भोपाल समाचार, 1 सितंबर 2026: चीफ मिनिस्टर डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट (मंत्रि-परिषद) की मीटिंग मंगलवार को मंत्रालय (मिनिस्ट्री) में संपन्न हुई। कैबिनेट ने मध्यप्रदेश के ऑल-राउंड (सर्वांगीण) डेवलपमेंट और इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के उद्देश्य से लगभग 41 हजार करोड़ रुपये से अधिक के महत्वपूर्ण फाइनेंशियल प्रपोजल्स और पब्लिक वेलफेयर डिसीजंस को अप्रूवल प्रदान किया। राज्य में रूरल डेवलपमेंट के इन्फ्रास्ट्रक्चर को गति देने के लिए 'विकसित भारत: वीबी जी राम जी योजना' के इम्प्लीमेंटेशन (क्रियान्वयन) के लिये 29 हजार 619 करोड़ रुपये के फाइनेंशियल प्रपोजल का अनुसमर्थन किया गया। इसके साथ ही प्रदेश की रोड कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए वेस्ट (पश्चिम) भोपाल बायपास 4-लेन कंस्ट्रक्शन के लिए 3 हजार 774 करोड़ रुपये और मेहलुआ-बीना-खिमलासा-मालथौन मार्ग के लिए 3 हजार 272 करोड़ रुपये की एडमिनिस्ट्रेटिव अप्रूवल दी गई है, जिससे राज्य में इंडस्ट्रियल और सभी तरह के मूवमेंट (आवागमन) को नई एनर्जी (ऊर्जा) मिलेगी।
हायर एंड टेक्निकल एजुकेशन में रिफॉर्म और डेयरी डेवलपमेंट स्कीम को अप्रूवल
हायर एंड टेक्निकल एजुकेशन के सेक्टर में रीजनल बैलेंस और क्वालिटी एक्सपेंशन की दिशा में हिस्टोरिक स्टेप उठाते हुए राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) का री-ऑर्गनाइजेशन कर भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में तीन नए टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटीज एस्टेब्लिश करने का डिसीजन लिया गया है। इसके अतिरिक्त राज्य के मिल्क प्रोड्यूसर्स के इकोनॉमिक एम्पावरमेंट और 'सांची' ब्रांड के अपग्रेडेशन के लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के कोलेबोरेशन से 2 हजार 973 करोड़ रुपये की डेयरी डेवलपमेंट स्कीम को अप्रूवल दी गई।
हेल्थ सर्विसेज के लिए बजट और फार्मर्स वेलफेयर के लिए बड़े डिसीजंस
प्रदेश की हेल्थ सर्विसेज को बेहतर बनाने के उद्देश्य से मेडिकल इक्विपमेंट्स और डिपार्टमेंटल एसेट्स के मेंटेनेंस के लिए 1,400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अप्रूव (स्वीकृत) की गई है। फार्मर्स वेलफेयर को प्रायोरिटी देते हुए रजिस्टर्ड फार्मर्स से समर (ग्रीष्मकालीन) मूंग की क्रॉप (उपज) के प्रोक्योरमेंट लिमिट को 25 परसेंट से बढ़ाकर 60 परसेंट करने के डिसीजन का अनुसमर्थन किया गया। साथ ही न्यूली फॉर्म्ड डिस्ट्रिक्ट्स मैहर, मऊगंज, पांढुर्णा और निवाड़ी में एडमिनिस्ट्रेटिव सिस्टम को सुचारू बनाने के लिए सोशल जस्टिस और आयुष डिपार्टमेंट्स में न्यू पोस्ट्स के क्रिएशन को भी अप्रूवल प्रदान की गई है।
वीबी जी राम जी स्कीम के इम्प्लीमेंटेशन के लिए एस्टीमेटेड बजट
