MP में बैंकों की 7000 ब्रांच आज खुली रहेंगी: सोमवार से 3 दिन हड़ताल; 5 डे वीक मांग रहे देशभर के बैंककर्मी - Bhopal News
भोपाल2 घंटे पहले
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बैंक कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर कल से तीन दिन की हड़ताल पर रहेंगे।
बैंक से जुड़ा आपका कोई काम अगर पेंडिंग है तो उसे आज ही निपटा लें। रविवार की छुट्टी होने के बावजूद आज सरकारी बैंक खुलेंगे। कल से 30 सितंबर तक बैंक बंद रहेंगे क्योंकि 5 डे वीक वर्किंग की मांग को लेकर मध्य प्रदेश के 40 हजार बैंककर्मी हड़ताल पर रहेंगे।
भोपाल की 400, इंदौर की 800 और उज्जैन में 300 मिलाकर पूरे प्रदेश में बैंकों की 7 हजार ब्रांच हैं। अधिकांश शाखाओं में स्केल 3 तक अधिकारी-कर्मचारी कार्यरत हैं। स्केल-4 या इससे ऊपर के अफसर बैंकों में पहुंचेंगे जरूर, लेकिन वे बिना स्टाफ के ग्राहकों को सेवाएं नहीं दे सकेंगे।
मध्य प्रदेश में सभी बैंकों की शाखाएं आज खुली हैं।
आज बैंक नहीं खुलते तो 5 दिन असर
शनिवार और रविवार को सरकारी छुट्टी, इसके बाद तीन दिन की हड़ताल यानी, बैंक लगातार 5 दिन बंद रहते। इसके चलते रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने रविवार को भी बैंक खोलने की अनुमति दी है। इस दिन बैंक शाखाओं में तो काम होगा ही, करेंसी चेस्ट भी चालू रहेगा।
बैंककर्मियों की हड़ताल से नकद जमा-निकासी, चेक क्लियरिंग, ड्राफ्ट, पासबुक अपडेट और शाखा के दूसरे काम प्रभावित होंगे। डिजिटल सेवाएं ही जारी रहेंगी।
सितंबर में ही 3 दिन बंद रह चुके बैंक
इससे पहले भी सितंबर में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हुई थीं। 11, 12 और 13 सितंबर को हड़ताल और छुट्टी के चलते बैंकिंग कामकाज पर असर पड़ा था। अब लगातार तीन दिन की हड़ताल के कारण फिर बैंकिंग सेवाओं में रुकावट आ सकती है। एमपी में एक दिन में करीब 5500 करोड़ रुपए का बैंक लेन-देन होता है।
5 डे बैंकिंग वीक की मांग क्या है?
अभी बैंकों में महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी रहती है। बैंक यूनियन लंबे समय से हर शनिवार छुट्टी और 5 दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग कर रही हैं।
यूनियनों की मांग है कि सोमवार से शुक्रवार तक बैंक में कामकाज हो और शनिवार-रविवार को साप्ताहिक अवकाश दिया जाए। इसके बदले सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना कामकाज के समय में 40 मिनट की बढ़ोतरी का प्रस्ताव है।
यानी शनिवार की छुट्टी की भरपाई पांच कार्यदिवसों में रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम से करने का प्रस्ताव है। बैंक यूनियनों का कहना है कि इससे 5 डे वीक लागू होने के बाद भी काम के कुल घंटों में संतुलन बनाया जा सकता है।
पांच दिन के वर्किंग वीक की मांग को लेकर पूरे देश में बैंककर्मी प्रदर्शन कर रहे हैं।
ये संगठन कर रहे हड़ताल
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के को-ऑडिनेटर वीके शर्मा ने बताया कि हमसे अलग-अलग संगठन जुड़े हैं। जिनमें ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (AIBOC), नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉइज (NCBE), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA), बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI), इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस (INBOC) और इंडियन नेशनल बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन (INBEF) शामिल हैं।
बैंकों की तरफ से ग्राहकों को भेजे जा चुके मैसेज
बैंकों ने ग्राहकों को हड़ताल और उससे होने वाली परेशानी से बचने के लिए दो दिन पहले से एसएमएस भेजने शुरू कर दिए थे। बैंकों की तरफ से कहा गया कि हड़ताल की तारीखों से पहले ही महत्वपूर्ण बैंकिंग लेन-देन पूरे कर लें।
नकदी की जरूरतों के लिए एटीएम/एडीडब्ल्यूएम का उपयोग करें। ग्राहक सेवा केंद्रों (सीएसपी) का उपयोग करें। इंटरनेट बैंकिंग, योनो, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और अन्य डिजिटल माध्यमों को प्राथमिकता दें।
10 साल बाद रविवार को खुले बैंक
रविवार को बैंक खुलने का मौका 10 साल बाद आया है। इससे पहले 2016 में नोटबंदी के बाद 14 नवंबर को रविवार के दिन बैंक खुले थे।
तब पुराने 500 और 1000 के नोट बदलने, जमा करने और कैश निकालने के लिए लोग बैंकों में उमड़ पड़े थे। भीड़ संभालने के लिए सरकार ने रविवार को भी बैंक खोलने का फैसला लिया था।
ATM से कैश निकालने पर कोई चार्ज नहीं
बैंक हड़ताल के दौरान सभी सरकारी बैंकों के ATM से मंथली फ्री लिमिट खत्म होने के बाद भी कैश निकालने पर कोई चार्ज नहीं लगेगा।
RBI के नियमों के मुताबिक, अभी अपने बैंक के ATM से हर महीने 5 बार फ्री में कैश निकाल सकते हैं। दूसरे बैंक के ATM से दिल्ली, मुंबई जैसे मेट्रो शहरों में महीने में 3 बार और छोटे शहरों में 5 बार फ्री ट्रांजेक्शन की लिमिट है।
अगर आप एक महीने में लिमिट से ज्यादा बार ATM से कैश निकालते हैं, तो हर बार ₹23 + GST चार्ज कटता है। इसके अलावा जब आप ATM का इस्तेमाल करते हैं, तो बैंक भी एक-दूसरे को फीस देते हैं- कैश निकालने पर 19 रुपए और बैलेंस चेक करने पर 7 रुपए।
PLI स्कीम को लेकर भी सरकार और यूनियंस आमने-सामने
हफ्ते में 5 दिन काम के अलावा बोनस (PLI) के नियमों को लेकर भी विवाद चल रहा है। सरकार ने बड़े अधिकारियों जैसे स्केल-4 और उससे ऊपर के अफसरों के लिए बोनस का एक नया नियम लागू किया है।
इसके तहत अच्छा काम करने वाले अफसरों को 365 दिन की बेसिक सैलरी के बराबर इंसेंटिव या बोनस मिल सकता है। बैंक यूनियनें इस बात का भी विरोध कर रही हैं।
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