August 5, 2026

Mobile Habit Side Effects: मोबाइल दिखाकर खाना खिलाने से बच्चे को कब्ज का खतरा! जानें कैसे?

Mobile Habit Side Effects: मोबाइल दिखाकर खाना खिलाने से बच्चे को कब्ज का खतरा! जानें कैसे?

बच्चों में मोबाइल की लतImage Credit source: Getty Images

बच्चे को सिर्फ मोबाइल दिखाकर खाना खिलाने की आदत आजकल सबसे आम हो गई है. 1 साल का बच्चा भी गोद में लेटा हुआ फोन देखता है और फिर चीजों को खाता है. इस बुरी आदत के पीछे कारण पेरेंट्स ही है. लेकिन बच्चा जब बड़ा होने लगता है तो उसमें ऐसे खाना खाने की जिद्द आ जाती है. माता-पिता मजबूर होकर उन्हें स्क्रीन देखते हुए चीजें खिलाते हैं. इस आदत का नुकसान न सिर्फ आंखों और दिमाग को होता है बल्कि पाचन तंत्र पर भी बुरा असर पड़ता है.

इसको लेकर ऐसा भी कहा जाता है कि मोबाइल देखते हुए बच्चे को खाना खिलाने से कब्ज भी हो सकती है. हालांकि इसका कोई सांइटिफिक प्रूफ नहीं है लेकिन ये आदत कहीं न कहीं कब्ज के खतरे को बढ़ाती है. जानें कैसे..

बच्चों में कब्ज की शिकायत

अगर बच्चा इस तरह खाना खाता है तो उसे पानी पीने की मात्रा और कितना चबाना है ये पता नहीं चल पाता है. इसके अलावा आजकल के बच्चे प्रोसेस्ड या दूसरे फूड्स के इस कदर आदी होते हैं कि फाइबर भी कम लेते हैं. ऐसे में उन्हें कब्ज की शिकायत का होना लाजमी है.

मोबाइल और कब्ज के बीच कनेक्शन?

माइंडफुल ईटिंग न कर पाना- मोबाइल या टीवी में देखते हुए खाने से बच्चे का ध्यान स्क्रीन पर ही होता है. ऐसे में कितना खाना है और कब पेट भर गया है ये संकेत उसे नहीं मिल पाते. ऐसे में खाने का पैटर्न बिगड़ता है और बैलेंस डाइट नहीं मिल पाती है. ऐसे में बच्चा माइंडफुल ईटिंग नहीं कर पाता.

कम पानी पीना- कब्ज से बचने के लिए पानी सबसे बेस्ट तरीका है. बच्चा जब स्क्रीन में बिजी होता है तो कम पानी पीता है और इस वजह से उसे कब्ज की शिकायत हो सकती है.

देर तक एक ही जगह बैठना- मोबाइल या टीवी देखते हुए बच्चे काफी देर तक एक ही जगह बैठे रहते हैं. वैसे ये कब्ज की बड़ी वजह है ये कहा नहीं जा सकता लेकिन इस आदत से ये समस्या बढ़ सकती है. आजकल बच्चे अपने दिन का काफी टाइम फोन को देखने या यूज करने में बिताते हैं. ऐसे में फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है और बच्चे को कब्ज समेत दूसरी हेल्थ प्रॉब्लम्स होने लगती हैं.

बच्चों में कब्ज के दूसरे कारण

बच्चों में कब्ज के होने का अहम कारण फाइबर कम लेना है. जंक या प्रोसेस्ड फूड को ही खाना, कुछ बच्चों की रोज की आदत बन जाती है. ऐसे में हरी सब्जियां और दूसरी फाइबर वाली चीजें न खाने के चलते कब्ज होने लगती है.

बच्चों का फिजिकली एक्टिव न रहना भी उन्हें कम उम्र में कई हेल्थ प्रॉब्लम्स का शिकार बना रहा है. बच्चे अनहेल्दी वेट गेन कर रहे हैं और धीरे-धीरे मोटापे की शिकायत हो जाती है.

मनीष रायसवाल

मनीष रायसवाल

मनीष रायसवाल वर्तमान में टीवी9 डिजिटल में लाइफस्टाइल बीट पर बतौर टीम लीड काम कर रहे हैं. मनीष के करियर की शुरुआत साल 2015 से इंडिया न्यूज के डिजिटल प्लेटफार्म Inkhabar के साथ बतौर सब एडिटर हुई थी. अलग-अलग पड़ावों को पार करते हुए इन्होंने इंडिया न्यूज, अमर उजाला और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया है. 2009 से 2012 के बीच जामिया मिलिया इस्लामिया से बीए ऑनर्स मास मीडिया में ग्रेजुएशन और 2012-13 के बीच देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (दिल्ली) से डिप्लोमा करने के बाद मनीष पत्रकारिता से जुड़े हैं. मनीष लाइफस्टाइल के अलावा, हेल्थ, सोशल, वुमेन और बाल विकास और ट्रैवलिंग जैसे विषयों पर लिखना पसंद करते हैं. लाइफस्टाइल से जुड़े ज्यादातर टॉपिक्स पर इन्हें नई चीजें सीखने का शौक है.

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