कैबिनेट ने "विकसित भारत (ग्रामीण): वीबी जी राम जी विकसित भारत जी राम जी योजना मध्यप्रदेश" और इसके 1 जुलाई 2026 से इफेक्टिव किए जाने का अनुसमर्थन किया। स्कीम के इम्प्लीमेंटेशन के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026-2027 में एस्टीमेटेड कॉस्ट 3,183 करोड़ रुपये तथा फाइनेंशियल ईयर 2026-27 से 2030-31 तक स्कीम की कंटिन्यूटी के लिए कुल एस्टीमेटेड कॉस्ट 26,436 करोड़ रुपये के फाइनेंशियल प्रपोजल का अनुसमर्थन किया गया। सेंटर और स्टेट का शेयर 60:40 के रेशियो में होगा, जिसमें स्टेट शेयर 10 हजार 574 करोड़ रुपये होगा। इन फाइव इयर्स में एडमिनिस्ट्रेटिव एक्सपेंसेस के लिए 946 करोड़ रुपये का एक्सपेंडिचर होगा, जिसे स्टेट गवर्नमेंट वहन करेगी।
रूरल एरियाज में एंप्लॉयमेंट की लीगल गारंटी अब 125 दिन
डिसीजन के अनुसार न्यू स्कीम के तहत रूरल एरियाज में रहने वाले परिवारों के इंटरेस्टेड एडल्ट मेंबर्स को प्रत्येक फाइनेंशियल ईयर में अब 100 दिन के स्थान पर 125 दिनों के लेबर एंप्लॉयमेंट की लीगल गारंटी प्रदान की जाएगी। एंप्लॉयमेंट के दिनों में की गई यह इंक्रीज रूरल इकोनॉमी को मजबूत करने तथा लोकल लेवल पर लाइवलीहुड अपॉर्चुनिटीज को बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगी।
नेशनल विजन के तहत डिजिटल टेक्नोलॉजी का यूज
न्यू स्कीम का मेन बेस 'विकसित भारत @2047' के नेशनल विजन के अनुरूप रूरल इन्फ्रास्ट्रक्चर को तैयार करना है। अब प्रत्येक ग्राम पंचायत जीआईएस बेस्ड टेक्नोलॉजी, 'पीएम गति शक्ति' लेयर्स और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का यूज करके 'विकसित ग्राम पंचायत योजना' तैयार करेगी। इन स्कीम्स को डिजिटल पोर्टल के माध्यम से 'विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक' में इंटीग्रेट किया जाएगा।
वॉटर सिक्योरिटी और क्लाइमेट-रेजिलिएंट इंजीनियरिंग के लिए पीएमयू (PMU)
स्कीम के तहत वॉटर सिक्योरिटी, क्लाइमेट-रेजिलिएंट इंजीनियरिंग, डेटा साइंस और एडवांस्ड लाइवलीहुड मॉडल्स जैसे टेक्निकल वर्क्स के इफेक्टिव एग्जीक्यूशन के लिए मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद में एक डेडिकेटेड स्टेट-लेवल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) एस्टेब्लिश की जाएगी।
फाइनेंशियल एलोकेशन को ट्रांसपेरेंट बनाने के लिए कैटेगराइजेशन
गवर्नमेंट ऑफ इंडिया की गाइडलाइन्स के अनुरूप राज्य में प्राप्त होने वाले फाइनेंशियल एलोकेशन को ट्रांसपेरेंट और नीड-बेस्ड बनाने के लिए ग्राम पंचायतों को डेवलपमेंट क्राइटेरिया के आधार पर ए, बी, सी (A, B, C) कैटेगरीज में कैटेगराइज्ड किया जाएगा।
कम्प्लीट ट्रांसपेरेंसी के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस और क्विक ग्रीवांस रिड्रेसल
