना जुड़ाव भी मजबूत करेगी। इसके अंतर्गत स्किलिंग कार्यक्रमों एवं संस्थागत साझेदारियों के माध्यम से आईआईटी इंदौर, आईआईएम इंदौर और देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के साथ सहभागिता को विस्तार दिया जाएगा।
इंफोसिस इंदौर में 3300 से ज्यादा कर्मचारी
इंफोसिस इंदौर में वर्तमान में 3 हजार 300 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। ये कर्मचारी बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं एवं बीमा, हेल्थकेयर, रिटेल, फार्मा एवं लाइफ साइंसेज तथा मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में वैश्विक ग्राहकों को सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। विस्तारित केंद्र से क्लाउड, एप्लीकेशन डेवलपमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग तथा साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में कंपनी की क्षमताओं का विस्तार होगा। इससे प्रदेश में उन्नत तकनीकी सेवाओं और कौशल विकास के अवसरों को गति मिलेगी।
तकनीकी टैलेंट और रोजगार के अवसरों को मिलेगा बढ़ावा
नए सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट ब्लॉक के शुरू होने से मध्यप्रदेश के बढ़ते टैलेंट पूल को बेहतर अवसर मिलेंगे। साथ ही, स्किलिंग कार्यक्रमों और संस्थागत साझेदारियों के जरिए प्रदेश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के साथ इंफोसिस का जुड़ाव और मजबूत होगा। आईआईटी इंदौर, आईआईएम इंदौर और देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के साथ सहभागिता के विस्तार से तकनीकी कौशल विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
पर्यावरण अनुकूल और ऊर्जा दक्ष है नया भवन
इंफोसिस इंदौर में नया भवन पर्यावरण अनुकूल एवं ऊर्जा दक्ष बनाया गया है। इसे ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है। नए भवन में कम ऊर्जा वाली कूलिंग, स्मार्ट बिल्डिंग ऑटोमेशन, वर्षा जल संचयन और अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही भवन में प्रशिक्षण एवं वेलनेस सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। इस तरह इंदौर में इंफोसिस का विस्तारित केंद्र तकनीकी क्षमताओं, कौशल विकास और रोजगारपरक टैलेंट इको सिस्टम को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।