Sep 11, 2026 06:54 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

याचिका के अनुसार, मुंबई के बोरीवली स्थित अतिरिक्त महानगर दंडाधिकारी की अदालत ने एक सितंबर को कप्पन को चारों चेक बाउंस होने के मामलों में दोषी ठहराया और कुल साढ़े तीन साल जेल की सजा सुनाई।

पाला से विधायक मणि सी कप्पन को अयोग्य ठहराए जाने का अनुरोध किया गया है।
एक नहीं, चार-चार चेक बाउंस करने के मामले में केरल के एक विधायक को दोषी ठहराया गया था। अब उनकी सदस्यता भी जा सकती है। हाईकोर्ट में शुक्रवार को एक याचिका दायर की गई। इसमें पाला से विधायक मणि सी कप्पन को अयोग्य ठहराए जाने का अनुरोध किया गया। यह याचिका मुंबई की एक अदालत द्वारा चार चेक के बाउंस होने से जुड़े मामलों में उन्हें दोषी ठहराए जाने और सजा सुनाए जाने के बाद दायर की गई है।
रिट याचिका दिनेश मेनन ने दायर की है, जिन्होंने कप्पन के खिलाफ चार चेक के बाउंस होने पर मामला दर्ज कराया था। याचिका के अनुसार, मुंबई के बोरीवली स्थित अतिरिक्त महानगर दंडाधिकारी की अदालत ने एक सितंबर को कप्पन को चारों चेक बाउंस होने के मामलों में दोषी ठहराया और कुल साढ़े तीन साल जेल की सजा सुनाई।
कितनी राशि के चेक?
याचिका में कहा गया कि ये सजाएं एक के बाद एक चलनी थीं। ये चारों मामले 19 नवंबर, 2013 को हुए एक समझौते और उसके बाद जारी किए गए चेक से जुड़े हैं। याचिका के अनुसार, चेक की राशि क्रमश: 75 लाख रुपये, एक करोड़ रुपये, एक करोड़ रुपये और 50 लाख रुपये थी।
याचिकाकर्ता ने कहा कि उसने कप्पन की अयोग्यता की मांग को लेकर आठ सितंबर को केरल विधानसभा अध्यक्ष को एक आवेदन सौंपा था। उन्होंने नौ सितंबर को आवेदन की मूल प्रति और प्रमाणित प्रतियां विधानसभा अध्यक्ष के निजी सचिव को सौंप दी थीं। याचिका में दावा किया गया कि निजी सचिव ने उन्हें बताया कि अध्यक्ष 28 सितंबर से पहले तिरुवनंतपुरम नहीं लौटेंगे।
विधानसभा अध्यक्ष को प्रतिवेदन
याचिकाकर्ता ने कहा कि संवैधानिक पदाधिकारी होने के नाते विधानसभा अध्यक्ष को प्रतिवेदन पर विचार कर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि अयोग्यता तय करते समय लगातार चलने वाली सजाओं की कुल अवधि को ध्यान में रखा जाना चाहिए। इसके लिए उन्होंने समान मामलों में उच्चतम न्यायालय की टिप्पणियों का हवाला दिया।
याचिकाकर्ता ने कप्पन को एक सितंबर से पाला विधानसभा क्षेत्र के विधायक पद के प्रति अयोग्य ठहराने, सीट को रिक्त घोषित करने और उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू करने के लिए निर्वाचन आयोग को निर्देश देने का अनुरोध किया है। राज्य सरकार, भारत निर्वाचन आयोग, केरल विधानसभा अध्यक्ष और कप्पन को याचिका में प्रतिवादी बनाया गया है। याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई के लिए विचार किया जाएगा।