स्कीम में कम्प्लीट ट्रांसपेरेंसी एन्श्योर करने के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस, डिजिटल मस्टर रोल और प्रत्येक छह माह में सोशल ऑडिट को मैंडेटरी किया गया है। साथ ही क्विक ग्रीवांस रिड्रेसल के लिए प्रत्येक डिस्ट्रिक्ट में एक 'ओम्बड्समैन' का अपॉइंटमेंट किया जाएगा, जो डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिकायतों का रिज़ॉल्यूशन करेंगे।
कैबिनेट द्वारा अंतरिम अरेंजमेंट को ऑथराइजेशन
कैबिनेट ने अंतरिम अरेंजमेंट के तहत न्यू काउंसिल के पूर्ण फॉर्मेशन / रजिस्ट्रेशन तक वर्तमान 'मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद' को ही इस न्यू स्कीम के सभी रिस्पॉन्सिबिलिटीज के डिस्चार्ज के लिए ऑथराइज्ड किया है।
को-ऑपरेटिव सिस्टम और सांची ब्रांड अपग्रेडेशन के लिए बड़ा बजट
कैबिनेट ने प्रदेश के मिल्क प्रोड्यूसर्स के हित में को-ऑपरेटिव सिस्टम और 'सांची' ब्रांड को अपग्रेड करने के उद्देश्य से 2 हजार 973 करोड़ रुपये की मंजूरी (अप्रूवल) दी है। डेयरी डेवलपमेंट स्कीम के माध्यम से आगामी 5 इयर्स में को-ऑपरेटिव मिल्क सोसायटीज का एक्सपेंशन 7331 विलेजेस (ग्रामों) से बढ़ाकर 26,000 विलेजेस तक किया जायेगा। मिल्क कलेक्शन को 12 लाख किलोग्राम प्रतिदिन से बढ़ाकर 52 लाख किलोग्राम प्रतिदिन किया जाएगा। मिल्क प्रोसेसिंग कैपेसिटी को 17.8 लाख लीटर से बढ़ाकर 63.3 लाख लीटर प्रतिदिन किया जाएगा। मिल्क पैकेट सेल्स 7 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़ाकर 35 लाख लीटर प्रतिदिन किया जाएगा। आर्टिफिशियल इनसेमिनेशन कवरेज 15% से बढाकर 50% किया जाएगा।
एनडीडीबी (NDDB) के साथ कोलेबोरेशन एग्रीमेंट एग्जीक्यूटेड
एम.पी. स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड एवं संबद्ध मिल्क यूनियन्स (दुग्ध संघों) के ऑपरेशन एंड मैनेजमेंट के लिए मध्यप्रदेश गवर्नमेंट, एम.पी. स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन एवं संबद्ध मिल्क यूनियन्स तथा नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के मध्य कोलेबोरेशन एग्रीमेंट 13 अप्रैल 2025 को एग्जीक्यूटेड किया गया है। एग्जीक्यूटेड कोलेबोरेशन एग्रीमेंट के तहत नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा 2 हजार 973 करोड़ की प्रजेंटेड डेयरी डेवलपमेंट स्कीम पर इन-प्रिंसिपल कंसेंट दी गई है। स्टेट गवर्नमेंट द्वारा 500 करोड़ रुपये इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए ग्रांट एवं इसके अतिरिक्त गवर्नमेंट ऑफ इंडिया की स्कीम्स पर अप्रूवल के अनुरूप एस्टीमेटेड 241 करोड़ रुपये का स्टेट शेयर तथा स्कीम के विभिन्न कंपोनेंट्स के इम्प्लीमेंटेशन की मंजूरी (अप्रूवल) दी गई है।
वेस्ट भोपाल बायपास के लिए रिवाइज्ड एडमिनिस्ट्रेटिव अप्रूवल
