Wed, 05 Aug 2026 10:57 AM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शोभित चतुर्वेदी Updated Wed, 05 Aug 2026 10:57 AM IST
सार
भारतीय टीम से बाहर चल रहे तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने वंदे मातरम् पढ़ने या गाने का समर्थन किया है। शमी का कहना है कि इससे किसी को दिक्कत नहीं होनी चाहिए और सरकार का नियम सभी को मानना चाहिए।
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मोहम्मद शमी - फोटो : BCCI
विस्तार
पिछले कुछ समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी वंदे मातरम् के समर्थन में उतर गए हैं। शमी का कहना है कि वंदे मातरम् पढ़ने या गाने से उन्हें कोई ऐतराज नहीं है। हाल ही में राज्यसभा ने राष्ट्रीय सम्मान का अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित कर दिया। इस संशोधन के बाद अब राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' को भी कानूनी संरक्षण मिलेगा।
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वंदे मातरम् में बाधा डालना अब आपराधिक अपराध
विधेयक के अनुसार, राष्ट्रीय गीत का जानबूझकर अपमान करना या उसके गायन में बाधा डालना अब आपराधिक अपराध माना जाएगा। यह विधेयक विपक्ष के विरोध और हंगामे के बीच पारित हुआ था। सरकार का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े प्रतीकों को कानूनी सुरक्षा देने की दिशा में उठाया गया है। यह संशोधन राष्ट्रीय सम्मान का अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के दायरे का विस्तार करता है। अभी तक इस कानून के तहत राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान 'जन गण मन' को कानूनी संरक्षण प्राप्त था। अब इसमें राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' को भी शामिल कर लिया गया है।
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वायरल हो रहा शमी का बयान
शमी पिछले कुछ वर्षों से भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं। उन्हें 15 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भी भारतीय टीम में शामिल नहीं किया गया है। इस बीच, शमी का वंदे मातरम् को लेकर दिया बयान काफी वायरल हो रहा है जिससे वह एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। एक साक्षात्कार के दौरान शमी से वंदे मातरम् को लेकर सवाल पूछा गया। इस पर शमी ने कहा, हमारे दीन और ईमान में भी है कि सरकार किसी नियम को लागू करती है तो उसको मानना आपका फर्ज है। इसमें धर्म या जात से कोई फर्क नहीं पड़ता।
शमी ने जय हिंद और भारत माता की जय के नारों पर भी बेबाकी से अपनी राय रखी। शमी ने कहा, कोई कहता है कि जय हिंद कहने में दिक्कत है। किसको दिक्कत है? मुझे तो नहीं लगता कि होनी चाहिए। अगर मैं भारत माता की जय कहता हूं तो क्या बिगड़ जाएगा। मैं तो कहता हूं कि इन चीजों से क्या फर्क पड़ जाना है। मेरे सामने तो ऐसी चीजें बहुत बार आ चुकी हैं। मुझे किसी का डर नहीं है। सीधी सी बात है कि सरकार और कानून जो कहता है उसे मानो। उसमें किसी को क्या दिक्कत होनी चाहिए।
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