September 23, 2026

MLC चुनाव; BJP-JDU क्यों घोषित नहीं कर पा रही कैंडिडेट: क्या अनंत सिंह के कारण सस्पेंस, महागठबंधन में बिगड़ी बात, जनसुराज का सवर्णों पर दांव - Bihar News

विधान परिषद की खाली हो रही 8 सीटों के लिए अक्टूबर में चुनाव होना है। सितंबर के आखिरी सप्ताह में चुनाव की घोषणा संभव है। 16 नवंबर को स्नातक और शिक्षक कोटे की 8 सीटों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। सभी पार्टियां अपनी जीत तय करने के लिए दांव चलने शुरू कर द

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मुख्य विपक्षी पार्टी राजद ने एक सप्ताह पहले ही अपने कैंडिडेट की घोषणा कर दी। जनसुराज ने भी 5 सीटों पर उम्मीदवार उतार दिए हैं। इस मोर्चे पर सत्ताधारी JDU और ‌BJP पिछड़ती दिख रही है। अभी तक दोनों पार्टियों में से किसी ने अपने कैंडिडेट की घोषणा नहीं की है।

NDA अपने कैंडिडेट की घोषणा क्यों नहीं कर रही है? महागठबंधन की बात कहां बिगड़ी और प्रशांत किशोर ने क्या रणनीति अपनाई है? पढ़िए स्पेशल रिपोर्ट…।

‌BJP के प्रदेश अध्यक्ष बिजी, JDU बोली घोषणा जल्द

MLC चुनाव में सीट शेयरिंग और कैंडिडेट की घोषणा में देरी का कारण जानने के लिए हमने सबसे पहले BJP के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई।

वहीं, JDU के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने भास्कर को बताया, 'दोनों पार्टियों की टॉप लीडरशिप ने इस पर मंथन कर लिया है। सीट और कैंडिडेट पर लगभग सहमति बन गई है। जल्द ही इसकी घोषणा भी हो जाएगी।’

NDA के संभावित कैंडिडेट फील्ड में उतरे

JDU स्नातक कोटे की तिरहुत और पटना, शिक्षक कोटे की सारण और दरभंगा सीट पर लड़ने की तैयारी कर रही है। BJP स्नातक कोटे की कोसी, दरभंगा और शिक्षक कोटे की पटना और तिरहुत सीट पर लड़ने की तैयारी कर रही है। अब तक औपचारिक ऐलान नहीं हुआ है। पार्टी के उम्मीदवार अपने चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं। सभी अपने-अपने इलाके में चुनाव प्रचार कर रहे हैं।

पटना स्नातक सीट से मौजूदा MLC नीरज कुमार का चुनाव लड़ना लगभग तय है। अभिषेक झा की उम्मीदवारी की घोषणा खुद निशांत कुमार ने अपने मुजफ्फरपुर दौरे के दौरान की थी।

बिहार सरकार के मंत्री और JDU के सीनियर नेता अशोक चौधरी ने सारण में पुष्कर आनंद के नाम की घोषणा की थी। अभी तक दरभंगा शिक्षक सीट से दिलीप चौधरी रेस में आगे बताए जा रहे हैं।

BJP की तरफ से कोसी स्नातक से एनके यादव, पटना शिक्षक से नवल यादव और दरभंगा स्नातक से सर्वेश यादव का नाम लगभग फाइनल माना जा रहा है। वहीं, तिरहुत शिक्षक से नरेंद्र सिंह पर पार्टी एक बार फिर दांव लगा सकती है।

8 में 4 सीटें NDA के पास

जिन 8 सीटों पर चुनाव होने हैं उनमें से 4 पर BJP और JDU का कब्जा है। बाकी 4 में से कांग्रेस और CPI के एक-एक MLC हैं। एक MLC जनसुराज के समर्थन से जीते थे। एक निर्दलीय हैं। ऐसे में JDU और BJP के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी सिटिंग सीटें बचाने की है।

JDU के दो लीडर के टकराव से बढ़ा सस्पेंस

चुनाव से पहले JDU के दो सवर्ण नेता आमने-सामने हो गए हैं। JDU के मोकामा विधायक अनंत सिंह ने ऐलान किया है कि वे पटना स्नातक से मौजूदा MLC नीरज कुमार को हराने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देंगे। दोनों के टकराव पर पार्टी के नेता कुछ भी खुल कर बोलने से बच रहे हैं।

इस संबंध में पूछे जाने पर JDU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा, ‘अभी कैंडिडेट की घोषणा हो जाने दीजिए, इसके बाद इस पर आगे बात करेंगे।’ राजीव रंजन की इस बात से सस्पेंस बढ़ गया है।

कांग्रेस बिगाड़ सकती है RJD का खेल

RJD ने गठबंधन धर्म का पालन करते हुए 8 में से 6 सीट पर कैंडिडेट उतारे हैं। तिरहुत शिक्षक और दरभंगा शिक्षक सीट सहयोगी और सिटिंग कांग्रेस और CPI के लिए छोड़ दिया है।

कांग्रेस चुनाव में RJD के खिलाफ अपने कैंडिडेट उतारने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस का आरोप है कि कैंडिडेट की घोषणा से पहले RJD ने कांग्रेस को तवज्जो नहीं दी।

फिलहाल कांग्रेस के मदन मोहन झा दरभंगा शिक्षक सीट से जीते हुए हैं। अब पार्टी सभी 8 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। हालांकि, स्टेट लीडरशिप के इस फैसले को टॉप लीडरशिप की सहमति मिलनी बाकी है।

जनसुराज का सवर्णों पर दांव

बांकीपुर उपचुनाव जीतने के बाद जनसुराज ने विधान परिषद की 8 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। अपनी पहली लिस्ट में 5 कैंडिडेट की घोषणा की है। इनमें तीन सवर्ण एक ओबीसी और एक अल्पसंख्यक हैं।

जिन तीन सीटों पर कैंडिडेट के नाम को होल्ड किया गया है, उनमें संभावित दो कैंडिडेट सवर्ण कैटेगरी के हैं। ऐसे में 8 में 5 सीटों पर पार्टी सवर्ण चेहरे पर दांव लगा रही है।