कैबिनेट ने वेस्ट (पश्चिम) भोपाल बायपास 4 लेन मय पेव्ड शोल्डर के लेंथ 35.61 कि.मी., कंस्ट्रक्शन वर्क के लिए हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के अंतर्गत टोटल प्रोजेक्ट फाइनेंशियल कॉस्ट 3,225 करोड़ 51 लाख रुपये की रिवाइज्ड अप्रूवल दी। इसके अतिरिक्त प्री-कंस्ट्रक्शन एक्टिविटीज की राशि 548 करोड़ 29 लाख रुपये का पेमेंट भी स्टेट बजट के माध्यम से किये जाने का अनुमोदन (अप्रूवल) किया गया। इस बायपास के कंस्ट्रक्शन से जबलपुर और नर्मदापुरम की ओर से इंदौर आने-जाने वाले व्हीकल्स को भोपाल से नहीं गुजरना पड़ेगा और 21 किलोमीटर का डिस्टेंस कम हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि पूर्व में वेस्ट भोपाल बायपास 4-लेन मय पेव्ड शोल्डर सहित हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (40:60) के अंतर्गत लेंथ 40.90 कि.मी. के लिए 2,981 करोड़ 65 लाख रुपये की एडमिनिस्ट्रेटिव अप्रूवल 4 सितंबर 2023 को प्रदान की गई थी। वेस्ट भोपाल बायपास का एक एलाइनमेंट भोपाल-जबलपुर मार्ग पर मण्डीदीप के समीप इटायाकलाँ से प्रारंभ होकर भोपाल-देवास मार्ग के ग्राम फंदा के समीप तक कंस्ट्रक्ट किया जाना था, जिसकी लेंथ 40.90 कि.मी. थी। वेस्ट भोपाल बायपास एरिया में रातापानी टाइगर रिजर्व घोषित हो जाने, बड़े तालाब के कैचमेंट एरिया में एनवायरनमेंट डिपार्टमेंट के नोटिफिकेशन के इफेक्ट का समावेश करने, राज्य पुरातत्व विभाग की प्राचीन धरोहर शिवमंदिर (समसगढ़) एक एलाइनमेंट पर आने तथा बायपास को ईस्टर्न बायपास से जोड़कर संपूर्ण रिंग रोड बनाने के कारण एलाइनमेंट में चेंज किया गया। एलाइनमेंट में चेंज होने से प्रोजेक्ट की कॉस्ट में पूर्व अप्रूवल से 8.18 परसेंट इंक्रीज होने से रिवाइज्ड एडमिनिस्ट्रेटिव अप्रूवल कैबिनेट से प्राप्त की गयी है।
प्रोजेक्ट कॉस्ट के पेमेंट के लिए फाइनेंशियल आउटले
डिसीजन के अनुसार प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कॉस्ट का 40 परसेंट 599 करोड़ 44 लाख रुपये का पेमेंट कंसेशन एग्रीमेंट में प्रिस्क्राइब्ड माइलस्टोन्स प्राप्त करने पर 10 इंस्टॉलमेंट्स (किश्तों) में एवं नेट पॉजिटिव COS की राशि का पेमेंट कंस्ट्रक्शन पीरियड के दौरान एग्रीमेंट के प्रोविजन्स के अनुसार, स्टेट हाईवे फंड के माध्यम से किया जायेगा। प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कॉस्ट की रिमेनिंग (शेष) 60% राशि 1,910 करोड़ 42 लाख रुपये का पेमेंट एन्यूटी, ओएंडएम (O&M) और इंटरेस्ट सहित ऑपरेशन पीरियड में 15 इयर्स तक हाफ-इयरली एन्यूटी के रूप में स्टेट बजट के माध्यम से किया जायेगा।
आरजीपीवी (RGPV) के री-स्ट्रक्चरिंग से बनेंगे 3 न्यू टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटीज
