July 11, 2026

MP में ₹1200 करोड़ का 'चावल घोटाला'! खड़गे का भाजपा पर तीखा हमला, बोले- कुपोषित बच्चों के निवाले पर डाला डाका| Navbharat Live

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सार

MP Rice Scam: एमपी में ₹1200 करोड़ का कथित चावल घोटाला, खड़गे का तीखा हमला कहा-कुपोषित बच्चों के फोर्टिफाइड अनाज को एथेनॉल के नाम पर माफिया ने लूटा, फोरेंसिक ऑडिट की मांग।

Congress claims irregularities in rice distribution and raises concerns over welfare schemes in MP

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (सौजन्य- सोशल मीडिया)

विस्तार

Mallikarjun Kharge Target BJP On Rice Scam: मध्य प्रदेश में एथेनॉल उत्पादन के नाम पर सरकारी चावल में हुए कथित ₹1200 करोड़ के एक बड़े घोटाले को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार को आड़े हाथों लिया है। खड़गे ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश आज भाजपा सरकार के संरक्षण में भ्रष्टाचार और लूट का मुख्य केंद्र बन चुका है, जहां एक घोटाला खत्म होने से पहले ही दूसरा सामने आ जाता है।

कुपोषित बच्चों और गर्भवती महिलाओं के हक पर डाका

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, “जिस फोर्टिफाइड चावल का इस्तेमाल प्रदेश के कुपोषित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और किशोरियों को एनीमिया और कुपोषण से बचाने के लिए होना था, उसे मुनाफे के गंदे खेल में झोंक दिया गया।” खड़गे ने आरोप लगाया कि राइस मिलरों, एथेनॉल माफिया और भाजपा सरकार के तंत्र की मिलीभगत से जनता के हक के अनाज पर खुलेआम डाका डाला जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा एनीमिया से बचाव के लिए विटामिन और मिनरल्स युक्त फोर्टिफाइड चावल (जिसकी बाजार कीमत करीब ₹4,000 प्रति क्विंटल है) को एथेनॉल प्लांट्स के लिए महज ₹2,320 प्रति क्विंटल की रियायती दर पर दिया जा रहा था। गोदामों में चावल: पड़ताल के अनुसार, करीब 5 लाख मीट्रिक टन (50 लाख क्विंटल) सरकारी चावल आवंटित किया गया था। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें से अधिकांश चावल का इस्तेमाल एथेनॉल बनाने में हुआ ही नहीं।

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घोटाले का तरीका

माफिया और मिलरों ने इस सस्ते चावल को एथेनॉल प्लांट में खपाने के बजाय, हेराफेरी करके दोबारा सरकारी गोदामों तक पहुंचा दिया और ऊंचे दामों का मुनाफा कमाया। इस पूरे कथित घोटाले की कुल कीमत करीब ₹1,160 करोड़ से ₹1,200 करोड़ के बीच आंकी गई है।

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