कैबिनेट ने प्रदेश में टेक्निकल एजुकेशन के प्रमोशन (संवर्धन), रीजनल बैलेंस और इन्फ्रास्ट्रक्चर की अवेलेबिलिटी को ध्यान में रखते हुए वर्तमान राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) भोपाल के स्थान पर अब राज्य में 3 सेपरेट टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटीज एस्टेब्लिश करने का अप्रूवल दिया है। ये यूनिवर्सिटीज भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में एस्टेब्लिश होंगी। इस सिस्टम के तहत भोपाल स्थित वर्तमान यूनिवर्सिटी को 'मध्य भारत प्रौद्योगिकी एवं कौशल (स्किल) विश्वविद्यालय', उज्जैन के ऑटोनोमस (स्वशासी) इंजीनियरिंग कॉलेज को 'मालवा प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय' तथा जबलपुर के ऑटोनोमस इंजीनियरिंग कॉलेज को 'महाकौशल प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय' के रूप में एस्टेब्लिश किया जाएगा।
तीनों यूनिवर्सिटीज के जूरिडिक्शन का संभागवार डिवीजन
वर्तमान में आरजीपीवी के अंतर्गत 13 कोर्सेज (पाठ्यक्रम), 585 इंस्टीट्यूशंस और 3 लाख 83 हजार से अधिक स्टूडेंट्स स्टडी (अध्ययन) करते हैं। अप्रूव्ड अरेंजमेंट के अंतर्गत प्रदेश के सभी टेक्निकल कॉलेजेस को डिवीजंस (संभाग) के अनुसार डिवाइड कर न्यूली फॉर्म्ड तीन यूनिवर्सिटीज के जूरिडिक्शन (क्षेत्राधिकार) में सौंपा गया है। भोपाल स्थित 'मध्य भारत प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय' के अधीन भोपाल, नर्मदापुरम, चंबल और ग्वालियर डिवीजंस आएंगे। उज्जैन स्थित 'मालवा प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय' के अंतर्गत उज्जैन और इंदौर डिवीजंस रहेंगे। इसी प्रकार जबलपुर स्थित 'महाकौशल प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय' के जूरिडिक्शन में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल डिवीजंस के टेक्निकल इंस्टीट्यूशंस शामिल किए जाएंगे। तीनों यूनिवर्सिटीज के ऑपरेशन के लिए सेपरेट एक्ट्स (अधिनियम) इम्प्लीमेंट किए जाएंगे।
प्रशासनिक संचालन के लिए इनिशियल लेवल पर न्यू पोस्ट्स सैंक्शन्ड
उज्जैन एवं जबलपुर में न्यूली एस्टेब्लिश्ड होने वाले दोनों यूनिवर्सिटीज के एडमिनिस्ट्रेटिव ऑपरेशन (प्रशासनिक संचालन) के लिए इनिशियल लेवल पर वाइस चांसलर (कुलगुरु), रजिस्ट्रार (कुलसचिव), कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन (परीक्षा नियंत्रक), डिप्टी रजिस्ट्रार (उप कुलसचिव) तथा फाइनेंस ऑफिसर के पोस्ट्स को अप्रूवल दी गई है। साथ ही अन्य असिस्टेंट एंड टेक्निकल पोस्ट्स को नियमानुसार आउटसोर्स के माध्यम से भरा जाएगा। इन पोस्ट्स का सैलरी पेमेंट प्रारंभिक रूप से यूनिवर्सिटी के अवेलेबल फंड्स (उपलब्ध राशि) से किया जाएगा और ये इंस्टीट्यूशंस सेल्फ-फाइनेंसिंग बेसिस पर ऑपरेट होंगे।
चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में हाई-लेवल एम्पावर्ड कमेटी का कांस्टिट्यूशन
कैबिनेट ने तीनों यूनिवर्सिटीज के एस्टेब्लिशमेंट (स्थापना) एवं फॉलो-अप एक्शन (अनुवर्ती कार्यवाही) को गति देने के लिए चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल 'मध्यप्रदेश प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय साधिकार समिति' के कांस्टिट्यूशन (गठन) को भी अप्रूवल प्रदान किया है। इस कमेटी में टेक्निकल एजुकेशन, स्किल डेवलपमेंट एवं एंप्लॉयमेंट, फाइनेंस, हायर एजुकेशन और जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट के सेक्रेटरीज एवं मध्यभारत प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर सहित कमिश्नर टेक्निकल एजुकेशन को मेम्बर सेक्रेटरी के रूप में शामिल किया गया है।
मेहलुआ-बीना-खिमलासा-मालथौन रोड कंस्ट्रक्शन के लिए एडमिनिस्ट्रेटिव अप्रूवल
कैबिनेट ने मेहलुआ-बीना-खिमलासा-मालथौन मार्ग लेंथ 67.116 कि.मी., 4-लेन मय पेव्ड शोल्डर के साथ हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) पर कंस्ट्रक्शन के लिए टोटल प्रोजेक्ट फाइनेंशियल कॉस्ट 2,776 करोड़ 83 लाख रुपये की एडमिनिस्ट्रेटिव अप्रूवल दी है। एडिशनल प्री-कंस्ट्रक्शन एक्टिविटीज (लैंड एक्विजिशन एवं अन्य कार्य) की राशि 428 करोड़ 94 लाख रुपये तथा सुपरविजन चार्जेस की राशि 65 करोड़ 77 लाख रुपये का पेमेंट भी स्टेट बजट के माध्यम से किये जाने का अनुमोदन (अप्रूवल) किया गया।
लोन और स्टेट बजट से किया जाएगा प्रोजेक्ट कॉस्ट का पेमेंट
मेहलुआ-बीना-खिमलासा-मालथौन प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कॉस्ट 1,151 करोड़ रुपये है। टोटल प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कॉस्ट की 40 परसेंट राशि 543 करोड़ 27 लाख रुपये (जीएसटी सहित) कंस्ट्रक्शन पीरियड के दौरान पेमेंट म.प्र. रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा लिये जा रहे लोन के माध्यम से तथा टोटल प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कॉस्ट की रिमेनिंग 60 परसेंट राशि 1,738 करोड़ 85 लाख रुपये (जीएसटी सहित) का पेमेंट ऑपरेशन पीरियड में 15 इयर्स तक हाफ-इयरली एन्यूटी के रूप में स्टेट बजट के माध्यम से किया जाएगा।
प्रपोज्ड रूट से कनेक्ट होगा इकोनॉमिक एंड लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर
प्रपोज्ड रूट एन.एच.-346 विदिशा-चंदेरी पर मेहलुआ चौराहा से स्टार्ट होता है एवं बीना में एन.एच-934 हीरापुर-बीना को क्रॉस करते हुए मालथौन में एन.एच-44 नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर को जोड़ता है। यह मार्ग रीजनल, इंटर-स्टेट एंड इंडस्ट्रियल ट्रैफिक के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बीना अर्बन एरिया में BPCL रिफाइनरी, थर्मल पावर प्लांट, रेलवे यार्ड एवं मेजर इंडस्ट्रीज सिचुएटेड होने के कारण हैवी व्हीकल्स की संख्या अधिक है। यह मार्ग फ्यूचर में एक मजबूत इकोनॉमिक एंड लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर के रूप में डेवलप होने की हाई पोटेंशियल रखता है।
मेडिकल इंस्टीट्यूशंस में मेंटेनेंस ऑफ मशीनरी एंड इक्विपमेंट के लिए बजट सैंक्शन्ड
कैबिनेट ने हेल्थ इंस्टीट्यूशंस में मेंटेनेंस ऑफ मशीनरी एंड इक्विपमेंट से संबंधित स्कीम को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक कंटीन्यूअस ऑपरेशन के लिए 488 करोड़ 41 लाख रुपये की मंजूरी (अप्रूवल) प्रदान की है। इस स्कीम के अंतर्गत प्रदेश की मेडिकल इंस्टीट्यूशंस में सप्लाई किए गए मशीन एवं उपकरणों के मेंटेनेंस, रिपेयर इत्यादि के कार्य किए जायेंगे।
मेंटेनेंस ऑफ डिपार्टमेंटल एसेट्स के लिए फाइनेंशियल एलोकेशन
कैबिनेट ने डिपार्टमेंटल एसेट्स के मेंटेनेंस से संबंधित स्कीम को 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक कंटीन्यूअस ऑपरेशन के लिए 915 करोड़ 77 लाख रुपये की मंजूरी (अप्रूवल) दी है। स्कीम के अंतर्गत प्रदेश की मेडिकल इंस्टीट्यूशंस में मॉड्यूलर किचन, मॉड्यूलर ओ.टी. इत्यादि के रिपेयर वर्क्स किए जाते हैं।
न्यू डिस्ट्रिक्ट्स में सोशल जस्टिस डिपार्टमेंट के डिस्ट्रिक्ट ऑफिसेज के लिए पोस्ट्स अप्रूव्ड
कैबिनेट ने न्यूली फॉर्म्ड डिस्ट्रिक्ट्स जैसे मैहर, मऊगंज और पांढुर्णा में डिपार्टमेंट ऑफ सोशल जस्टिस एंड दिव्यांगजन एम्पावरमेंट के डिस्ट्रिक्ट ऑफिसेज ऑपरेट करने के लिए प्रत्येक जिले में डिप्टी डायरेक्टर का एक पद, असिस्टेंट ग्रेड-2 का एक पद एवं असिस्टेंट ग्रेड-3 के तीन पद सहित कुल 15 न्यू रेगुलर पोस्ट्स सृजित (क्रिएट) किए जाने तथा प्रत्येक जिले के लिए Class-IV (चतुर्थ श्रेणी) के दो-दो ह्यूमन रिसोर्सेज कुल 6 आउटसोर्सिंग से रखे जाने की मंजूरी (अप्रूवल) प्रदान की है।
डिस्ट्रिक्ट आयुष ऑफिसेज के संचालन के लिए न्यू पोस्ट्स के क्रिएशन को अप्रूवल
कैबिनेट ने न्यूली फॉर्म्ड डिस्ट्रिक्ट्स निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा एवं मैहर में डिस्ट्रिक्ट आयुष ऑफिसेज के संचालन के लिए 20 पदों के क्रिएशन की मंजूरी दी है। अप्रूवल के अनुसार चार डिस्ट्रिक्ट ऑफिसेज में डिस्ट्रिक्ट आयुष ऑफिसर के चार पद पे स्केल 15 हजार 600-39,100 - 6600 ग्रेड पे, असिस्टेंट ग्रेड-1 हेड क्लर्क के चार पद पे स्केल 5,200-20हजार 200-2800 ग्रेड पे, अकाउंटेंट (लेखापाल) के चार पद पे स्केल 5,200-20हजार 200-2,800 ग्रेड पे एवं असिस्टेंट ग्रेड-2 के चार पद पे स्केल 5,200-20हजार 200-2400 ग्रेड पे की मंजूरी दी है।
रजिस्टर्ड फार्मर्स से मूंग क्रॉप का 60 परसेंट प्रोक्योरमेंट डिसीजन अनुसमर्थित
कैबिनेट ने रबी मार्केटिंग ईयर 2026 में मूँग एवं उड़द का 1 जुलाई 2026 से प्रोक्योरमेंट के लिए चीफ मिनिस्टर के डिसीजन का अनुसमर्थन किया है। उल्लेखनीय है कि रबी वर्ष 2025-26 (मार्केटिंग ईयर 2026-27) में प्राइस सपोर्ट स्कीम के अंतर्गत समर मूंग प्रोक्योरमेंट के लिए कैबिनेट के 24 फरवरी 2026 के आदेश में रजिस्टर्ड फार्मर्स से उनकी उपज का केवल 25 परसेंट प्रोडक्शन ही प्रोक्योर करने के डिसीजन में पार्शियल अमेंडमेंट करते हुए मूंग का रजिस्टर्ड फार्मर्स से उनकी उपज का 60 परसेंट तक का प्रोक्योरमेंट किया जाने का डिसीजन लिया गया था।
रिपोर्ट: राजेश बैन/अनुराग उइके; एडिटिंग: उपदेश अवस्थी।
